मुख्यमंत्री उपकरण योजना 2026-27: खेती के औजार खरीदने की डेडलाइन 15 दिन बढ़ाई, जीतू वाघानी का ऐलान
सारांश
मुख्य बातें
गुजरात के कृषि मंत्री जीतू वाघानी ने 29 अगस्त 2026 को घोषणा की कि मुख्यमंत्री उपकरण योजना के तहत वर्ष 2026-27 में खेती के औजार और ट्रैक्टर-चालित उपकरण खरीदने की अंतिम तिथि 15 दिन और बढ़ा दी गई है। मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल के नेतृत्व में लिया गया यह फैसला उन मंजूरी-प्राप्त किसानों को राहत देता है जो आपूर्ति में देरी के कारण समय पर उपकरण नहीं खरीद पाए थे।
योजना का दायरा और बजट
राज्य सरकार ने वर्ष 2026-27 के लिए मुख्यमंत्री उपकरण योजना के अंतर्गत किसानों को कृषि यंत्र उपलब्ध कराने हेतु ₹750 करोड़ से अधिक का प्रावधान किया है। इस योजना के तहत पात्र किसान 'आई-खेदूत' पोर्टल पर आवेदन कर खेती के औजार और उपकरण खरीद सकते हैं। सरकार का उद्देश्य है कि राज्य के हर योग्य किसान को इस सब्सिडी का समान लाभ मिले।
डेडलाइन बढ़ाने की वजह
कृषि मंत्री वाघानी ने बताया कि बड़ी संख्या में किसानों के आवेदन एक साथ स्वीकृत होने से उपकरण निर्माता कंपनियाँ निर्धारित समय-सीमा के भीतर आपूर्ति नहीं कर पाईं। इस व्यावहारिक समस्या को लेकर विभिन्न किसानों के साथ-साथ विधायकों, सांसदों और जनप्रतिनिधियों ने भी सरकार से समय-सीमा बढ़ाने का अनुरोध किया था। इन प्रतिनिधित्वों को संज्ञान में लेते हुए राज्य सरकार ने पहले से मंजूरी-प्राप्त पात्र किसानों के लिए खरीद की अंतिम तारीख में 15 दिन का विस्तार किया है।
निर्माताओं से अपील
वाघानी ने राज्य में कार्यरत कृषि उपकरण निर्माताओं से विनम्र अपील की है कि वे किसानों को समय पर उपकरण पहुँचाएँ, ताकि किसान खेती के मौसम में इनका भरपूर उपयोग कर सकें। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'मेक इन इंडिया' और 'आत्मनिर्भर भारत' अभियान की भावना से प्रेरित होकर गुजरात के अनेक निर्माता उच्च गुणवत्ता के कृषि यंत्र तैयार कर रहे हैं।
किसानों के लिए संदेश
कृषि मंत्री ने राज्य के सभी पात्र किसानों से आग्रह किया है कि वे इस विस्तारित समय-सीमा का पूरा लाभ उठाएँ और सरकार की इस कल्याणकारी योजना के तहत अपने खेतों के लिए आवश्यक उपकरण खरीदें। गौरतलब है कि यह योजना गुजरात में कृषि यंत्रीकरण को बढ़ावा देने की सरकार की व्यापक रणनीति का हिस्सा है, जिसका सीधा असर फसल उत्पादकता और किसानों की आय पर पड़ता है। आने वाले दिनों में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि निर्माता कंपनियाँ इस बढ़ी हुई समय-सीमा का कितना प्रभावी उपयोग करती हैं।