1 अगस्त 2026
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कांवड़ियों की सेवा पर विवाद: संजय निरुपम बोले — 'पुलिस भी हिंदू है, शिव-सेवा का अधिकार सबको'

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कांवड़ियों की सेवा पर विवाद: संजय निरुपम बोले — 'पुलिस भी हिंदू है, शिव-सेवा का अधिकार सबको'

सारांश

कांवड़ियों की सेवा में पुलिस की भूमिका पर छिड़े विवाद में शिवसेना नेता संजय निरुपम ने साफ कहा — 'पुलिस भी हिंदू है, शिव-सेवा गलत नहीं।' साथ ही उन्होंने जंतर-मंतर प्रदर्शन पर मोदी की माफी को 'बड़े दिल' का परिचय बताया और राम मंदिर चढ़ावा चोरी पर विपक्ष को घेरा।

मुख्य बातें

शिवसेना नेता संजय निरुपम ने 1 अगस्त को कांवड़ियों की पुलिस-सेवा पर उठे सवालों को खारिज किया।
निरुपम ने कहा — 'पुलिस भी हिंदू है' और श्रद्धा से की गई सेवा को शिव-सेवा बताया।
जंतर-मंतर प्रदर्शन में अभद्र भाषा प्रयोग करने वाले छात्रों को PM मोदी द्वारा माफ किए जाने को उन्होंने 'बड़े दिल' का परिचय करार दिया।
राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में एसआईटी जाँच जारी; निरुपम ने कहा — संदिग्धों में कोई साधु-संत नहीं।
निरुपम ने राहुल गांधी और पप्पू यादव पर सनातन-विरोध का आरोप लगाया।

शिवसेना नेता संजय निरुपम ने 1 अगस्त को मुंबई में कांवड़ यात्रा के दौरान पुलिसकर्मियों द्वारा कांवड़ियों को फल, शीतल पेयजल और अन्य सामग्री वितरित किए जाने पर उठ रहे सवालों को सिरे से खारिज कर दिया। उन्होंने स्पष्ट कहा कि पुलिस भी हिंदू है और श्रद्धा से की गई सेवा को धर्म-विरोध के चश्मे से नहीं देखा जाना चाहिए।

कांवड़ सेवा विवाद पर निरुपम का पक्ष

निरुपम ने कहा कि सावन के पवित्र महीने में देशभर के शिवभक्त कांवड़ लेकर सैकड़ों किलोमीटर की पैदल यात्रा करते हैं और भगवान शिव का जलाभिषेक करते हैं। उनके अनुसार, इस तपस्या के दौरान कांवड़िए साक्षात शिव का स्वरूप बन जाते हैं। उन्होंने तर्क दिया, 'अगर हिंदू धर्म में आस्था रखने वाले पुलिसकर्मी श्रद्धावश कांवड़ियों के पैर धो रहे हैं, तो यह शिव की सेवा है — और शिव की सेवा का अधिकार सबको है।'

उन्होंने यह भी कहा कि पुलिस गैर-हिंदू नहीं है, उसका भी एक धर्म है, और भक्ति से प्रेरित सेवा पर एतराज उचित नहीं है।

जंतर-मंतर प्रदर्शन और PM मोदी की माफी पर प्रतिक्रिया

जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनकी स्वर्गीय माताजी के लिए अभद्र भाषा का इस्तेमाल करने वाले छात्रों को पीएम द्वारा माफ किए जाने पर निरुपम ने कहा कि यह घटना पूरे देश को आहत करने वाली थी। उन्होंने कहा कि 'पीएम मोदी ने वीडियो संदेश के ज़रिए बड़े दिल का परिचय दिया' और यह स्वीकार किया कि बचपन में गलतियाँ होती हैं, इसलिए उन्हें सुधरने का एक मौका दिया जाना चाहिए।

निरुपम ने कहा कि प्रधानमंत्री ने तथाकथित 'जेनजी' को माफ करते हुए उन्हें सुधार का अवसर दिया है। उन्होंने यह भी जोड़ा कि अगर विपक्ष इस आचरण पर सवाल उठाता है, तो उससे गलत कुछ नहीं हो सकता।

सोशल मीडिया रणनीति पर मोदी की तारीफ

निरुपम ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी 2014 से सोशल मीडिया का प्रभावी उपयोग कर रहे हैं। उन्होंने इंस्टाग्राम को देश-विदेश के युवाओं का सक्रिय मंच बताते हुए कहा कि पीएम ने उसी माध्यम से देश की युवा पीढ़ी से संपर्क साधना चुना, जो एक समझदारी भरा फैसला है।

राम मंदिर चढ़ावा चोरी और विपक्ष पर हमला

अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावा चोरी के मामले को लेकर संसद परिसर में विपक्ष के प्रदर्शन पर निरुपम ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी और राजनेता पप्पू यादव पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि दोनों सनातन और हिंदू विरोधी हैं और उन्हें केवल सनातन का विरोध करने का अवसर चाहिए।

निरुपम ने कहा कि अयोध्या चोरी मामले की एसआईटी जाँच जारी है और जिन पर संदेह है उनमें कोई भी साधु-संत नहीं है। उनके अनुसार, 'पप्पू यादव ने भगवा धारण कर साधु-संतों को अपमानित करने का मौका खोज लिया' — जो असंसदीय और अशोभनीय है।

आगे क्या

कांवड़ यात्रा के दौरान पुलिस की भूमिका और धार्मिक सेवा की सीमाओं पर यह बहस आने वाले दिनों में और तेज़ होने की संभावना है, खासकर जब सावन का महीना अपने चरम पर है। राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में एसआईटी की जाँच रिपोर्ट का इंतज़ार है, जो राजनीतिक विवाद की दिशा तय करेगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन संवैधानिक पहलू — पुलिस की धर्मनिरपेक्ष ड्यूटी — पर बहस से बचा जाता है। जंतर-मंतर प्रकरण में 'माफी' को 'बड़े दिल' की संज्ञा देना और विपक्ष के सवालों को सनातन-विरोध से जोड़ना — यह वह राजनीतिक फ्रेमिंग है जो असल मुद्दों को भावनात्मक आख्यान में बदल देती है। राम मंदिर चढ़ावा चोरी पर एसआईटी जाँच अभी जारी है — किसी भी पक्ष पर आरोप लगाना समय से पहले है।
RashtraPress
1 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

संजय निरुपम ने कांवड़ यात्रा विवाद पर क्या कहा?
शिवसेना नेता संजय निरुपम ने कहा कि पुलिस भी हिंदू है और सावन में श्रद्धावश कांवड़ियों की सेवा करना शिव-सेवा है। उनके अनुसार, इस पर एतराज उचित नहीं क्योंकि शिव की सेवा का अधिकार सबको है।
जंतर-मंतर प्रदर्शन और PM मोदी की माफी पर निरुपम का क्या रुख है?
निरुपम ने कहा कि PM मोदी ने वीडियो संदेश के ज़रिए भटके हुए युवाओं को माफ कर बड़े दिल का परिचय दिया। उन्होंने यह भी कहा कि बचपन में गलतियाँ होती हैं और सुधार का मौका दिया जाना उचित है।
राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में अभी क्या स्थिति है?
अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावा चोरी मामले की एसआईटी जाँच जारी है। निरुपम के अनुसार, संदिग्धों में कोई साधु-संत नहीं है और विपक्ष का प्रदर्शन असंसदीय था।
निरुपम ने राहुल गांधी और पप्पू यादव पर क्या आरोप लगाए?
निरुपम ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी और राजनेता पप्पू यादव को सनातन-विरोधी और हिंदू-विरोधी करार दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि दोनों संसद परिसर में किए गए प्रदर्शन के ज़रिए साधु-संतों को अपमानित करने का मौका तलाश रहे थे।
कांवड़ यात्रा के दौरान पुलिस की सेवा पर विवाद क्यों उठा?
सावन के महीने में कांवड़ यात्रा के दौरान पुलिसकर्मियों द्वारा कांवड़ियों को फल, शीतल पेयजल और सामग्री वितरित करने तथा पैर धोने जैसी सेवाएँ देने पर सवाल उठे। आलोचकों का कहना है कि सरकारी ड्यूटी पर तैनात पुलिस का धार्मिक सेवा में इस तरह शामिल होना उचित है या नहीं, यह विमर्श का विषय है।
राष्ट्र प्रेस
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