कांवड़ियों की सेवा पर विवाद: संजय निरुपम बोले — 'पुलिस भी हिंदू है, शिव-सेवा का अधिकार सबको'
सारांश
मुख्य बातें
शिवसेना नेता संजय निरुपम ने 1 अगस्त को मुंबई में कांवड़ यात्रा के दौरान पुलिसकर्मियों द्वारा कांवड़ियों को फल, शीतल पेयजल और अन्य सामग्री वितरित किए जाने पर उठ रहे सवालों को सिरे से खारिज कर दिया। उन्होंने स्पष्ट कहा कि पुलिस भी हिंदू है और श्रद्धा से की गई सेवा को धर्म-विरोध के चश्मे से नहीं देखा जाना चाहिए।
कांवड़ सेवा विवाद पर निरुपम का पक्ष
निरुपम ने कहा कि सावन के पवित्र महीने में देशभर के शिवभक्त कांवड़ लेकर सैकड़ों किलोमीटर की पैदल यात्रा करते हैं और भगवान शिव का जलाभिषेक करते हैं। उनके अनुसार, इस तपस्या के दौरान कांवड़िए साक्षात शिव का स्वरूप बन जाते हैं। उन्होंने तर्क दिया, 'अगर हिंदू धर्म में आस्था रखने वाले पुलिसकर्मी श्रद्धावश कांवड़ियों के पैर धो रहे हैं, तो यह शिव की सेवा है — और शिव की सेवा का अधिकार सबको है।'
उन्होंने यह भी कहा कि पुलिस गैर-हिंदू नहीं है, उसका भी एक धर्म है, और भक्ति से प्रेरित सेवा पर एतराज उचित नहीं है।
जंतर-मंतर प्रदर्शन और PM मोदी की माफी पर प्रतिक्रिया
जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनकी स्वर्गीय माताजी के लिए अभद्र भाषा का इस्तेमाल करने वाले छात्रों को पीएम द्वारा माफ किए जाने पर निरुपम ने कहा कि यह घटना पूरे देश को आहत करने वाली थी। उन्होंने कहा कि 'पीएम मोदी ने वीडियो संदेश के ज़रिए बड़े दिल का परिचय दिया' और यह स्वीकार किया कि बचपन में गलतियाँ होती हैं, इसलिए उन्हें सुधरने का एक मौका दिया जाना चाहिए।
निरुपम ने कहा कि प्रधानमंत्री ने तथाकथित 'जेनजी' को माफ करते हुए उन्हें सुधार का अवसर दिया है। उन्होंने यह भी जोड़ा कि अगर विपक्ष इस आचरण पर सवाल उठाता है, तो उससे गलत कुछ नहीं हो सकता।
सोशल मीडिया रणनीति पर मोदी की तारीफ
निरुपम ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी 2014 से सोशल मीडिया का प्रभावी उपयोग कर रहे हैं। उन्होंने इंस्टाग्राम को देश-विदेश के युवाओं का सक्रिय मंच बताते हुए कहा कि पीएम ने उसी माध्यम से देश की युवा पीढ़ी से संपर्क साधना चुना, जो एक समझदारी भरा फैसला है।
राम मंदिर चढ़ावा चोरी और विपक्ष पर हमला
अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावा चोरी के मामले को लेकर संसद परिसर में विपक्ष के प्रदर्शन पर निरुपम ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी और राजनेता पप्पू यादव पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि दोनों सनातन और हिंदू विरोधी हैं और उन्हें केवल सनातन का विरोध करने का अवसर चाहिए।
निरुपम ने कहा कि अयोध्या चोरी मामले की एसआईटी जाँच जारी है और जिन पर संदेह है उनमें कोई भी साधु-संत नहीं है। उनके अनुसार, 'पप्पू यादव ने भगवा धारण कर साधु-संतों को अपमानित करने का मौका खोज लिया' — जो असंसदीय और अशोभनीय है।
आगे क्या
कांवड़ यात्रा के दौरान पुलिस की भूमिका और धार्मिक सेवा की सीमाओं पर यह बहस आने वाले दिनों में और तेज़ होने की संभावना है, खासकर जब सावन का महीना अपने चरम पर है। राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में एसआईटी की जाँच रिपोर्ट का इंतज़ार है, जो राजनीतिक विवाद की दिशा तय करेगी।