मध्य प्रदेश: CM मोहन यादव का निर्देश — 30 जून तक पैक्स में जोड़े जाएँ 10 लाख नए सदस्य

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मध्य प्रदेश: CM मोहन यादव का निर्देश — 30 जून तक पैक्स में जोड़े जाएँ 10 लाख नए सदस्य

सारांश

मुख्यमंत्री मोहन यादव ने भोपाल में सहकारिता विभाग की समीक्षा बैठक में 30 जून तक पैक्स में 10 लाख नए सदस्य जोड़ने का निर्देश दिया। 4,536 पैक्स पूरी तरह कंप्यूटरीकृत, 3 राष्ट्रीय सहकारी समितियों से एमओयू, और अगले 3 साल में सभी कमजोर जिला बैंकों के सुदृढ़ीकरण का लक्ष्य।

मुख्य बातें

CM मोहन यादव ने 30 जून 2026 तक पैक्स सदस्यता अभियान के तहत 10 लाख नए सदस्य जोड़ने का निर्देश दिया।
वर्ष भर में सवा लाख नए KCC (किसान क्रेडिट कार्ड) स्वीकृत करने का लक्ष्य निर्धारित।
प्रदेश की सभी 4,536 पैक्स कंप्यूटरीकृत; मोबाइल ऐप लेन-देन जल्द शुरू होगा।
18 कमजोर जिला बैंकों में से 6 की आर्थिक स्थिति में ढाई वर्षों में सुधार; अगले 3 साल में शेष बैंकों के सुदृढ़ीकरण का लक्ष्य।
गत 2 वर्षों में बीज उत्पादक समितियों ने 14 लाख क्विंटल प्रमाणित बीज का उत्पादन एवं विपणन किया।
BBSSL के साथ एमओयू से ₹17 करोड़ का व्यवसाय; NCOL और NCEL के साथ साझेदारी में क्रमशः 1,335 और 1,612 पैक्स ने सदस्यता ली।

मुख्यमंत्री मोहन यादव ने गुरुवार, 21 मई 2026 को भोपाल स्थित मंत्रालय में सहकारिता विभाग की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए निर्देश दिया कि प्राथमिक कृषि साख समितियों (पैक्स) के लिए चल रहा सदस्यता अभियान 30 जून 2026 तक जारी रखा जाए और इसके तहत 10 लाख नए सदस्य जोड़े जाएँ। 14 अप्रैल से शुरू इस अभियान को गति देने के साथ ही उन्होंने वर्ष भर में सवा लाख नए किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) स्वीकृत करने का लक्ष्य भी निर्धारित किया।

बैठक में कौन रहे उपस्थित

समीक्षा बैठक में सहकारिता मंत्री विश्वास कैलाश सारंग, मुख्य सचिव अनुराग जैन और प्रमुख सचिव डी.पी. आहूजा उपस्थित रहे। बैठक में विभाग की पिछले ढाई वर्षों की उपलब्धियों और आगामी लक्ष्यों पर विस्तृत चर्चा हुई।

जिला सहकारी बैंकों का सुदृढ़ीकरण

मुख्यमंत्री ने जिला सहकारी केंद्रीय बैंकों के सुदृढ़ीकरण की दिशा में हुई प्रगति की सराहना की और निर्देश दिया कि अगले 3 वर्षों में सभी कमजोर जिला सहकारी बैंकों को मजबूत किया जाए। बैठक में बताया गया कि गत ढाई वर्षों में 18 कमजोर जिला बैंकों में से 6 की आर्थिक स्थिति में सुधार हो चुका है।

शासकीय अंश पूंजी सहायता से रीवा, सतना, जबलपुर, शिवपुरी, ग्वालियर और दतिया के जिला बैंकों को सुदृढ़ किया जा रहा है। अगले चरण में भिंड, मुरैना, रायसेन, सागर, सीधी और नर्मदापुरम के बैंकों के सुदृढ़ीकरण का कार्य प्रस्तावित है।

डिजिटल बदलाव: मोबाइल ऐप से लेन-देन की तैयारी

मुख्यमंत्री ने पैक्स की लेन-देन प्रक्रिया को मोबाइल ऐप के माध्यम से सुलभ बनाने पर जोर दिया। बैठक में बताया गया कि प्रदेश की सभी 4,536 पैक्स को केंद्र प्रायोजित कंप्यूटराइजेशन योजना के तहत पूरी तरह कंप्यूटरीकृत किया जा चुका है। शत-प्रतिशत कंप्यूटराइजेशन के मामले में मध्य प्रदेश देश में अग्रणी राज्यों में है। जल्द ही मोबाइल ऐप के जरिए भी लेन-देन संभव हो सकेगा।

बीज उत्पादन और दुग्ध समितियों की उपलब्धियाँ

बैठक में बताया गया कि बीज उत्पादक सहकारी संस्थाओं के माध्यम से गत 2 वर्षों में 14 लाख क्विंटल प्रमाणित बीज का उत्पादन एवं विपणन किया गया है। इसके अलावा 1,102 नई दुग्ध समितियों का गठन कर कुल 5,562 दुग्ध समितियाँ सक्रिय की गई हैं। वित्तीय समावेशन के तहत 76,000 सदस्यों के खाते जिला सहकारी बैंकों में खोले गए हैं।

राष्ट्रीय सहकारी समितियों के साथ साझेदारी

राष्ट्रीय स्तर पर नवगठित तीन सहकारी समितियों के साथ मध्य प्रदेश ने महत्वपूर्ण साझेदारी की है। भारतीय बीज सहकारी समिति लिमिटेड (BBSSL) के साथ प्रदेश के सहकारी बीज संघ ने एमओयू किया, जिससे ₹17 करोड़ का व्यवसाय और 844 पैक्स की सदस्यता प्राप्त हुई। राष्ट्रीय सहकारी ऑर्गेनिक लिमिटेड (NCOL) के साथ एमओयू से 1,335 पैक्स और राष्ट्रीय सहकारी निर्यात लिमिटेड (NCEL) के साथ समझौते में 1,612 पैक्स ने सदस्यता प्राप्त की। यह साझेदारी प्रदेश की सहकारी संस्थाओं को राष्ट्रीय बाज़ार से जोड़ने की दिशा में एक ठोस कदम है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली परीक्षा क्रियान्वयन की गति में है। 18 में से केवल 6 कमजोर बैंकों में ढाई साल में सुधार यह संकेत देता है कि प्रक्रिया धीमी है और बाकी 12 बैंकों को 3 साल में पटरी पर लाना महत्वाकांक्षी लक्ष्य है। 4,536 पैक्स का शत-प्रतिशत कंप्यूटराइजेशन निश्चित रूप से उल्लेखनीय है, पर मोबाइल ऐप लेन-देन अभी 'जल्द' के वादे पर है — बिना समयसीमा के। ग्रामीण किसानों तक सहकारिता का वास्तविक लाभ तभी पहुँचेगा जब डिजिटल बुनियादी ढाँचे के साथ वित्तीय साक्षरता और कनेक्टिविटी भी सुनिश्चित हो।
RashtraPress
22 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पैक्स सदस्यता अभियान क्या है और यह कब तक चलेगा?
पैक्स (प्राथमिक कृषि साख समितियाँ) सदस्यता अभियान 14 अप्रैल 2026 से शुरू हुआ है और CM मोहन यादव के निर्देश पर इसे 30 जून 2026 तक जारी रखा जाएगा। इस अभियान का लक्ष्य 10 लाख नए सदस्य जोड़ना है।
मध्य प्रदेश में कितनी पैक्स कंप्यूटरीकृत हैं?
प्रदेश की सभी 4,536 पैक्स को केंद्र प्रायोजित कंप्यूटराइजेशन योजना के तहत पूरी तरह कंप्यूटरीकृत किया जा चुका है। शत-प्रतिशत कंप्यूटराइजेशन के मामले में मध्य प्रदेश देश में अग्रणी राज्यों में शामिल है।
कमजोर जिला सहकारी बैंकों के सुदृढ़ीकरण की क्या स्थिति है?
18 कमजोर जिला सहकारी बैंकों में से 6 की आर्थिक स्थिति ढाई वर्षों में सुधरी है। अगले चरण में रीवा, सतना, जबलपुर, शिवपुरी, ग्वालियर और दतिया के बाद भिंड, मुरैना, रायसेन, सागर, सीधी और नर्मदापुरम के बैंकों का सुदृढ़ीकरण किया जाएगा।
राष्ट्रीय सहकारी समितियों के साथ मध्य प्रदेश के एमओयू से क्या हासिल हुआ?
BBSSL के साथ एमओयू से ₹17 करोड़ का व्यवसाय और 844 पैक्स की सदस्यता मिली। NCOL के साथ 1,335 पैक्स और NCEL के साथ 1,612 पैक्स ने सदस्यता प्राप्त की, जिससे प्रदेश की सहकारी संस्थाएँ राष्ट्रीय बाज़ार से जुड़ रही हैं।
किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) का नया लक्ष्य क्या है?
CM मोहन यादव ने निर्देश दिया है कि वर्ष भर में सवा लाख नए किसान क्रेडिट कार्ड स्वीकृत किए जाएँ। यह लक्ष्य कृषि ऋण सुविधा को अधिक किसानों तक पहुँचाने के उद्देश्य से रखा गया है।
राष्ट्र प्रेस
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