नागालैंड में 'मुख्यमंत्री यार्न बैंक योजना' लॉन्च, 5,000–10,000 महिला बुनकरों को मिलेगा सस्ता धागा
सारांश
मुख्य बातें
नागालैंड के मुख्यमंत्री नेफ्यू रियो ने 7 अगस्त 2026 को 12वें राष्ट्रीय हथकरघा दिवस के अवसर पर दीमापुर में 'मुख्यमंत्री यार्न बैंक योजना' का वर्चुअल उद्घाटन किया। उन्होंने राज्य की महिला बुनकरों को हथकरघा क्षेत्र की 'रीढ़' बताते हुए कहा कि नागालैंड की सांस्कृतिक विरासत और पारंपरिक वस्त्र कला को जीवित रखने में उनका योगदान अतुलनीय है। यह योजना प्रतिवर्ष 5,000 से 10,000 बुनकरों को किफायती दरों पर गुणवत्तापूर्ण कच्चा माल उपलब्ध कराने के लक्ष्य के साथ शुरू की गई है।
योजना की पृष्ठभूमि और ज़रूरत
मुख्यमंत्री रियो ने बुनकरों के सामने आने वाली एक पुरानी और गंभीर समस्या की ओर ध्यान दिलाया — किफायती मूल्य पर उच्च गुणवत्ता वाले प्राकृतिक धागे की अनुपलब्धता। उन्होंने कहा कि कई कारीगरों को कच्चा माल खरीदने के लिए लंबी दूरी तय करनी पड़ती है, जिससे परिवहन व्यय बढ़ता है और अंततः उत्पादन लागत, आय तथा क्षेत्र के समग्र विकास पर प्रतिकूल असर पड़ता है। यह ऐसे समय में आया है जब देशभर में हस्तशिल्प और हथकरघा उत्पादों की माँग बढ़ रही है, लेकिन कारीगरों की आय उस अनुपात में नहीं बढ़ पाई है।
यार्न बैंक: कैसे काम करेगी योजना
दीमापुर स्थित स्टेट इंडस्ट्रियल पार्क के जिला उद्योग केंद्र में एक समर्पित और केंद्रीकृत यार्न बैंक सुविधा स्थापित की गई है। यहाँ कपास, एरी सिल्क, मूगा सिल्क, बांस फाइबर और अन्य प्राकृतिक फाइबर मिश्रण मिल-गेट कीमतों पर उपलब्ध कराए जाएंगे। इसके अतिरिक्त, नागालैंड सरकार पात्र बुनकरों को 15 प्रतिशत सब्सिडी भी प्रदान करेगी। 'यार्न पास बुक' रखने वाले पात्र बुनकर एक पारदर्शी और व्यवस्थित वितरण प्रणाली के माध्यम से सीधे यार्न बैंक से धागा खरीद सकेंगे।
सांस्कृतिक महत्व और विरासत का संरक्षण
रियो ने इस अवसर पर कहा कि हथकरघा राज्य के लोगों की कलात्मकता, दृढ़ता और रचनात्मकता का प्रतीक है। उनके अनुसार, प्रत्येक शॉल, पारंपरिक परिधान और बुने हुए डिज़ाइन में विभिन्न नागा जनजातियों की कहानियाँ, परंपराएँ और मूल्य समाहित हैं। गौरतलब है कि राष्ट्रीय हथकरघा दिवस प्रतिवर्ष 7 अगस्त को मनाया जाता है — यह तारीख 1905 के स्वदेशी आंदोलन की याद दिलाती है, जब हथकरघा उद्योग राष्ट्रीय आत्मनिर्भरता का प्रतीक बना था।
महिला सशक्तिकरण और ग्रामीण अर्थव्यवस्था पर असर
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि यह पहल केवल कच्चा माल उपलब्ध कराने तक सीमित नहीं है। उनके अनुसार, इससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था मज़बूत होगी, महिलाओं का सशक्तिकरण होगा और उद्यमिता को बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने सभी जिलों के पात्र बुनकरों से योजना का पूरा लाभ उठाने की अपील की और सरकारी विभागों, सहकारी समितियों, स्वयं सहायता समूहों तथा सामुदायिक नेताओं से मिलकर काम करने का आह्वान किया, ताकि योजना का लाभ हर पात्र कारीगर तक पहुँच सके।
आगे की राह
रियो ने विश्वास जताया कि 'मुख्यमंत्री यार्न बैंक' नागालैंड के हथकरघा समुदाय के लिए एक दीर्घकालिक और स्थायी सहायता प्रणाली के रूप में उभरेगा। यदि यह योजना अपने लक्ष्य के अनुसार क्रियान्वित होती है, तो यह पूर्वोत्तर भारत के अन्य राज्यों के लिए भी एक मॉडल बन सकती है जहाँ हस्तशिल्प क्षेत्र कच्चे माल की उपलब्धता और लागत की समान चुनौतियों से जूझ रहा है।