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एसएसबी पेपर लीक पर उमर अब्दुल्ला का जेपी नड्डा को करारा जवाब: '2022 में एलजी चला रहे थे जम्मू-कश्मीर'

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एसएसबी पेपर लीक पर उमर अब्दुल्ला का जेपी नड्डा को करारा जवाब: '2022 में एलजी चला रहे थे जम्मू-कश्मीर'

सारांश

उमर अब्दुल्ला ने जेपी नड्डा के एसएसबी पेपर लीक के दावे को सीधे पलट दिया — यह लीक 2022 में हुई, जब जम्मू-कश्मीर में एलजी का शासन था, न कि NC-कांग्रेस की सरकार। यह पलटवार नीट विवाद के बीच जवाबदेही की लड़ाई को नई धार देता है।

मुख्य बातें

उमर अब्दुल्ला ने एक्स पर पोस्ट कर कहा कि एसएसबी पेपर लीक 2022 में हुई, जब जम्मू-कश्मीर में एलजी शासन था।
जेपी नड्डा ने बुधवार प्रेस कॉन्फ्रेंस में गलत तरीके से NC-कांग्रेस सरकार को जिम्मेदार ठहराया था।
उमर अब्दुल्ला ने जम्मू-कश्मीर हाईकोर्ट की टिप्पणियों और हाई-लेवल कमेटी रिपोर्ट का हवाला देते हुए नड्डा से जानकारी साझा करने की माँग की।
नड्डा ने राहुल गांधी पर भी निशाना साधा, जिन्होंने संसद में करीब 150 पेपर लीक का उल्लेख किया था।
नड्डा ने हिमाचल प्रदेश, झारखंड, तेलंगाना, तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल, पंजाब, केरल और कर्नाटक में भी पेपर लीक का जिक्र किया।

जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने 24 जुलाई 2024 को केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा के उस दावे का तीखा खंडन किया, जिसमें नड्डा ने एसएसबी पेपर लीक के लिए जम्मू-कश्मीर में नेशनल कॉन्फ्रेंस-कांग्रेस सरकार को जिम्मेदार ठहराया था। उमर अब्दुल्ला ने स्पष्ट किया कि यह घटना 2022 की है, जब राज्य में उपराज्यपाल (एलजी) का शासन था, न कि उनकी पार्टी की सरकार।

मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला का पलटवार

गुरुवार सुबह सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने लिखा, 'जेपी नड्डा जी, जम्मू-कश्मीर में एसएसबी पेपर लीक के बारे में आपकी बात बिल्कुल सही है, लेकिन आपने तारीख गलत बताई है। यह 2022 की बात है।' उन्होंने आगे कहा कि उस समय सत्ता में नेशनल कॉन्फ्रेंस (NC) और कांग्रेस की नहीं, बल्कि लेफ्टिनेंट गवर्नर के नेतृत्व में सरकार थी।

उमर अब्दुल्ला ने यह भी कहा, 'इस नाकामी की तरफ सबका ध्यान दिलाने के लिए आपका धन्यवाद।' उन्होंने जम्मू-कश्मीर हाईकोर्ट की उन टिप्पणियों और आदेशों का भी उल्लेख किया जो इस मामले से जुड़े थे, और नड्डा से माँग की कि वे अपनी अगली प्रेस कॉन्फ्रेंस में हाई-लेवल कमेटी की रिपोर्ट के बारे में जानकारी साझा करें।

जेपी नड्डा की प्रेस कॉन्फ्रेंस और दावे

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने बुधवार देर शाम नीट पेपर लीक विवाद पर विपक्ष के हंगामे के संदर्भ में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस की थी। इस दौरान उन्होंने गैर-एनडीए शासित राज्यों में पेपर लीक की घटनाओं का उल्लेख किया और जम्मू-कश्मीर को भी इस सूची में शामिल किया। नड्डा ने दावा किया कि जम्मू-कश्मीर में सर्विस सेलेक्शन बोर्ड (SSB) परीक्षा का पेपर लीक हुआ, जहाँ 'कांग्रेस और नेशनल कॉन्फ्रेंस की सरकार है।'

नड्डा ने हिमाचल प्रदेश, झारखंड, तेलंगाना, तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल, पंजाब, केरल और कर्नाटक में भी पेपर लीक और परीक्षा में गड़बड़ियों का उल्लेख किया।

राहुल गांधी पर नड्डा का सवाल

नड्डा ने कहा कि विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने संसद में करीब 150 पेपर लीक का उल्लेख किया, लेकिन उन्होंने यूपीए और यूपीए-समर्थित सरकारों के दौरान हुई लीक घटनाओं पर चुप्पी साधी। नड्डा ने कहा, 'जाँच के आधार पर सत्य सामने लाया जाएगा, ताकि दूध का दूध और पानी का पानी हो सके।'

राजनीतिक संदर्भ और आगे की राह

यह ऐसे समय में आया है जब नीट पेपर लीक को लेकर संसद में विपक्ष और सत्ता पक्ष के बीच तीखी नोकझोंक जारी है। उमर अब्दुल्ला का यह पलटवार राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण है क्योंकि यह सीधे तौर पर केंद्र द्वारा नियुक्त एलजी प्रशासन की जवाबदेही का सवाल उठाता है। गौरतलब है कि 2022 में जम्मू-कश्मीर पूर्ण राज्य का दर्जा खो चुका था और केंद्र शासित प्रदेश के रूप में एलजी के अधीन था। हाईकोर्ट की टिप्पणियों और हाई-लेवल कमेटी की रिपोर्ट के भविष्य पर अभी भी स्पष्टता नहीं है, जो इस विवाद को और गहरा बनाती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

इसलिए एसएसबी लीक की जवाबदेही एलजी प्रशासन की बनती है। नड्डा ने जो राज्यवार सूची पेश की, उसमें तथ्यात्मक चूक ने विपक्ष को तुरंत पलटवार का मौका दे दिया। असली सवाल यह है कि हाई-लेवल कमेटी की रिपोर्ट आज तक सार्वजनिक क्यों नहीं हुई — यह जानकारी न केवल जम्मू-कश्मीर के छात्रों के लिए, बल्कि पूरे देश में जारी पेपर लीक बहस के लिए प्रासंगिक है।
RashtraPress
23 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

उमर अब्दुल्ला ने जेपी नड्डा को किस बात पर जवाब दिया?
उमर अब्दुल्ला ने जेपी नड्डा के उस दावे को गलत बताया जिसमें नड्डा ने जम्मू-कश्मीर में एसएसबी पेपर लीक के लिए NC-कांग्रेस सरकार को जिम्मेदार ठहराया था। उमर ने स्पष्ट किया कि यह लीक 2022 में हुई, जब राज्य में एलजी का शासन था।
जम्मू-कश्मीर एसएसबी पेपर लीक कब हुई थी?
मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला के अनुसार एसएसबी पेपर लीक 2022 में हुई थी। उस समय जम्मू-कश्मीर केंद्र शासित प्रदेश था और लेफ्टिनेंट गवर्नर के नेतृत्व में प्रशासन चल रहा था।
जेपी नड्डा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में क्या कहा था?
जेपी नड्डा ने बुधवार देर शाम नीट पेपर लीक विवाद के संदर्भ में प्रेस कॉन्फ्रेंस की और गैर-एनडीए राज्यों में पेपर लीक की घटनाओं की सूची पेश की। उन्होंने जम्मू-कश्मीर सहित हिमाचल प्रदेश, झारखंड, तेलंगाना, तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल, पंजाब, केरल और कर्नाटक का उल्लेख किया।
उमर अब्दुल्ला ने हाई-लेवल कमेटी का जिक्र क्यों किया?
उमर अब्दुल्ला ने कहा कि एसएसबी पेपर लीक मामले में जम्मू-कश्मीर हाईकोर्ट की टिप्पणियों के बाद एक हाई-लेवल कमेटी बनाई गई थी, लेकिन उसकी रिपोर्ट का क्या हुआ, यह अभी तक स्पष्ट नहीं है। उन्होंने नड्डा से माँग की कि वे अगली प्रेस कॉन्फ्रेंस में इस रिपोर्ट की जानकारी सार्वजनिक करें।
राहुल गांधी का इस विवाद से क्या संबंध है?
नड्डा ने कहा कि राहुल गांधी ने संसद में करीब 150 पेपर लीक का उल्लेख किया, लेकिन यूपीए और यूपीए-समर्थित सरकारों के दौरान हुई लीक घटनाओं पर चुप रहे। नड्डा ने इसे 'सेलेक्टिव रवैया' बताते हुए राहुल गांधी से जवाब माँगा।
राष्ट्र प्रेस
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