नोएडा में साइबर ठगी: शेयर बाज़ार और IPO के नाम पर तीन लोगों से ₹1.38 करोड़ की धोखाधड़ी
सारांश
मुख्य बातें
नोएडा के तीन निवासियों को शेयर बाज़ार में मोटे मुनाफे, IPO में दोगुना रिटर्न और फ़र्ज़ी ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म का लालच देकर साइबर ठगों ने कुल ₹1 करोड़ 38 लाख की ठगी की। पुलिस के अनुसार, साइबर क्राइम थाना, नोएडा ने तीनों मामलों में 7 अगस्त 2026 को एफआईआर दर्ज कर जाँच शुरू कर दी है। ठगों ने सोशल मीडिया, व्हाट्सऐप ग्रुप, टेलीग्राम और फ़र्ज़ी मोबाइल ऐप के ज़रिए पीड़ितों का भरोसा जीता।
सबसे बड़ी ठगी: ₹72 लाख से अधिक का नुकसान
पुलिस के अनुसार, सेक्टर-78 स्थित महागुन मॉडर्न निवासी अमीन उल्ला खान इस मामले में सबसे अधिक नुकसान उठाने वाले पीड़ित हैं। उनकी शिकायत के मुताबिक, सितंबर 2025 में फेसबुक मैसेंजर के ज़रिए उनसे संपर्क किया गया और शेयर बाज़ार में रोज़ाना मुनाफे का लालच देकर एक व्हाट्सऐप ग्रुप से जोड़ा गया।
भरोसा जीतने के लिए शुरुआत में उन्हें ₹53,000 निकालने की अनुमति दी गई, जिसे बाद में दोबारा निवेश करा लिया गया। 16 अक्टूबर से 13 नवंबर 2025 के बीच उन्होंने अपने दो बैंक खातों से ₹72 लाख से अधिक विभिन्न खातों में ट्रांसफर कर दिए। इसके बाद IPO में निवेश के नाम पर पहले ₹18.87 लाख और फिर ₹30 लाख अतिरिक्त जमा करने का दबाव बनाया गया। रकम न देने पर पहले से जमा पूरी राशि जब्त करने की धमकी दी गई, तब उन्हें ठगी का एहसास हुआ।
दूसरा मामला: फ़र्ज़ी ऐप और नकली आयकर नोटिस
सेक्टर-78 स्थित द हाइड पार्क निवासी मोनिश कुमार घोष से ₹52.49 लाख की ठगी की गई। उनके अनुसार, जनवरी 2026 में नामी कंपनियों के नाम पर बनाए गए व्हाट्सऐप ग्रुप और 'TCG Plus' नामक फ़र्ज़ी मोबाइल ऐप के ज़रिए निवेश शुरू कराया गया।
शुरुआत में ₹1 लाख निवेश के बाद धीरे-धीरे कुल ₹52.49 लाख जमा करा लिए गए। जब उन्होंने ₹5 लाख निकालने की कोशिश की, तो पहले 20 प्रतिशत सर्विस चार्ज और फिर ₹21.33 लाख टैक्स जमा करने की माँग की गई। इसके बाद फ़र्ज़ी आयकर नोटिस भी भेजा गया। शक होने पर संबंधित कंपनी से संपर्क करने पर पता चला कि उनके नाम और दस्तावेजों का दुरुपयोग किया जा रहा था।
तीसरा मामला: टेलीग्राम के ज़रिए ₹13.12 लाख की ठगी
सेक्टर-108 निवासी देवेंद्र सिंह रावत को टेलीग्राम के ज़रिए संपर्क कर भारी रिटर्न का लालच दिया गया। उन्हें एक ग्रुप में जोड़कर अलग-अलग बैंक खातों में रकम जमा कराई गई और उन्होंने ₹13 लाख 12 हज़ार ट्रांसफर कर दिए। जब उन्होंने राशि वापस निकालने की कोशिश की तो कोई भुगतान नहीं मिला और तब ठगी का पता चला।
पुलिस की जाँच और सावधानी की अपील
साइबर क्राइम थाना पुलिस ने तीनों मामलों में केस दर्ज कर बैंक खातों, मोबाइल नंबरों, व्हाट्सऐप ग्रुप, टेलीग्राम अकाउंट और फ़र्ज़ी ट्रेडिंग ऐप की जाँच शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि साइबर ठग लगातार सोशल मीडिया और ऑनलाइन निवेश के नाम पर लोगों को निशाना बना रहे हैं।
यह ऐसे समय में आया है जब देशभर में ऑनलाइन निवेश धोखाधड़ी के मामलों में तेज़ी से वृद्धि हो रही है। विशेषज्ञों की सलाह है कि किसी भी अनजान व्यक्ति या ग्रुप के ज़रिए ऑनलाइन निवेश से पहले SEBI-पंजीकृत प्लेटफॉर्म की जाँच अवश्य करें और संदिग्ध गतिविधि की तुरंत साइबर हेल्पलाइन 1930 पर सूचना दें।