मलविंदर सिंह कंग ने लोकसभा में पंजाब में फसल विविधीकरण के लिए विशेष पैकेज की मांग उठाई

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मलविंदर सिंह कंग ने लोकसभा में पंजाब में फसल विविधीकरण के लिए विशेष पैकेज की मांग उठाई

सारांश

आप सांसद मलविंदर सिंह कंग ने पंजाब में फसल विविधीकरण की आवश्यकता पर जोर देते हुए केंद्र सरकार से विशेष पैकेज और अनुदान की मांग की। यह कदम राज्य की कृषि को सुदृढ़ करने और खाद्य सुरक्षा में सुधार के लिए महत्वपूर्ण है।

Key Takeaways

  • फसल विविधीकरण की आवश्यकता पर जोर
  • केंद्र सरकार से विशेष पैकेज की मांग
  • पंजाब की खाद्य सुरक्षा में ऐतिहासिक भूमिका
  • स्वास्थ्य समस्याओं का बढ़ता संकट
  • सिंचाई में सुधार की दिशा में कदम

नई दिल्ली, 12 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। आम आदमी पार्टी (आप) के सांसद मलविंदर सिंह कंग ने गुरुवार को लोकसभा में पंजाब के कृषि और सिंचाई से संबंधित मुद्दों को मजबूती से उजागर किया। उन्होंने केंद्र सरकार से राज्य में फसल विविधीकरण को प्रोत्साहित करने के लिए विशेष पैकेज और अतिरिक्त अनुदान की मांग की।

सांसद कंग ने पंजाब के देश की खाद्य सुरक्षा में ऐतिहासिक भूमिका को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि जब भारत में भोजन की कमी थी, तब पं. जवाहरलाल नेहरू और प्रसिद्ध कृषि वैज्ञानिक एमएस स्वामीनाथन ने ग्रीन रिवोल्यूशन की शुरुआत की, जिसमें पंजाब ने पूरे देश के लिए भोजन उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण योगदान दिया।

उन्होंने बताया कि ग्रीन रिवोल्यूशन ने भारत को खाद्य सुरक्षा प्रदान की, लेकिन इस बदलाव का बोझ पंजाब पर सबसे ज्यादा पड़ा है। कंग ने कहा कि जबकि पंजाब ने खाद्य सुरक्षा में योगदान दिया, इसके पर्यावरण और स्वास्थ्य पर नकारात्मक प्रभाव अब स्पष्ट हो रहे हैं। राज्य में भूमिगत जल स्तर गिर रहा है और कैंसर जैसी स्वास्थ्य समस्याएं बढ़ रही हैं।

सांसद ने कहा कि पंजाब, जो कृषि में मजबूत राज्य है, आज अधिकतर ऐसी फसलें उगा रहा है जो इसकी मिट्टी और जल स्थितियों के अनुकूल नहीं हैं, विशेष रूप से धान। इस बीच, देश अभी भी कई आवश्यक वस्तुएं जैसे दालें, फल और सब्जियां आयात कर रहा है।

कंग ने कहा कि पंजाब में फसल विविधीकरण की पर्याप्त संभावनाएं हैं। राज्य दालें, फल, डेयरी उत्पाद, कपास, मकई, गन्ना और आलू उगा सकता है, ताकि देश को आयात पर निर्भरता कम हो।

आप सांसद ने केंद्र सरकार से विशेष वित्तीय पैकेज और फसल विविधीकरण एवं संबंधित अनुसंधान को समर्थन देने के लिए अतिरिक्त अनुदान देने की अपील की। उन्होंने कहा कि इससे पंजाब को लाभ मिलेगा और भारत की कृषि आत्मनिर्भरता भी मजबूत होगी।

कांग ने आम आदमी पार्टी की भगवंत मान सरकार के सिंचाई सुधार प्रयासों को भी रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि आप सरकार से पहले पंजाब के केवल 21 प्रतिशत खेतों में नहर या नदी का पानी पहुंचता था। आज यह संख्या लगभग 78 प्रतिशत हो गई है, जो मान सरकार की सिंचाई को मजबूत करने और भूमिगत जल पर निर्भरता कम करने की प्रतिबद्धता को दर्शाती है।

सांसद ने कहा कि हालांकि पंजाब में कई राज्यों की तुलना में सिंचाई सुविधाएं बेहतर हैं, फिर भी जल वितरण और चैनलाइजेशन में सुधार की काफी गुंजाइश है।

कांग ने केंद्र सरकार से आग्रह किया कि पंजाब को कृषि परियोजनाओं, सिंचाई विकास और फसल विविधीकरण संबंधित अनुसंधान में प्राथमिकता दी जाए। उन्होंने कहा, “अगर पंजाब को इस बदलाव में समर्थन मिलेगा, तो यह न केवल राज्य की कृषि को पुनर्जीवित करेगा, बल्कि देश को दाल और अन्य कृषि वस्तुओं के आयात पर निर्भरता कम करने में मदद भी करेगा।”

Point of View

जो न केवल राज्य के लिए, बल्कि देश की खाद्य सुरक्षा के लिए भी महत्वपूर्ण हैं। केंद्र सरकार का इस दिशा में सक्रियता दिखाना आवश्यक है।
NationPress
12/03/2026

Frequently Asked Questions

मलविंदर सिंह कंग ने क्या मुद्दा उठाया?
उन्होंने पंजाब में फसल विविधीकरण को बढ़ावा देने के लिए विशेष पैकेज और अनुदान की मांग की।
पंजाब की कृषि में क्या समस्याएं हैं?
राज्य में भूमिगत जल स्तर गिर रहा है और कैंसर जैसी स्वास्थ्य समस्याएं बढ़ रही हैं।
ग्रीन रिवोल्यूशन का पंजाब पर क्या प्रभाव पड़ा?
ग्रीन रिवोल्यूशन ने पंजाब को खाद्य सुरक्षा में महत्वपूर्ण योगदान दिया, लेकिन इसके पर्यावरण पर नकारात्मक प्रभाव पड़े हैं।
कंग ने किस प्रकार के फसल विविधीकरण की बात की?
उन्होंने दालें, फल, डेयरी उत्पाद, कपास, मकई, गन्ना और आलू जैसी फसलों के विविधीकरण की बात की।
पंजाब में सिंचाई सुविधाओं में क्या सुधार हुआ है?
आप सरकार के प्रयासों से अब पंजाब के 78 प्रतिशत खेतों में नहर या नदी का पानी पहुंचता है।
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