केटीआर का मोदी सरकार पर हमला: नीट लीक और युवाओं की आकांक्षाओं से 'विश्वासघात' का आरोप
सारांश
मुख्य बातें
भारत राष्ट्र समिति (बीआरएस) के कार्यकारी अध्यक्ष के.टी. रामाराव (केटीआर) ने 24 जुलाई को हैदराबाद के इंदिरा पार्क में एक विशाल युवा सभा को संबोधित करते हुए मोदी सरकार पर लाखों छात्रों और बेरोज़गार युवाओं की आकांक्षाओं के साथ 'विश्वासघात' करने का गंभीर आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार बार-बार सामने आई परीक्षा अनियमितताओं की नैतिक जिम्मेदारी लेने से लगातार इनकार कर रही है।
मुख्य घटनाक्रम
केटीआर इस अवसर पर नई दिल्ली में विरोध प्रदर्शन कर रहे छात्रों के साथ एकजुटता जताने के लिए हैदराबाद में एकत्र हुए युवाओं से मुखातिब हुए। उन्होंने नीट परीक्षा प्रश्नपत्र लीक कांड को देश के शैक्षणिक तंत्र की सबसे बड़ी विफलताओं में से एक बताया और कहा कि इसके लिए जिम्मेदार लोगों को अब तक जवाबदेह नहीं ठहराया गया है।
उन्होंने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का नाम लेकर उनका इस्तीफ़ा माँगा और कहा कि परीक्षा प्रणाली में बार-बार हुई चूक की नैतिक जिम्मेदारी उन पर सीधे आती है।
सरकार पर दमन का आरोप
केटीआर ने आरोप लगाया कि देश में एक खतरनाक प्रवृत्ति उभर रही है — जहाँ विफलताओं के लिए जिम्मेदार लोगों के बजाय जवाबदेही माँगने वाले छात्रों को निशाना बनाया जा रहा है। उन्होंने केंद्र सरकार से आग्रह किया कि वह आंदोलनकारी छात्रों के साथ दमन और धमकी की जगह सार्थक संवाद स्थापित करे।
उन्होंने कहा, 'युवाओं की आवाज को बल या भय से नहीं दबाया जा सकता — लोकतांत्रिक असहमति को कुचलने का हर प्रयास इस आंदोलन को और मज़बूत करेगा।'
नेपाल-श्रीलंका का संदर्भ और युवाओं को संदेश
केटीआर ने नेपाल और श्रीलंका का उदाहरण देते हुए कहा कि जब युवा एकजुट होते हैं तो वे सरकारों को बदलने की ताकत रखते हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को सीधे संबोधित करते हुए कहा कि वे 'जेनरेशन ज़ी' और देश के युवाओं को कम न आँकें, क्योंकि भारत की राजनीतिक आवाज़ तेज़ी से बदल रही है और विचारों की एक नई पीढ़ी देश की दिशा तय करने को तैयार है।
उन्होंने युवाओं का आह्वान किया कि वे अपने संघर्ष में एकजुट और लोकतांत्रिक रहें, क्योंकि यह लड़ाई महज प्रश्नपत्र लीक के विरुद्ध नहीं, बल्कि न्याय, जवाबदेही और भारतीय युवाओं के भविष्य के लिए है।
रेवंत रेड्डी पर निशाना
केटीआर ने तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी पर भी निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि रेड्डी केंद्र की विफलताओं से जनता का ध्यान भटकाने के लिए भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) से टकराव से बचते हुए बीआरएस को राजनीतिक लाभ के लिए निशाना बना रहे हैं। उन्होंने इसे 'दोहरे मापदंड' की राजनीति करार दिया।
आगे क्या
बीआरएस की यह सभा उस व्यापक राष्ट्रीय आंदोलन का हिस्सा है जो नीट प्रश्नपत्र लीक और परीक्षा प्रणाली में सुधार की माँग को लेकर देशभर में उठ रहा है। केटीआर ने स्पष्ट किया कि जब तक केंद्र सरकार छात्रों की माँगों पर ठोस कार्रवाई नहीं करती, यह आंदोलन जारी रहेगा।