भारतीय लोकतंत्र की ताकत स्वीकारें पश्चिमी देश — नॉर्वे के पूर्व मंत्री एरिक सोल्हेम
सारांश
मुख्य बातें
नॉर्वे के पूर्व मंत्री एरिक सोल्हेम ने 6 मई 2026 को कहा कि भारत में हाल ही में संपन्न चार राज्यों और एक केंद्रशासित प्रदेश के विधानसभा चुनावों में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को मिली बड़ी जीत के बाद अब पश्चिमी देशों को भारतीय लोकतंत्र की वास्तविक ताकत को स्वीकार करना चाहिए। सोल्हेम के अनुसार, भारत न केवल आकार में बल्कि अपने सार में भी दुनिया के सबसे मज़बूत लोकतंत्रों में से एक है।
चुनावी परिणाम और उनका महत्व
भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने पश्चिम बंगाल और असम के राज्य चुनावों में उल्लेखनीय जीत दर्ज की। सोल्हेम ने विशेष रूप से पश्चिम बंगाल में 90% से अधिक मतदान का उल्लेख करते हुए कहा कि यह यूरोपीय और अमेरिकी चुनावों में सामान्य भागीदारी से कहीं अधिक है। उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि 10.6 करोड़ की आबादी वाला पश्चिम बंगाल यूरोपीय संघ के किसी भी एकल देश से बड़ा है, जो इन परिणामों को वैश्विक परिप्रेक्ष्य में और भी महत्वपूर्ण बनाता है।
पश्चिमी मीडिया की आलोचना
सोल्हेम ने कहा कि इन परिणामों को पश्चिमी मीडिया को गहराई से सोचने पर मजबूर करना चाहिए। उनके अनुसार, पश्चिमी मीडिया अक्सर प्रधानमंत्री मोदी को लोकतंत्र के लिए खतरा और उनकी नीतियों को किसी प्रकार का हिंदू उग्रवाद बताकर प्रस्तुत करता है। उन्होंने कहा कि वास्तविकता इसके बिल्कुल विपरीत है — भारत का लोकतंत्र पश्चिमी ढाँचे की नकल नहीं, बल्कि भारतीय परंपराओं और इतिहास में गहराई से जुड़ा हुआ है।
लोकतांत्रिक प्रक्रिया की परिपक्वता
सोल्हेम ने इस बात पर ज़ोर दिया कि पश्चिम बंगाल और केरल में चौंकाने वाले परिणाम आए और तमिलनाडु में भी एक बड़ा झटका देखने को मिला, फिर भी हारने वाले दलों ने हार को सहजता से स्वीकार किया। उन्होंने यह भी कहा कि मतदान उच्च रहा, हिंसा की घटनाएँ लगभग नगण्य रहीं और सबसे दूरस्थ क्षेत्रों में भी हर नागरिक को मतपत्र मिला। उनके अनुसार, भारत में अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर कोई रोक नहीं है और नागरिक इसका व्यापक रूप से उपयोग करते हैं।
2024 के बाद BJP की लगातार जीत
सोल्हेम ने याद दिलाया कि जब 2024 के संसदीय चुनावों में BJP का प्रदर्शन अपेक्षाओं से कम रहा, तो कई पश्चिमी मीडिया संस्थानों ने इसे मोदी के राजनीतिक अंत की शुरुआत के रूप में प्रस्तुत किया। हालाँकि उसके बाद से BJP ने ओडिशा, हरियाणा, दिल्ली, महाराष्ट र, बिहार में विधानसभा चुनाव जीते और अब असम व पश्चिम बंगाल में भी जीत दर्ज की है। यह क्रम पश्चिमी विश्लेषकों की उस भविष्यवाणी को खारिज करता है जो बार-बार मोदी के राजनीतिक पतन की घोषणा करते रहे हैं।
भारत से प्रेरणा लेने का आह्वान
सोल्हेम ने अपनी बात समाप्त करते हुए कहा कि ऐसे समय में जब अमेरिका में लोकतंत्र को खतरे में बताया जा रहा है और यूरोपीय लोकतंत्रों को ठोस नतीजे देने में कठिनाई हो रही है, पश्चिम को भारत से डरने की नहीं, बल्कि प्रेरणा लेने की ज़रूरत है। यह टिप्पणी ऐसे समय आई है जब भारत-पश्चिम संबंधों में लोकतांत्रिक मानकों को लेकर बहस तेज़ होती जा रही है।