22 सितंबर 2026
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प्रदीप भंडारी का राहुल गांधी से सवाल: 1980 में सोनिया गांधी नागरिक नहीं थीं, तो वोट कैसे डाला?

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प्रदीप भंडारी का राहुल गांधी से सवाल: 1980 में सोनिया गांधी नागरिक नहीं थीं, तो वोट कैसे डाला?

सारांश

BJP नेता प्रदीप भंडारी ने 22 सितंबर को दिल्ली में दावा किया कि सोनिया गांधी ने 1980 में भारतीय नागरिक न होते हुए भी कथित फर्जी दस्तावेजों से मतदान किया। दिल्ली सेशन कोर्ट के निर्देश पर मजिस्ट्रेट जाँच जारी है। राहुल गांधी से 24 घंटे में जवाब माँगा गया।

मुख्य बातें

BJP नेता प्रदीप भंडारी ने 22 सितंबर 2026 को नई दिल्ली प्रेस वार्ता में सोनिया गांधी पर 1980 में कथित फर्जी दस्तावेजों से मतदान का आरोप लगाया।
आरोप संविधान के अनुच्छेद 326 और जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1950 की धारा 16 पर आधारित — दोनों में भारतीय नागरिकता अनिवार्य शर्त।
दिल्ली सेशन कोर्ट ने कथित तौर पर मजिस्ट्रेट अदालत को मामले की जाँच का निर्देश दिया है।
भंडारी के अनुसार नकली दस्तावेज बनाने पर भारतीय न्याय संहिता की धारा 337 के तहत 7 वर्ष तक की सजा संभव।
राहुल गांधी से 24 घंटे के भीतर जवाब देने की माँग; कांग्रेस की ओर से अब तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं।

भारतीय जनता पार्टी (BJP) के नेता प्रदीप भंडारी ने 22 सितंबर 2026 को नई दिल्ली में एक प्रेस वार्ता के दौरान कांग्रेस नेता सोनिया गांधी पर 1980 में कथित तौर पर फर्जी दस्तावेजों के जरिए मतदान करने का गंभीर आरोप लगाया। भंडारी ने लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी से सीधे सवाल पूछते हुए 24 घंटे के भीतर जवाब देने की माँग की।

संवैधानिक आधार पर उठाया सवाल

भंडारी ने अपने आरोपों की नींव भारतीय संविधान के अनुच्छेद 326 और जन प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950 की धारा 16 पर रखी। उन्होंने कहा कि इन दोनों प्रावधानों के अनुसार, भारत में मतदान करने के लिए भारतीय नागरिक होना अनिवार्य शर्त है। उनका आरोप है कि 1980 में सोनिया गांधी भारत की नागरिक नहीं थीं, फिर भी उनका नाम मतदाता सूची में दर्ज कराया गया।

भंडारी के अनुसार, इस संबंध में एक याचिका अदालत में दायर की गई थी। दिल्ली सेशन कोर्ट ने कथित तौर पर मजिस्ट्रेट अदालत को मामले की जाँच करने का निर्देश दिया है ताकि यह पता लगाया जा सके कि क्या कोई संज्ञेय अपराध हुआ है और क्या फर्जी दस्तावेजों का उपयोग किया गया था।

कानूनी दाँव-पेच और संभावित सजा

BJP नेता ने कहा कि यदि नकली दस्तावेज बनाए गए, तो भारतीय न्याय संहिता की धारा 337 के तहत दोषी को 7 वर्ष तक की सजा हो सकती है और यह एक संज्ञेय अपराध की श्रेणी में आता है। उन्होंने 1991 के एक अन्य प्रसंग का भी उल्लेख किया, जिसमें उनके अनुसार सोनिया गांधी के मतदान करने की फोटो सामने आई थी।

गौरतलब है कि ये आरोप पूरी तरह से भंडारी के दावों और एक लंबित अदालती याचिका पर आधारित हैं। अदालत ने अभी तक इन आरोपों पर कोई अंतिम निर्णय नहीं सुनाया है।

राहुल गांधी पर निशाना

भंडारी ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि वे जेब में संविधान की प्रति लेकर चलते हैं, ऐसे में उन्हें इस प्रश्न का उत्तर देना चाहिए कि 1980 में उनके परिवार शासनकाल में 'लोकतंत्र की चोरी' कैसे हुई। उन्होंने कहा, 'एक तरफ कांग्रेस चुनावी प्रक्रिया को लेकर सवाल उठाती है, वहीं दूसरी तरफ खुद से जुड़े फर्जी दस्तावेजों के मामले पर मौन है।'

भंडारी ने यह भी कहा कि कांग्रेस एसआईआर (विशेष गहन पुनरीक्षण) के विरोध के नाम पर घुसपैठियों का समर्थन करती दिखती है, जबकि अपने नेताओं पर लगे आरोपों पर चुप्पी साधे है।

विपक्ष की प्रतिक्रिया और आगे की स्थिति

इस प्रेस वार्ता तक कांग्रेस की ओर से भंडारी के आरोपों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई थी। यह ऐसे समय में आया है जब देश में विपक्ष और सत्तारूढ़ दल के बीच संवैधानिक मुद्दों और नागरिकता संबंधी बहसें तेज हो रही हैं। अदालत में लंबित याचिका का परिणाम ही इस विवाद को कानूनी दिशा देगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

ये आरोप कानूनी रूप से अप्रमाणित ही रहेंगे। BJP का यह कदम ऐसे समय में आया है जब लोकतंत्र और नागरिकता की बहस राजनीतिक केंद्र में है — और दोनों पक्षों के लिए यह एक परीक्षा है कि वे तथ्यों पर टिककर बात करें, न कि आरोप-प्रत्यारोप की राजनीति में।
RashtraPress
22 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

प्रदीप भंडारी का सोनिया गांधी पर क्या आरोप है?
BJP नेता प्रदीप भंडारी का आरोप है कि सोनिया गांधी 1980 में भारतीय नागरिक नहीं थीं, फिर भी कथित तौर पर फर्जी दस्तावेजों के जरिए उनका नाम मतदाता सूची में दर्ज कराया गया और उन्होंने मतदान किया। यह आरोप संविधान के अनुच्छेद 326 और जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1950 की धारा 16 पर आधारित है।
क्या इस मामले में कोई अदालती कार्यवाही हुई है?
भंडारी के अनुसार, इस मामले में एक याचिका अदालत में दायर की गई थी और दिल्ली सेशन कोर्ट ने मजिस्ट्रेट अदालत को जाँच का निर्देश दिया है। अदालत को यह पता लगाना है कि क्या कोई संज्ञेय अपराध हुआ है। अभी तक कोई अंतिम निर्णय नहीं आया है।
फर्जी दस्तावेज बनाने पर क्या सजा हो सकती है?
भंडारी ने बताया कि भारतीय न्याय संहिता की धारा 337 के तहत नकली दस्तावेज बनाने पर 7 वर्ष तक की सजा हो सकती है और यह एक संज्ञेय अपराध है। हालाँकि ये आरोप अभी कथित हैं और अदालत ने कोई निष्कर्ष नहीं दिया है।
भंडारी ने राहुल गांधी से क्या माँग की?
BJP नेता भंडारी ने लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी से 24 घंटे के भीतर जवाब देने की माँग की। उन्होंने पूछा कि जब राहुल गांधी संविधान की प्रति लेकर चलते हैं, तो उन्हें बताना चाहिए कि 1980 में सोनिया गांधी ने किस आधार पर मतदान किया।
कांग्रेस ने इन आरोपों पर क्या प्रतिक्रिया दी?
प्रेस वार्ता के समय तक कांग्रेस की ओर से भंडारी के इन आरोपों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई थी। मामला अदालत में विचाराधीन है और कानूनी प्रक्रिया जारी है।
राष्ट्र प्रेस
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