प्रदीप भंडारी का TMC पर 'लापता लेडीज' तंज, महुआ मोइत्रा-सायोनी घोष समेत चार नेता निशाने पर
सारांश
मुख्य बातें
भाजपा प्रवक्ता प्रदीप भंडारी ने 3 जून को सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म एक्स पर एक पोस्ट साझा कर तृणमूल कांग्रेस (TMC) की चार प्रमुख महिला नेताओं पर तीखा कटाक्ष किया, जिसे ‘लापता लेडीज’ शीर्षक देते हुए उन्होंने पश्चिम बंगाल की मौजूदा राजनीतिक उथल-पुथल से जोड़ा। यह पोस्ट ऐसे समय में आई है जब TMC के भीतर बगावत खुलकर सामने आ रही है और कोलकाता के मेयर फिरहाद हकीम ने अपने पद से इस्तीफ़ा दे दिया है।
पोस्ट में क्या था
भंडारी द्वारा साझा की गई तस्वीर में TMC सांसद महुआ मोइत्रा, सायोनी घोष, वरिष्ठ अधिवक्ता एवं राज्यसभा सदस्य मेनका गुरुस्वामी और पत्रकार-राज्यसभा सदस्य सागरिका घोष की तस्वीरें हैं। तस्वीर पर बड़े अक्षरों में ‘मिसिंग’ लिखा है, जबकि शीर्षक में ‘लापता लेडीज’ का उल्लेख है। कैप्शन में भंडारी ने अंग्रेज़ी में लिखा — ‘नाऊ यू सी मी, नाऊ यू डॉन्ट’ — यानी ‘अभी दिख रहे थे, अब नज़र नहीं आ रहे’।
निशाने पर क्यों ये चार चेहरे
सायोनी घोष हाल के विधानसभा चुनाव में TMC की स्टार प्रचारक के तौर पर सक्रिय थीं और पार्टी की वापसी का दावा लगातार दोहरा रही थीं। महुआ मोइत्रा ने भी प्रचार में अहम भूमिका निभाई। मेनका गुरुस्वामी ने TMC और पश्चिम बंगाल सरकार से जुड़े कई अहम मामलों में सर्वोच्च न्यायालय में पैरवी की थी, जबकि सागरिका घोष भी चुनावी अभियान में सक्रिय रहीं।
TMC में गहराता संकट
यह कटाक्ष ऐसे वक्त आया है जब TMC को चुनावी झटके के बाद अंदरूनी असंतोष का सामना है। ताज़ा जानकारी के अनुसार, 80 में से 58 TMC विधायकों के एक समूह ने औपचारिक रूप से ऋतब्रत बनर्जी को विधानसभा दल का नया नेता बनाने का समर्थन किया है। कोलकाता मेयर फिरहाद हकीम के इस्तीफ़े ने संकट को और गहरा कर दिया है।
राजनीतिक संदेश
आलोचकों का कहना है कि भाजपा चुनावी झटके के बाद TMC के भीतर पैदा हुए शून्य को राजनीतिक रूप से भुनाने की कोशिश कर रही है, और भंडारी की पोस्ट इसी रणनीति का हिस्सा है। पोस्ट पर TMC की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।
आगे क्या
विधानसभा दल के नेतृत्व परिवर्तन की औपचारिक प्रक्रिया और बागी विधायकों के अगले कदम पर सबकी निगाहें टिकी हैं। आने वाले दिनों में TMC की केंद्रीय नेतृत्व व्यवस्था इस अंदरूनी बगावत को लेकर क्या रुख अपनाती है, यह तय करेगा कि पार्टी का ढाँचा कितनी जल्दी स्थिर हो पाता है।