ओडिशा क्राइम ब्रांच के आईजी शेफीन अहमद के. का निधन, सीएम मोहन माझी और डिप्टी सीएम ने जताया शोक
सारांश
मुख्य बातें
ओडिशा कैडर के 2003 बैच के वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी शेफीन अहमद के. का 31 अगस्त को तिरुवनंतपुरम के एक निजी अस्पताल में कैंसर के उपचार के दौरान असामयिक निधन हो गया। जुलाई 2023 से ओडिशा क्राइम ब्रांच (सीआईडी, सीबी) में इंस्पेक्टर जनरल (आईजी) के पद पर कार्यरत शेफीन केरल के मूल निवासी थे। उनके निधन की खबर से ओडिशा पुलिस और प्रशासनिक जगत में शोक की लहर दौड़ गई।
मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री की संवेदनाएं
ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन माझी ने एक्स पर अपनी पीड़ा व्यक्त करते हुए लिखा, 'सीआईडी, सीबी के पुलिस महानिरीक्षक (आईजी) आईपीएस शेफीन अहमद के. के असामयिक निधन से गहरा दुख हुआ है। राज्य और ओडिशा पुलिस के लिए उनकी समर्पित सेवा को हमेशा याद किया जाएगा। उनके परिवार, सहयोगियों और चाहने वालों के प्रति मेरी गहरी संवेदनाएं। उनकी आत्मा को शांति मिले।'
ओडिशा के उपमुख्यमंत्री कनक वर्धन सिंह देव ने भी एक्स पर लिखा, 'सीआईडी, सीबी के पुलिस महानिरीक्षक (आईजी) आईपीएस शेफीन अहमद के असामयिक निधन से गहरा दुख हुआ है। राज्य और ओडिशा पुलिस के प्रति उनके अटूट समर्पण और उत्कृष्ट सेवा को हमेशा याद रखा जाएगा। उनके परिवार, सहयोगियों और प्रियजनों के प्रति मेरी गहरी संवेदनाएं। उनकी आत्मा को शांति मिले।'
ओडिशा पुलिस की श्रद्धांजलि
ओडिशा पुलिस ने एक्स पर अपना शोक व्यक्त करते हुए कहा, 'ओडिशा पुलिस शेफीन अहमद के (आईपीएस, आईजीपी, सीआईडी, क्राइम ब्रांच, कटक) के निधन पर शोक व्यक्त करती है। 2003 बैच के एक बेहतरीन अधिकारी के तौर पर, उन्होंने पूरी निष्ठा, ईमानदारी और पेशेवर तरीके से अपनी सेवाएं दीं। पुलिसिंग, और खासकर साइबर क्राइम की जांच में उनके अहम योगदान को हमेशा सम्मान के साथ याद किया जाएगा।'
शेफीन अहमद का सेवा-सफर
इंजीनियरिंग स्नातक शेफीन अहमद सीआईटीयू नेता हबीब के पुत्र थे। उन्होंने इंटर-कैडर डेप्युटेशन पर केरल में भी सेवाएं दीं और तिरुवनंतपुरम में एसपी रूरल के पद पर कार्य किया। साइबर क्राइम डिवीज़न और सीआईडी सीबी में उनके उल्लेखनीय योगदान के लिए उन्हें अनेक सम्मान और पदक प्रदान किए गए थे।
आगे की स्थिति
शेफीन अहमद के निधन से ओडिशा क्राइम ब्रांच में आईजी का पद रिक्त हो गया है। उनके परिवार और सहयोगियों के प्रति पुलिस बल ने एकजुटता प्रकट की है। यह ओडिशा पुलिस के लिए एक अपूरणीय क्षति है, विशेष रूप से साइबर अपराध जांच के क्षेत्र में जहाँ उनका नेतृत्व अत्यंत प्रभावशाली रहा था।