खड़गे कांग्रेस के लिए 'राजनीतिक बोझ': वायरल वीडियो पर शिवसेना नेता संजय निरुपम का तीखा हमला
सारांश
मुख्य बातें
शिवसेना प्रवक्ता संजय निरुपम ने 2 नवंबर 2026 को कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे पर तीखा हमला बोलते हुए उन्हें पार्टी के लिए 'राजनीतिक बोझ' करार दिया। रामलीला मैदान में खड़गे के भाषण के दौरान कार्यकर्ताओं के शोर-शराबे से जुड़े वायरल वीडियो के संदर्भ में निरुपम ने यह टिप्पणी की। उन्होंने यह भी कहा कि जब कांग्रेस के अपने कार्यकर्ता ही अध्यक्ष का भाषण सुनने में रुचि नहीं दिखाते, तो देश की जनता उनकी बात कैसे मानेगी।
वायरल वीडियो और खड़गे पर निशाना
वायरल वीडियो में मल्लिकार्जुन खड़गे कार्यकर्ताओं से बार-बार चुप रहने की अपील करते दिखाई दे रहे हैं और यह भी कहते सुनाई दे रहे हैं कि यदि शोर नहीं रुका तो वह पूरे एक घंटे तक भाषण देते रहेंगे। निरुपम ने इस वीडियो को आधार बनाते हुए कहा कि खड़गे के भाषणों में 'न प्रभाव है, न दम।' उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस नेता खड़गे की छवि सुधारने की कोशिश में लगे हैं, लेकिन आम नागरिकों और कार्यकर्ताओं के बीच उनकी स्वीकार्यता कमज़ोर बनी हुई है। पटना में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लेकर खड़गे की एक टिप्पणी का हवाला देते हुए निरुपम ने कहा कि उसके बाद उनकी लोकप्रियता में और गिरावट आई।
अजित पवार गुट की अमित शाह से मुलाकात पर प्रतिक्रिया
अजित पवार के नेतृत्व वाली राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) के छह वरिष्ठ नेताओं की केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से हुई मुलाकात पर उठ रहे सवालों को निरुपम ने खारिज किया। उनका कहना था कि सोशल मीडिया पर इस मुलाकात को लेकर अनावश्यक चर्चा हो रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि NCP राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) का हिस्सा है और गठबंधन सहयोगियों का भारतीय जनता पार्टी (BJP) के वरिष्ठ नेताओं से मिलना एक सामान्य राजनीतिक प्रक्रिया है। उन्होंने कहा कि बैठक में महाराष्ट्र के राजनीतिक हालात या केंद्र सरकार से जुड़े मुद्दों पर चर्चा हुई हो सकती है, और बैठक में किसकी उपस्थिति थी किसकी नहीं, इस पर अत्यधिक अर्थ निकालना उचित नहीं है।
पटाखा परंपरा और दिया मिर्जा पर आरोप
बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) के पटाखे-विरोधी अभियान और अभिनेत्री दिया मिर्जा के इस संदर्भ में विरोध पर निरुपम ने तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि दिवाली पर पटाखे फोड़ना और रोशनी से घर-मोहल्ले को सजाना सदियों पुरानी परंपरा है। निरुपम ने दिया मिर्जा से सवाल किया कि क्या उन्होंने कभी अपने समुदाय की धार्मिक गतिविधियों पर भी इसी तरह सवाल उठाए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि अभिनेत्री दूसरों के धार्मिक मामलों में दखल दे रही हैं।
BMC के नियम और निरुपम का रुख
निरुपम ने स्पष्ट किया कि मुंबई हाईकोर्ट के निर्देशों के तहत पटाखे फोड़ने को लेकर नियम तय किए गए हैं। उनका कहना था कि दिवाली अवश्य मनाई जानी चाहिए और जो लोग परंपरा के अनुसार पटाखे फोड़ना चाहते हैं, वे निर्धारित मर्यादा में अपने परिसर में ऐसा कर सकते हैं। त्योहार की परंपराओं के साथ आवश्यक सीमाओं का पालन भी जरूरी है, यह उनका पक्ष रहा।
राजनीतिक संदर्भ
यह टिप्पणी ऐसे समय में आई है जब महाराष्ट्र में विधानसभा चुनावों की सरगर्मी बढ़ रही है और NDA तथा विपक्ष के बीच बयानबाजी तेज़ हो गई है। गौरतलब है कि खड़गे का वायरल वीडियो पहले से ही सोशल मीडिया पर चर्चा का केंद्र बना हुआ था, और निरुपम की इस प्रतिक्रिया ने राजनीतिक बहस को और तेज़ कर दिया है। आने वाले दिनों में कांग्रेस की ओर से इस पर जवाब आने की संभावना है।