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जीतू पटवारी का ऐलान: आदिवासी हक की जमीनी लड़ाई लड़ेगी मध्य प्रदेश कांग्रेस

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जीतू पटवारी का ऐलान: आदिवासी हक की जमीनी लड़ाई लड़ेगी मध्य प्रदेश कांग्रेस

सारांश

भोपाल में आदिवासी कांग्रेस की बड़ी बैठक में जीतू पटवारी ने एलान किया कि जल, जंगल और जमीन की लड़ाई अब जमीनी स्तर पर लड़ी जाएगी। उमंग सिंघार, कमलेश्वर पटेल और विक्रांत भूरिया के नेतृत्व में रणनीति तय हुई। एनसीआरबी के आँकड़ों का हवाला देते हुए आदिवासी महिलाओं पर अत्याचार का मुद्दा भी उठाया गया।

मुख्य बातें

जीतू पटवारी ने 30 मई 2025 को भोपाल में आदिवासी कांग्रेस की संगठनात्मक बैठक के बाद ऐलान किया कि कांग्रेस आदिवासी हितों की लड़ाई जमीनी स्तर पर लड़ेगी।
बैठक में संकल्प लिया गया कि जल, जंगल और जमीन का मूल मालिक आदिवासी समाज है।
रणनीति नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार , कमलेश्वर पटेल और राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ.
विक्रांत भूरिया के नेतृत्व में तैयार होगी।
एनसीआरबी (NCRB) के आँकड़ों के अनुसार आदिवासी महिलाओं पर सर्वाधिक अत्याचार दर्ज हो रहे हैं — पटवारी।
बैठक में पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह सहित अनेक वरिष्ठ नेता एवं विधायक उपस्थित रहे।

भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (कांग्रेस) के मध्य प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने 30 मई 2025 को भोपाल स्थित प्रदेश कार्यालय इंदिरा भवन में आयोजित आदिवासी कांग्रेस की संगठनात्मक बैठक के बाद स्पष्ट किया कि पार्टी आदिवासी समाज के हितों की लड़ाई अब जमीनी स्तर पर लड़ेगी। इस बैठक में जल, जंगल और जमीन से जुड़े संवैधानिक अधिकारों की रक्षा तथा आदिवासी वर्ग के साथ हो रहे अन्याय के विरुद्ध संगठनात्मक रणनीति तय की गई।

बैठक का मुख्य घटनाक्रम

इंदिरा भवन, भोपाल में आदिवासी कांग्रेस की प्रदेश कार्यकारिणी एवं जिला अध्यक्षों की यह संगठनात्मक बैठक प्रदेश के आदिवासी समाज से जुड़े समसामयिक मुद्दों पर केंद्रित रही। बैठक में संकल्प लिया गया कि जल, जंगल और जमीन का मूल मालिक आदिवासी समाज है और उनके सम्मान, अधिकारों एवं न्याय की लड़ाई पूरी प्रतिबद्धता के साथ लड़ी जाएगी।

पटवारी ने बताया कि आदिवासी समाज की आवाज़ को हर स्तर पर मजबूती से उठाया जाएगा। पार्टी का यह कदम ऐसे समय में आया है जब मध्य प्रदेश में आदिवासी अधिकारों को लेकर राजनीतिक सरगर्मी बढ़ी हुई है।

रणनीति और नेतृत्व

पटवारी के अनुसार, आदिवासी हितों की लड़ाई की रणनीति नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार, कांग्रेस वर्किंग कमेटी के सदस्य कमलेश्वर पटेल और आदिवासी कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. विक्रांत भूरिया के नेतृत्व में तैयार होगी। गौरतलब है कि यह तिकड़ी संगठन के तीनों स्तरों — राष्ट्रीय, प्रदेश और विधानसभा — का प्रतिनिधित्व करती है।

एनसीआरबी आँकड़ों का हवाला

पटवारी ने आदिवासी वर्ग पर हो रहे अत्याचारों का जिक्र करते हुए कहा कि राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (NCRB) के आँकड़ों के अनुसार आदिवासी महिलाओं पर सर्वाधिक अत्याचार दर्ज हो रहे हैं। आलोचकों का कहना है कि इन आँकड़ों के बावजूद राज्य सरकार की ओर से ठोस कार्रवाई का अभाव है।

बैठक में उपस्थित प्रमुख नेता

इस बैठक में पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह, पूर्व केंद्रीय मंत्री कांतिलाल भूरिया, पूर्व मंत्री सज्जन सिंह वर्मा, बाला बच्चन, सुखदेव पांसे, पी.सी. शर्मा, आदिवासी कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष रामू टेकाम तथा प्रकोष्ठ एवं विभागों के प्रभारी महेंद्र सिंह चौहान सहित अनेक वरिष्ठ विधायक एवं नेता उपस्थित रहे।

आगे की राह

बैठक में तय हुई रणनीति के तहत कांग्रेस अब जिला स्तर पर आदिवासी अधिकारों को लेकर संगठनात्मक अभियान चलाएगी। पार्टी का लक्ष्य है कि संवैधानिक प्रावधानों के तहत आदिवासी समाज को उनका हक दिलाया जाए और हर स्तर पर उनकी आवाज़ प्रभावी ढंग से उठाई जाए।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन सत्ता से बाहर रहने के दौरान पार्टी का संगठनात्मक आधार कमज़ोर पड़ा है। एनसीआरबी के आँकड़ों का हवाला देना तथ्यात्मक रूप से सटीक है, परंतु असली परीक्षा यह होगी कि क्या यह बैठक महज़ प्रेस विज्ञप्ति तक सीमित रहती है या जिला स्तर पर ठोस अभियान में तब्दील होती है। विक्रांत भूरिया और उमंग सिंघार जैसे नेताओं की मौजूदगी से संकेत मिलता है कि पार्टी 2028 के विधानसभा चुनावों से पहले आदिवासी बहुल सीटों पर फोकस बढ़ा रही है — लेकिन रणनीति और ज़मीनी क्रियान्वयन के बीच की खाई को पाटना ही असली चुनौती है।
RashtraPress
16 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

मध्य प्रदेश आदिवासी कांग्रेस की बैठक में क्या फैसला हुआ?
30 मई 2025 को भोपाल के इंदिरा भवन में हुई बैठक में संकल्प लिया गया कि कांग्रेस आदिवासी समाज के जल, जंगल और जमीन से जुड़े अधिकारों की लड़ाई जमीनी स्तर पर लड़ेगी। आदिवासी समाज की आवाज़ हर स्तर पर मजबूती से उठाने की रणनीति भी तय की गई।
आदिवासी हितों की लड़ाई का नेतृत्व कौन करेगा?
नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार, कांग्रेस वर्किंग कमेटी के सदस्य कमलेश्वर पटेल और आदिवासी कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. विक्रांत भूरिया के नेतृत्व में आदिवासी लड़ाई की रणनीति तैयार होगी।
जीतू पटवारी ने एनसीआरबी के आँकड़ों का ज़िक्र क्यों किया?
पटवारी ने आदिवासी वर्ग पर हो रहे अत्याचारों को रेखांकित करने के लिए राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (NCRB) के आँकड़ों का हवाला दिया, जिनके अनुसार आदिवासी महिलाओं पर सर्वाधिक अत्याचार दर्ज हो रहे हैं। यह बैठक का एक प्रमुख एजेंडा बिंदु था।
इस बैठक में कौन-कौन से प्रमुख नेता शामिल हुए?
बैठक में पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह, पूर्व केंद्रीय मंत्री कांतिलाल भूरिया, नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार, पूर्व मंत्री सज्जन सिंह वर्मा, बाला बच्चन, सुखदेव पांसे, पी.सी. शर्मा, प्रदेश अध्यक्ष रामू टेकाम और महेंद्र सिंह चौहान सहित अनेक वरिष्ठ विधायक उपस्थित रहे।
मध्य प्रदेश में आदिवासी समाज के मुख्य मुद्दे क्या हैं?
बैठक में जल, जंगल और जमीन की सुरक्षा, संवैधानिक अधिकारों की रक्षा, आदिवासी महिलाओं पर अत्याचार और समाज के साथ हो रहे अन्याय के विरुद्ध संगठनात्मक संघर्ष को प्रमुख मुद्दों के रूप में चिह्नित किया गया।
राष्ट्र प्रेस
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