ओम प्रकाश राजभर की मांग: प्रयागराज के स्वरूपरानी अस्पताल का नाम अमर शहीद ठाकुर रोशन सिंह के नाम पर हो
सारांश
मुख्य बातें
सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (सुभासपा) के अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने 8 अगस्त 2026 को प्रयागराज स्थित स्वरूपरानी नेहरू अस्पताल का नाम बदलकर अमर शहीद ठाकुर रोशन सिंह के नाम पर रखने की मांग का खुलकर समर्थन किया। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि 9 अगस्त को काकोरी एक्शन की 100वीं वर्षगांठ के अवसर पर यह कदम ऐतिहासिक दृष्टि से उचित और सामयिक है।
मांग का आधार और ऐतिहासिक संदर्भ
राजभर ने कहा कि प्रयागराज की मलाका जेल, जो वर्तमान में स्वरूपरानी अस्पताल के रूप में जानी जाती है, वही स्थान है जहाँ ठाकुर रोशन सिंह को देश की स्वतंत्रता के लिए फाँसी दी गई थी। उनके अनुसार, ऐसे महापुरुष के बलिदान को उचित सम्मान देना इतिहास की गलतियों को सुधारने का अवसर है। उन्होंने कहा कि ठाकुर रोशन सिंह ने हँसते-हँसते फाँसी के फंदे को चूमा और उनके त्याग को राष्ट्रीय स्तर पर मान्यता मिलनी चाहिए।
स्वरूपरानी जी के सम्मान पर स्पष्टीकरण
राजभर ने यह भी स्पष्ट किया कि उन्हें या उनकी पार्टी को स्वरूपरानी जी के नाम से कोई आपत्ति नहीं है। उन्होंने कहा, 'स्वरूपरानी जी का सम्मान हमारे हृदय में था, है और रहेगा। वह स्वर्गीय मोतीलाल नेहरू जी की पत्नी थीं और देश के पहले प्रधानमंत्री की माँ थीं। उनका योगदान हिंदुस्तान के लिए काफी है और वह हमेशा हमारे हृदय में जीवित रहेंगी।' उन्होंने यह भी जोड़ा कि प्रयागराज में नेहरू परिवार के नाम पर पहले से 40 से अधिक संस्थान हैं, इसलिए किसी के अपमान का प्रश्न ही नहीं उठता।
अखिलेश यादव से समर्थन की अपेक्षा
सुभासपा अध्यक्ष ने उम्मीद जताई कि समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव भी इस प्रस्ताव का समर्थन करेंगे। उन्होंने कहा कि अखिलेश यादव को भी यह ज्ञात है कि महाराजा सुहेलदेव राजभर को उचित सम्मान दिलाने में लगभग एक हजार वर्ष लग गए, जबकि उस दौरान विदेशी आक्रांता सालार मसूद गाजी की इस देश में पूजा होती रही।
मुख्यमंत्री से मुलाकात का इरादा
राजभर ने घोषणा की कि वे इस मुद्दे को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से शीघ्र मुलाकात करेंगे और अपना पक्ष रखेंगे। यह मांग ऐसे समय में आई है जब काकोरी एक्शन की शताब्दी के अवसर पर स्वतंत्रता सेनानियों को पुनः स्मरण करने की राष्ट्रीय चर्चा तेज हो रही है। आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर राजनीतिक हलचल और तेज होने की संभावना है।