पीओजेके मुद्दे पर नीलोफर मसूद: 'राजनीतिक बयानबाजी नहीं, शांति और विकास हो प्राथमिकता'
सारांश
मुख्य बातें
जम्मू-कश्मीर नेशनल कॉन्फ्रेंस (JKNC) महिला विंग की बारामूला जिला अध्यक्ष और वकील नीलोफर मसूद ने 14 जून 2025 को पाकिस्तान अधिकृत जम्मू-कश्मीर (पीओजेके) के मुद्दे पर अपनी स्पष्ट राय रखी। उन्होंने कहा कि इस संवेदनशील विषय पर राजनीतिक बयानबाजी से कहीं अधिक ज़रूरी है कि ध्यान क्षेत्रीय विकास, स्थायी शांति और स्थानीय जनता की वास्तविक समस्याओं पर केंद्रित किया जाए।
जनता की ज़रूरतें सर्वोपरि
नीलोफर मसूद ने कहा कि जम्मू-कश्मीर के लोगों की अपनी आवश्यकताएं और अपेक्षाएं हैं, जिन्हें प्राथमिकता मिलनी चाहिए। उनके अनुसार, राजनीतिक दलों की आंतरिक विचारधाराएं और उनके बयान उनका अपना मामला हो सकते हैं, लेकिन जनहित और क्षेत्रीय सौहार्द को किसी भी राजनीतिक एजेंडे से ऊपर रखना ज़रूरी है। उन्होंने कहा, 'जम्मू-कश्मीर से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों को प्राथमिकता दी जानी चाहिए।'
शांति और स्थिरता की अपील
मसूद ने स्पष्ट किया कि उनकी पार्टी का हमेशा से यह प्रयास रहा है कि पूरे क्षेत्र में शांति और सौहार्द का संदेश फैलाया जाए। उन्होंने कहा कि जम्मू-कश्मीर में स्थायी शांति स्थापित करना सबसे बड़ी आवश्यकता है और इसके लिए सभी पक्षों को सकारात्मक भूमिका निभानी होगी। उन्होंने यह भी कहा कि शांति और स्थिरता केवल राजनीतिक मुद्दा नहीं, बल्कि आम जनता की सुरक्षा, विकास और भविष्य से सीधे जुड़ा विषय है।
सीमापार संबंधों का भावनात्मक पहलू
नीलोफर मसूद ने इस बात पर भी ज़ोर दिया कि जम्मू-कश्मीर और पीओजेके के लोगों के बीच ऐतिहासिक और पारिवारिक संबंध रहे हैं। उन्होंने याद दिलाया कि एक समय था जब सीमाओं के पार आना-जाना अपेक्षाकृत सहज था और परिवारों के बीच संपर्क बना रहता था। वर्तमान तनावपूर्ण स्थिति का असर दोनों ओर के आम लोगों पर पड़ता है, जिनके रिश्तेदार सीमा के दोनों तरफ हैं।
सीमावर्ती क्षेत्रों में अमन की दुआ
मसूद ने कहा कि वे सीमावर्ती क्षेत्रों में भी सामान्य स्थिति बहाल होने और शांति कायम होने की कामना करती हैं। उनके अनुसार, इन भावनात्मक और पारिवारिक जुड़ावों के कारण आम लोग हमेशा शांति की उम्मीद रखते हैं और किसी भी तनाव या संघर्ष की स्थिति दोनों ओर की जनता के लिए चिंता का कारण बन जाती है। यह ऐसे समय में आया है जब पीओजेके को लेकर राष्ट्रीय स्तर पर राजनीतिक बहस तेज़ हुई है।