नालंदा विश्वविद्यालय का द्वितीय दीक्षांत समारोह: भारतीय संस्कृति और परिधान का संगम

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नालंदा विश्वविद्यालय का द्वितीय दीक्षांत समारोह: भारतीय संस्कृति और परिधान का संगम

सारांश

नालंदा विश्वविद्यालय का द्वितीय दीक्षांत समारोह 31 मार्च को राजगीर में होगा। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु मुख्य अतिथि होंगी। इस बार दीक्षांत परिधानों में खादी और अहिंसा रेशम का विशेष उपयोग किया गया है, जो भारतीय संस्कृति का प्रतीक है।

Key Takeaways

  • नालंदा विश्वविद्यालय का दीक्षांत समारोह 31 मार्च को होगा।
  • द्रौपदी मुर्मु मुख्य अतिथि होंगी।
  • खादी और अहिंसा रेशम का परिधान विशेष रूप से तैयार किया गया है।
  • समारोह में स्वर्ण पदक प्रदान किए जाएंगे।
  • विश्वमित्रालय सभागार का उद्घाटन होगा।

राजगीर, 29 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। नालंदा विश्वविद्यालय का दूसरा दीक्षांत समारोह 31 मार्च को राजगीर के स्थायी परिसर में आयोजित किया जाएगा। इस समारोह में राष्ट्रपति और नालंदा विश्वविद्यालय की विजिटर द्रौपदी मुर्मु मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहेंगी।

इस अवसर पर, विश्वविद्यालय ने परंपरागत दीक्षांत परिधानों में बदलाव करते हुए भारतीयता और स्थिरता को प्राथमिकता दी है। प्रशासन ने औपनिवेशिक काल के गाउन के स्थान पर विद्यार्थियों के लिए खादी के वस्त्रों का चयन किया है, जबकि विशिष्ट अतिथियों के लिए भागलपुर के अहिंसा रेशम से बने वस्त्र तैयार किए गए हैं।

अहिंसा रेशम एक पर्यावरण-अनुकूल और क्रूरता-मुक्त कपड़ा है, जिसमें रेशम के कीड़ों को बिना हानि पहुंचाए उनके कोकून से स्वाभाविक रूप से बाहर आने दिया जाता है। यह कपड़ा हल्का, आरामदायक और स्थानीय जलवायु के अनुकूल होता है।

विश्वविद्यालय का मानना है कि ये परिधान भारतीय परंपराओं और पर्यावरणीय मूल्यों के साथ सामंजस्य स्थापित करते हैं। परिधानों का डिज़ाइन, रंग-संयोजन और कलात्मकता नालंदा विश्वविद्यालय के लोगो में निहित "द नालंदा वे" की भावना से प्रेरित है, जो मानव और प्रकृति के सह-अस्तित्व को दर्शाता है। नालंदा विश्वविद्यालय का प्रतीक चिन्ह, मानव आकृतियों से निर्मित एक वृक्ष, इसी दर्शन को मूर्त रूप देता है, जो सतत विकास, ज्ञान-साझेदारी और विविधता में एकता का प्रतीक है।

अतिथियों के लिए अंगवस्त्र विशेष रूप से बिहार के नपुरा और बसवन बिगहा के बुनकरों से मंगाए गए हैं। इसके साथ ही, 'बावन बूटी' जैसी पारंपरिक बुनाई कला को भी इस पहल में प्रमुखता दी गई है, जो बिहार की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को प्रदर्शित करती है। यह ध्यान देने योग्य है कि राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु का यह राजगीर और नालंदा विश्वविद्यालय का राष्ट्रपति के रूप में पहला दौरा होगा। समारोह के दौरान, वे दीक्षांत भाषण देंगी, उपाधियां प्रदान करेंगी और मेधावी विद्यार्थियों को स्वर्ण पदक भी देंगी। इसके अलावा, वे विश्वविद्यालय के नवनिर्मित 2000 सीटों वाले सभागार "विश्वमित्रालय" का उद्घाटन करेंगी।

Point of View

NationPress
01/04/2026

Frequently Asked Questions

नालंदा विश्वविद्यालय का दीक्षांत समारोह कब है?
यह समारोह 31 मार्च को आयोजित किया जाएगा।
मुख्य अतिथि कौन हैं?
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहेंगी।
इस बार के परिधान में क्या खास है?
इस बार परिधान में खादी और अहिंसा रेशम का उपयोग किया गया है।
समारोह में क्या गतिविधियाँ होंगी?
समारोह में उपाधियाँ प्रदान की जाएंगी और राष्ट्रपति भाषण देंगी।
क्या नया है इस समारोह में?
नया 2000 सीटों वाला सभागार 'विश्वमित्रालय' का उद्घाटन किया जाएगा।
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