30 जुलाई 2026
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मध्य प्रदेश में कांग्रेस की आदिवासी अधिकार समिति की पहली बैठक, उमंग सिंघार की अध्यक्षता में बनी रणनीति

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मध्य प्रदेश में कांग्रेस की आदिवासी अधिकार समिति की पहली बैठक, उमंग सिंघार की अध्यक्षता में बनी रणनीति

सारांश

कांग्रेस ने मध्य प्रदेश में आदिवासी अधिकारों की लड़ाई को संगठित रूप देने के लिए AICC स्तर पर एक समर्पित समिति बनाई है। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार की अध्यक्षता में भोपाल में हुई पहली बैठक में जल, जंगल, जमीन से लेकर शिक्षा और रोज़गार तक के मुद्दों पर चरणबद्ध कार्ययोजना तैयार करने का संकल्प लिया गया।

मुख्य बातें

AICC द्वारा गठित मध्य प्रदेश आदिवासी अधिकार, संरक्षण एवं सशक्तिकरण समिति की प्रथम बैठक 30 जुलाई को भोपाल में हुई।
बैठक की अध्यक्षता नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने की, जो समिति के अध्यक्ष भी हैं।
बैठक में जल, जंगल और जमीन पर अधिकार, शिक्षा, स्वास्थ्य, रोज़गार और आजीविका जैसे मुद्दों पर विस्तृत चर्चा हुई।
समिति प्रदेशभर में तथ्यात्मक जानकारी एकत्रित कर चरणबद्ध जनसंवाद और क्षेत्रीय अध्ययन करेगी।
एकत्रित जानकारी के आधार पर सरकार के सामने आदिवासी समाज की समस्याएँ प्रभावी ढंग से उठाने की रणनीति बनाई जाएगी।

मध्य प्रदेश में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (कांग्रेस) ने आदिवासी समाज के सामाजिक, आर्थिक, शैक्षणिक एवं संवैधानिक अधिकारों से जुड़े मुद्दों को व्यवस्थित रूप से दर्ज करने और सरकार के सामने प्रभावी ढंग से उठाने की दिशा में ठोस कदम उठाया है। 30 जुलाई को भोपाल स्थित प्रदेश कांग्रेस कार्यालय में अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (AICC) द्वारा गठित मध्य प्रदेश आदिवासी अधिकार, संरक्षण एवं सशक्तिकरण समिति की प्रथम बैठक आयोजित हुई।

बैठक का नेतृत्व और मुख्य घटनाक्रम

बैठक की अध्यक्षता समिति के अध्यक्ष एवं नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने की। इस बैठक में आदिवासी समुदाय के समक्ष उपस्थित वर्तमान चुनौतियों पर विस्तृत चर्चा हुई — जिसमें जल, जंगल और जमीन पर अधिकार, शिक्षा, स्वास्थ्य, रोज़गार, आजीविका और समग्र विकास जैसे अहम विषय शामिल रहे। समिति ने इन विषयों पर एक प्रभावी एवं ठोस कार्ययोजना तैयार करने का संकल्प लिया।

उमंग सिंघार का बयान

नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने कहा कि कांग्रेस पार्टी आदिवासी समाज के अधिकारों, सम्मान और संवैधानिक सुरक्षा के लिए सदैव प्रतिबद्ध रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह समिति प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े मुद्दों का गहन अध्ययन कर सरकार के समक्ष मज़बूती से उन्हें उठाएगी तथा आदिवासी समाज के हितों की रक्षा के लिए निरंतर संघर्ष करेगी।

आगे की कार्ययोजना

बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि समिति प्रदेशभर में आदिवासी समाज से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर तथ्यात्मक जानकारी एकत्रित करेगी और चरणबद्ध रूप से जनसंवाद एवं क्षेत्रीय अध्ययन करेगी। इसका उद्देश्य समस्याओं के समाधान के लिए एक संगठित और प्रमाण-आधारित रणनीति तैयार करना है।

व्यापक संदर्भ

यह ऐसे समय में आया है जब मध्य प्रदेश में आदिवासी आबादी — जो राज्य की कुल जनसंख्या का एक बड़ा हिस्सा है — की भूमि अधिकार, वन अधिकार और सरकारी योजनाओं तक पहुँच जैसे मुद्दे लंबे समय से राजनीतिक विमर्श के केंद्र में रहे हैं। गौरतलब है कि AICC स्तर पर इस समिति का गठन यह दर्शाता है कि कांग्रेस मध्य प्रदेश में आदिवासी मतदाताओं को केंद्र में रखकर अपनी संगठनात्मक रणनीति को नया आकार दे रही है। आने वाले समय में समिति की रिपोर्ट और सरकार की प्रतिक्रिया इस पहल की वास्तविक दिशा तय करेगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

ऐसी समितियाँ अक्सर बैठकों तक सीमित रह जाती हैं और उनकी सिफारिशें ज़मीन पर नहीं उतरतीं — इसलिए असली कसौटी यह होगी कि समिति की रिपोर्ट विधानसभा में कितनी प्रभावी तरीके से उठाई जाती है। आदिवासी समाज की समस्याओं का 'ब्यौरा तैयार करना' तब ही सार्थक होगा जब वह ठोस विधायी या न्यायिक दबाव में बदले।
RashtraPress
30 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

मध्य प्रदेश आदिवासी अधिकार, संरक्षण एवं सशक्तिकरण समिति क्या है?
यह अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (AICC) द्वारा गठित एक विशेष समिति है, जिसका उद्देश्य मध्य प्रदेश में आदिवासी समाज के सामाजिक, आर्थिक, शैक्षणिक एवं संवैधानिक अधिकारों से जुड़े मुद्दों का अध्ययन करना और सरकार के सामने उन्हें उठाना है। इसकी पहली बैठक 30 जुलाई को भोपाल में हुई।
इस समिति की अध्यक्षता कौन कर रहे हैं?
समिति की अध्यक्षता नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार कर रहे हैं, जिन्हें AICC ने इस समिति का अध्यक्ष नियुक्त किया है। उन्होंने पहली बैठक में आदिवासी अधिकारों के प्रति कांग्रेस की प्रतिबद्धता दोहराई।
इस समिति की बैठक में कौन-से मुद्दे उठाए गए?
बैठक में जल, जंगल और जमीन पर अधिकार, शिक्षा, स्वास्थ्य, रोज़गार, आजीविका और आदिवासी समुदाय के संवैधानिक अधिकारों की रक्षा जैसे विषयों पर विस्तृत चर्चा हुई। इन मुद्दों पर ठोस कार्ययोजना बनाने का संकल्प लिया गया।
समिति आगे क्या करेगी?
समिति प्रदेशभर में आदिवासी समाज से जुड़े मुद्दों पर तथ्यात्मक जानकारी एकत्रित करेगी और चरणबद्ध रूप से जनसंवाद एवं क्षेत्रीय अध्ययन करेगी। इसके आधार पर एक प्रमाण-आधारित रणनीति तैयार की जाएगी जिसे सरकार के सामने रखा जाएगा।
यह समिति मध्य प्रदेश के आदिवासी समाज के लिए क्यों महत्वपूर्ण है?
मध्य प्रदेश में आदिवासी आबादी राज्य की राजनीति में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है और भूमि अधिकार, वन अधिकार तथा सरकारी योजनाओं तक पहुँच जैसे मुद्दे लंबे समय से अनसुलझे हैं। यह समिति इन समस्याओं को व्यवस्थित रूप से दर्ज कर विधायी स्तर पर उठाने का प्रयास करेगी।
राष्ट्र प्रेस
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