मेघालय में यूरेनियम माइनिंग विरोध: एनपीपी ने कॉनराड संगमा के रुख को सराहा, तुरा में सम्मान समारोह
सारांश
मुख्य बातें
नेशनल पीपुल्स पार्टी (एनपीपी) ने 3 सितंबर 2026 को तुरा में आयोजित एक सम्मान समारोह में मेघालय के मुख्यमंत्री और पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष कॉनराड के. संगमा की यूरेनियम माइनिंग के खिलाफ राज्य सरकार के कड़े रुख के लिए सराहना की। इसी अवसर पर राज्यसभा के नवनिर्वाचित सदस्य जेम्स पी. के. संगमा को भी सम्मानित किया गया।
मुख्य घटनाक्रम
इस कार्यक्रम में एनपीपी के वरिष्ठ नेताओं और गारो हिल्स ऑटोनॉमस डिस्ट्रिक्ट काउंसिल (जीएचएडीसी) के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। पार्टी नेताओं ने मेघालय विधानसभा द्वारा पारित उस प्रस्ताव के लिए मुख्यमंत्री की विशेष प्रशंसा की, जिसमें राज्य में यूरेनियम माइनिंग का विरोध किया गया है। एनपीपी ने इस कदम को मेघालय के पर्यावरण, प्राकृतिक संसाधनों और स्थानीय समुदायों के हितों की रक्षा की दिशा में एक महत्वपूर्ण निर्णय बताया।
पार्टी नेतृत्व ने कहा कि राज्य सरकार ने यूरेनियम माइनिंग के प्रस्तावों पर मेघालय के लोगों और समुदायों की चिंताओं को ध्यान में रखते हुए स्पष्ट और दृढ़ रुख अपनाया है।
जीएचएडीसी सुधारों को भी मिली सराहना
सम्मान समारोह में जीएचएडीसी के लिए अलग मतदाता सूची तैयार करने की प्रक्रिया को सरल बनाने हेतु नियमों में बदलाव के लिए भी मुख्यमंत्री की सराहना की गई। पार्टी नेताओं के अनुसार, इस कदम से ऑटोनॉमस डिस्ट्रिक्ट काउंसिल के चुनावी और प्रशासनिक कामकाज को मजबूती मिलेगी।
जीएचएडीसी के चीफ एग्जीक्यूटिव मेंबर धर्मनाथ संगमा, डिप्टी चीफ एग्जीक्यूटिव मेंबर स्टीवी मारक, एग्जीक्यूटिव मेंबर और डिस्ट्रिक्ट काउंसिल के सदस्यों को भी इस अवसर पर सम्मानित किया गया। काउंसिल नेतृत्व को कई प्रशासनिक सुधारों के लिए सराहा गया, जिनमें अलग मतदाता सूची की शुरुआत, टैक्स कलेक्शन और ट्रेडिंग लाइसेंस जारी करने का डिजिटाइजेशन, तथा जीएचएडीसी में सर्विस रूल्स लागू करना शामिल हैं।
यूरेनियम माइनिंग विवाद की पृष्ठभूमि
गौरतलब है कि मेघालय में यूरेनियम माइनिंग के प्रस्तावों का दशकों से विरोध होता रहा है। पर्यावरण संरक्षण और स्थानीय समुदायों की आजीविका व स्वास्थ्य संबंधी चिंताएँ इस बहस के केंद्र में रही हैं। यह ऐसे समय में है जब पूर्वोत्तर भारत के कई राज्यों में खनन नीतियों को लेकर जन-आंदोलन और राजनीतिक विमर्श तेज हुआ है। कॉनराड संगमा का यह रुख राज्य की जनभावना के अनुरूप माना जा रहा है।
आम जनता और शासन पर असर
एनपीपी नेताओं ने कहा कि जीएचएडीसी में लागू किए गए सुधारों से ऑटोनॉमस काउंसिल के कामकाज में अधिक पारदर्शिता, कार्यकुशलता और जवाबदेही सुनिश्चित होगी। पार्टी के अनुसार, सरकार की ये पहलें राज्य के लोगों के हितों की रक्षा करते हुए जमीनी स्तर की संस्थाओं को सशक्त बनाने की दिशा में उठाए गए ठोस कदम हैं।
इस सम्मान समारोह ने एनपीपी को अपनी राजनीतिक प्राथमिकताएँ — ऑटोनॉमस संस्थाओं को मजबूत करना, सुशासन और मेघालय के पर्यावरण व समुदायों के लिए महत्वपूर्ण मुद्दों पर स्पष्ट रुख — रेखांकित करने का अवसर भी प्रदान किया। आने वाले समय में यूरेनियम माइनिंग का मुद्दा मेघालय की राजनीति और पर्यावरण नीति में केंद्रीय भूमिका निभाता रहेगा।