महासमुंद में जल जीवन मिशन से परिवारों को मिल रहा शुद्ध पेयजल का लाभ
सारांश
Key Takeaways
- जल जीवन मिशन का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराना है।
- महिलाओं को पानी लाने की कठिनाई से मुक्ति मिली है।
- गांव पाली में 341 परिवारों को नल कनेक्शन मिला है।
- सफाई और स्वास्थ्य में सुधार हुआ है।
- सरकारी योजनाओं के सही कार्यान्वयन से समाज में सकारात्मक बदलाव संभव है।
महासमुंद, 13 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। जल जीवन मिशन योजना, जिसका उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में हर घर में शुद्ध पेयजल पहुंचाना है, छत्तीसगढ़ के महासमुंद जिले के हजारों परिवारों के लिए एक महत्वपूर्ण राहत का स्रोत बन चुकी है। इस योजना का मुख्य लक्ष्य है कि सभी ग्रामीण परिवारों, स्कूलों और आंगनबाड़ियों में व्यक्तिगत नल कनेक्शन के माध्यम से प्रतिदिन प्रति व्यक्ति 55 लीटर शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराया जाए। इसके साथ ही, महिलाएं पानी लाने के लिए लंबी दूरी तय करने की कठिनाई से भी मुक्त हों।
पहले पीने के पानी के लिए संघर्ष करने वाले ग्रामीण अब अपने घरों में ही नल के माध्यम से शुद्ध पानी की उपलब्धता से अत्यंत खुश हैं। सुबह-शाम नियमित पानी की सप्लाई से उनकी समस्याएं काफी हद तक कम हो गई हैं, और ग्रामीण सरकार को इसके लिए आभार व्यक्त कर रहे हैं।
महासमुंद मुख्यालय से करीब 32 किलोमीटर दूर स्थित ग्राम पंचायत पाली इसका एक उत्कृष्ट उदाहरण है। लगभग 1,800 जनसंख्या वाले इस गांव में अधिकांश लोग पिछड़ा वर्ग से हैं, और उनका मुख्य व्यवसाय कृषि है। यहां लगभग 341 परिवार निवास करते हैं।
कुछ साल पहले तक इस गांव के लोगों को पीने के पानी के लिए काफी मेहनत करनी पड़ती थी। ग्रामीणों को पानी लाने के लिए 500 मीटर से 1 किलोमीटर दूर स्थित कुओं, तालाबों या अन्य जल स्रोतों तक जाना पड़ता था। खासकर महिलाएं सुबह-शाम कई बार चक्कर लगाती थीं, जिससे उनका बहुत सारा समय और प्रयास बर्बाद होता था।
जल जीवन मिशन के अंतर्गत जब गांव में करीब 69 लाख रुपए की लागत से पानी की टंकी का निर्माण किया गया और 341 परिवारों के घरों में नल कनेक्शन लगाए गए, तो गांव का स्वरूप ही बदल गया। अब ग्रामीणों को घर पर ही शुद्ध पेयजल मिल रहा है। गांव में रोजाना सुबह एक घंटा और शाम एक घंटा पानी की सप्लाई दी जाती है, जिससे पुरानी परेशानियां लगभग समाप्त हो गई हैं।
गांव की निवासी दुर्गेश्वरी ध्रुव ने कहा कि पहले पानी की व्यवस्था नहीं थी और उन्हें पानी लाने के लिए बाहर जाना पड़ता था, लेकिन अब घर में नल कनेक्शन लगने से शुद्ध पानी आसानी से प्राप्त हो जाता है। इस सुविधा ने उनके बच्चों की पढ़ाई के लिए समय बचाने में मदद की है।
वहीं गांव की झरना मसीही ने कहा कि अब उनके घर में शुद्ध जल आ रहा है, जिससे कई बीमारियों से भी बचाव हो रहा है। पहले उन्हें पानी के लिए बाहर जाना पड़ता था, लेकिन अब घर में ही साफ पानी मिल रहा है। उनके अनुसार, सरकार की यह योजना ग्रामीणों के लिए बहुत लाभकारी साबित हो रही है।
गांव के निलेश साहू ने बताया कि पहले पीने का पानी दूर से लाना पड़ता था, लेकिन अब घर में ही आसानी से शुद्ध पानी मिल रहा है, जिससे लोगों को अनेक सुविधाएं मिली हैं।
ग्राम पंचायत पाली के सरपंच भुनेश्वर लोधी ने कहा कि पहले गांव की महिलाओं को पानी भरने के लिए कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था। लेकिन अब घर-घर नल कनेक्शन लगने से पानी आसानी से उपलब्ध हो रहा है, जिससे महिलाओं की सुरक्षा भी बढ़ी है। उन्होंने बताया कि गांव में रोजाना सुबह और शाम पानी की सप्लाई की जाती है।
जल जीवन मिशन के बारे में महासमुंद कलेक्टर विनय कुमार लंगेह ने कहा कि इस योजना का मुख्य उद्देश्य ग्रामीणों को उनके घरों में ही शुद्ध और सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराना है। जिले में जल जीवन मिशन की शुरुआत वर्ष 2019 में हुई थी। जिले के 1,117 गांवों के लिए कुल 1,130 योजनाएं तैयार की गईं, और लगभग 2 लाख 40 हजार परिवारों के घरों तक नल कनेक्शन पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया।
अब तक इनमें से 358 योजनाएं पूरी हो चुकी हैं, जहां ग्रामीणों को नियमित रूप से शुद्ध पेयजल मिल रहा है। इसके अलावा, जिले के करीब 2 लाख परिवारों के घरों में नल कनेक्शन भी पहुंच चुका है।