जम्मू-कश्मीर विधानसभा सत्र से पहले पीडीपी का ऐलान: 'पद नहीं, जनता को राहत चाहिए' — आगा मुंतजिर
सारांश
मुख्य बातें
जम्मू-कश्मीर विधानसभा के पाँच दिवसीय सत्र से ठीक पहले पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) ने अपनी प्राथमिकताएँ स्पष्ट कर दी हैं। पीडीपी विधायक आगा सैयद मुंतजिर मेहदी ने 19 सितंबर 2026 को श्रीनगर में कहा कि उनकी पार्टी के लिए इस समय भत्ते, स्पीकर पद या कोई अन्य विशेषाधिकार मायने नहीं रखते — असली एजेंडा जम्मू-कश्मीर की जनता को ठोस राहत दिलाना है। यह बयान ऐसे समय में आया है जब सोमवार से विधानसभा का सत्र शुरू होने वाला है।
पीडीपी का स्पष्ट रुख
आगा मुंतजिर ने कहा, 'इस समय पीडीपी के लिए पोस्ट, भत्ते और खास अधिकार मायने नहीं रखते। हमारे लिए मायने ये रखता है कि हम लोगों को कैसे राहत दें, आरक्षण का मुद्दा कैसे सुलझाएँ और यहाँ के बच्चों को कैसे सुविधाएँ मुहैया कराएँ।' उन्होंने स्पष्ट किया कि जम्मू-कश्मीर के लोगों को सुविधाएँ देना उनकी एकमात्र प्राथमिकता है, न कि किसी पद की तलाश।
विपक्ष की भूमिका और सरकार को चेतावनी
विधानसभा सत्र को लेकर मुंतजिर ने कहा कि पाँच दिन का यह सत्र भले ही कम अवधि का हो, लेकिन पीडीपी एक जिम्मेदार विपक्ष की भूमिका निभाएगी। उन्होंने कहा कि सरकार ने दो साल पहले जो वादे किए थे — चाहे वे आरक्षण से जुड़े हों, राजनीतिक बंदियों की रिहाई से जुड़े हों, या अन्य सुधारों से संबंधित हों — पीडीपी वे सभी मुद्दे सदन में उठाएगी। उन्होंने जनरल कैटेगरी के छात्रों के साथ कथित 'संस्थागत भेदभाव' का मुद्दा भी उठाया।
इल्तिजा मुफ्ती का आरोप — दो साल में रिपोर्ट नहीं
पीडीपी नेता इल्तिजा मुफ्ती ने नेशनल कॉन्फ्रेंस सरकार पर सीधा हमला बोला। उन्होंने कहा कि दिसंबर 2024 में, मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने ओपन मेरिट छात्रों से वादा किया था कि छह महीने के भीतर एक कमेटी रिपोर्ट लाई जाएगी और उनका मसला हल कर दिया जाएगा। उन्होंने कहा, 'तब से दो साल बीत चुके हैं और हमने आज तक वह रिपोर्ट नहीं देखी।' इल्तिजा के अनुसार, इस बीच जो भी नौकरी की रिक्तियाँ घोषित हुईं, उनमें इस कैटेगरी के छात्रों को उचित प्रतिनिधित्व नहीं मिला।
मध्य-पूर्व और अंतरराष्ट्रीय परिदृश्य पर टिप्पणी
आगा मुंतजिर ने अंतरराष्ट्रीय मंच पर भी बात की। उन्होंने कहा कि मध्य-पूर्व के हालात काफी तनावपूर्ण हैं और उम्मीद है कि विश्व के नेता मिलकर इसका हल निकालेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि अंतरराष्ट्रीय फोरम पर अब पश्चिमी देशों की नीतियों पर खुलकर सवाल उठाना स्वागतयोग्य कदम है। गौरतलब है कि उनकी यह टिप्पणी एक राज्य विधायक के रूप में असामान्य भू-राजनीतिक बयानबाजी है।
आगे क्या होगा
पीडीपी सत्र के दौरान आरक्षण नीति, राजनीतिक बंदियों की रिहाई और जनरल कैटेगरी छात्रों के रोजगार अधिकारों पर सवाल उठाने की तैयारी में है। इल्तिजा मुफ्ती के बयान के बाद यह स्पष्ट है कि ओपन मेरिट छात्रों का मुद्दा सत्र में प्रमुख रूप से गूँजेगा। विधानसभा सत्र में नेशनल कॉन्फ्रेंस सरकार को कड़े सवालों का सामना करना पड़ सकता है।