25 अगस्त 2026
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मणिपुर में सेना की बड़ी कार्रवाई: 21 हथियार बरामद, NIA-वांछित PLA कैडर समेत 4 गिरफ्तार

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मणिपुर में सेना की बड़ी कार्रवाई: 21 हथियार बरामद, NIA-वांछित PLA कैडर समेत 4 गिरफ्तार

सारांश

मणिपुर के चार जिलों में एक सप्ताह तक चले संयुक्त खुफिया अभियान में सेना की स्पीयर कोर ने 21 हथियार बरामद किए और NIA-वांछित PLA कैडर समेत 4 उग्रवादी तत्वों को गिरफ्तार किया — जो राज्य में सशस्त्र नेटवर्क के विरुद्ध अब तक की बड़ी कार्रवाइयों में से एक है।

मुख्य बातें

भारतीय सेना की स्पीयर कोर ने मणिपुर के 4 जिलों में करीब एक सप्ताह तक संयुक्त खुफिया अभियान चलाया।
अभियान में 21 हथियार , भारी मात्रा में गोला-बारूद और युद्धक सामग्री बरामद की गई।
4 सक्रिय उग्रवादी तत्वों को गिरफ्तार किया गया, जिनमें NIA -वांछित PLA का एक कैडर शामिल है।
अभियान तेंगनौपाल, चुराचांदपुर, थोउबल और काकचिंग जिलों में चलाया गया।
गिरफ्तार व्यक्तियों से पूछताछ में हथियार आपूर्ति नेटवर्क और अन्य सहयोगियों की जानकारी मिलने की संभावना।

भारतीय सेना की स्पीयर कोर ने 25 अगस्त 2026 को मणिपुर के चार जिलों में चलाए गए संयुक्त खुफिया अभियान में 21 हथियार, भारी मात्रा में गोला-बारूद और अन्य युद्धक सामग्री बरामद की तथा 4 सक्रिय उग्रवादी तत्वों को गिरफ्तार किया। गिरफ्तार व्यक्तियों में पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (PLA) का एक सक्रिय कैडर भी शामिल है, जो राष्ट्रीय जाँच एजेंसी (NIA) की वांछित सूची में था।

अभियान का विस्तार और स्वरूप

स्पीयर कोर के अनुसार यह ऑपरेशन करीब एक सप्ताह तक चला और मणिपुर के तेंगनौपाल, चुराचांदपुर, थोउबल तथा काकचिंग जिलों में गुप्त सूचना-आधारित संयुक्त छापे मारे गए। सेना, केंद्रीय सुरक्षा बलों और स्थानीय एजेंसियों के बीच समन्वय के आधार पर संदिग्ध ठिकानों की पहचान कर यह कार्रवाई अंजाम दी गई।

बरामदगी का ब्यौरा

अभियान के दौरान विभिन्न स्थानों से कुल 21 हथियार बरामद किए गए, जिनके साथ बड़ी मात्रा में गोला-बारूद और अभियानों में इस्तेमाल होने वाली अन्य सैन्य सामग्री भी मिली। सुरक्षा बलों ने इसे मणिपुर में अवैध हथियारों की आपूर्ति श्रृंखला के विरुद्ध एक महत्वपूर्ण सफलता बताया है।

NIA-वांछित PLA कैडर की गिरफ्तारी

चार गिरफ्तार व्यक्तियों में से एक PLA का सक्रिय कैडर है, जिसे NIA लंबे समय से तलाश कर रही थी। सुरक्षा एजेंसियों के अनुसार गिरफ्तार व्यक्तियों से पूछताछ में उनके नेटवर्क, हथियारों की आपूर्ति के स्रोत और अन्य सहयोगियों के बारे में अहम जानकारी मिलने की संभावना है।

सुरक्षा बलों की प्रतिक्रिया

सेना और सुरक्षा एजेंसियों ने इस अभियान को मणिपुर में सशस्त्र गतिविधियों पर अंकुश लगाने की दिशा में एक निर्णायक कदम बताया है। अधिकारियों का कहना है कि इस तरह के खुफिया-आधारित संयुक्त अभियान राज्य में अवैध हथियारों की उपलब्धता और सशस्त्र संगठनों की गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। यह ऐसे समय में आया है जब मणिपुर में जातीय तनाव और सुरक्षा चुनौतियाँ लंबे समय से केंद्र की चिंता का विषय बनी हुई हैं। आगे की जाँच जारी है और अन्य संदिग्धों की तलाश में अभियान का दायरा बढ़ाए जाने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली सवाल यह है कि इन हथियारों की आपूर्ति श्रृंखला कहाँ तक फैली है और क्या गिरफ्तारियाँ महज़ निचले स्तर के कैडर तक सीमित हैं। NIA-वांछित PLA सदस्य की पकड़ निस्संदेह अहम है, पर राज्य में जातीय संघर्ष और सशस्त्र गुटों की पुनर्सक्रियता की जो पृष्ठभूमि है, उसमें एकल अभियान की सफलता को दीर्घकालिक शांति का संकेत मानना जल्दबाज़ी होगी। सेना और NIA के बीच समन्वय की यह मिसाल सकारात्मक है, लेकिन मणिपुर में स्थायी स्थिरता के लिए राजनीतिक समाधान उतना ही ज़रूरी है जितना सुरक्षा अभियान।
RashtraPress
25 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

मणिपुर में सेना के अभियान में क्या-क्या बरामद हुआ?
सेना की स्पीयर कोर के नेतृत्व में चलाए गए इस संयुक्त अभियान में कुल 21 हथियार, भारी मात्रा में गोला-बारूद और अन्य युद्धक सामग्री बरामद की गई। यह बरामदगी मणिपुर के तेंगनौपाल, चुराचांदपुर, थोउबल और काकचिंग जिलों में अलग-अलग स्थानों से हुई।
गिरफ्तार PLA कैडर कौन है और NIA उसे क्यों ढूंढ रही थी?
गिरफ्तार व्यक्ति पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (PLA) का एक सक्रिय कैडर है, जो राष्ट्रीय जाँच एजेंसी (NIA) की वांछित सूची में शामिल था। उसके नेटवर्क और सशस्त्र गतिविधियों में संलिप्तता के संदर्भ में NIA पूछताछ कर रही है।
मणिपुर में यह अभियान कितने समय तक चला और किन जिलों में हुआ?
यह अभियान करीब एक सप्ताह तक चला और मणिपुर के तेंगनौपाल, चुराचांदपुर, थोउबल तथा काकचिंग जिलों में गुप्त सूचना के आधार पर संयुक्त छापे मारे गए। इसमें सेना, केंद्रीय सुरक्षा बल और स्थानीय एजेंसियाँ शामिल थीं।
इस कार्रवाई से मणिपुर की सुरक्षा स्थिति पर क्या असर पड़ेगा?
सुरक्षा बलों के अनुसार इस तरह के खुफिया-आधारित संयुक्त अभियान अवैध हथियारों की आपूर्ति और सशस्त्र संगठनों की गतिविधियों पर अंकुश लगाने में मददगार हैं। गिरफ्तार व्यक्तियों से पूछताछ में हथियार आपूर्ति नेटवर्क और अन्य सहयोगियों की जानकारी मिलने की संभावना है, जिससे आगे की कार्रवाई का रास्ता खुल सकता है।
स्पीयर कोर क्या है और मणिपुर में इसकी भूमिका क्या है?
स्पीयर कोर भारतीय सेना की एक प्रमुख कोर है जो पूर्वोत्तर भारत में सुरक्षा अभियानों की देखरेख करती है। मणिपुर में यह केंद्रीय सुरक्षा बलों और स्थानीय एजेंसियों के साथ समन्वय में उग्रवाद-रोधी अभियान संचालित करती है।
राष्ट्र प्रेस
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