14 जुलाई 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

पुणे जहरीली शराब कांड: रोहित पवार ने अवैध दुकान में की तोड़फोड़, 12 से अधिक मौतें

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
पुणे जहरीली शराब कांड: रोहित पवार ने अवैध दुकान में की तोड़फोड़, 12 से अधिक मौतें

सारांश

पुणे में मेथनॉल-मिश्रित जहरीली शराब से 12 से अधिक मौतों के बाद NCP-SP विधायक रोहित पवार ने अवैध दुकान में खुद पहुँचकर तोड़फोड़ की। पुलिस पर जाँच रोकने का आरोप लगाते हुए उन्होंने कहा — जब व्यवस्था विफल हो, तो जनता को संदेश देना ज़रूरी है।

मुख्य बातें

पुणे और पिंपरी चिंचवड में मेथनॉल-मिश्रित जहरीली शराब पीने से 12 से अधिक लोगों की मौत।
NCP-SP विधायक रोहित पवार ने 29 मई को अवैध शराब दुकान पहुँचकर काउंटर तोड़ा।
मुख्य आरोपी योगेश वानखेड़े सहित दुकान मालिक कर्नल सिंह विरखा समेत 8 लोग गिरफ्तार ।
रोहित पवार ने पुलिस पर आरोप लगाया कि वह बड़े आरोपियों को बचाने की कोशिश कर रही है।
रोहित पवार ने ससून अस्पताल में पीड़ित परिवारों से मुलाकात की।

पुणे और पिंपरी चिंचवड में जहरीली शराब पीने से 12 से अधिक लोगों की मौत के बाद राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) के विधायक रोहित पवार और उनके कार्यकर्ताओं ने उस अवैध शराब दुकान में तोड़फोड़ की, जहाँ से यह जानलेवा शराब बेची जा रही थी। 29 मई को हुई इस कार्रवाई में रोहित पवार स्वयं मौके पर पहुँचे और दुकान का काउंटर तोड़ दिया।

मुख्य घटनाक्रम

पुलिस के अनुसार, शराब में मेथनॉल मिलाए जाने के कारण यह त्रासदी हुई। मामले में मुख्य आरोपी योगेश वानखेड़े को गिरफ्तार कर लिया गया है। शराब दुकान के मालिक कर्नल सिंह विरखा समेत कुल 8 लोगों को हिरासत में लिया गया है। इससे पहले रोहित पवार ससून अस्पताल गए और पीड़ित परिवारों से मुलाकात की।

रोहित पवार की प्रतिक्रिया

तोड़फोड़ को उचित ठहराते हुए रोहित पवार ने कहा, "जब व्यवस्था काम नहीं करती, जब पुलिस प्रशासन कमजोर होता है, तब हमें जनता को संदेश देना पड़ता है। हमें कुछ चीजें अपने हाथ में लेनी पड़ती हैं।" उन्होंने आगे कहा, "गरीब लोग शराब पीने से मर जाते हैं, व्यवस्था कुछ नहीं करती। ऐसे में लोगों को कानून अपने हाथ में लेना पड़ता है।"

पुलिस पर आरोप

रोहित पवार ने जाँच की निष्पक्षता पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि "पुलिस किसी को बचाने की कोशिश कर रही है।" उन्होंने कहा कि एक आरोपी का स्वयं हिरासत में चले जाना संदिग्ध है और इसका मतलब है कि "बड़े अपराधी बच निकलेंगे।" उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि पुलिस ने खुद एक व्यक्ति को आत्मसमर्पण करने के लिए कहा, जिससे आगे की जाँच प्रभावित हो सकती है।

आम जनता पर असर

यह ऐसे समय में आया है जब महाराष्ट्र में अवैध और मिलावटी शराब से होने वाली मौतों की घटनाएँ बार-बार सामने आती रही हैं। गौरतलब है कि मेथनॉल-मिश्रित शराब से होने वाली मौतें देश के कई राज्यों में पहले भी हो चुकी हैं और हर बार प्रशासनिक लापरवाही पर सवाल उठते हैं। पीड़ितों में अधिकांश निम्न-आय वर्ग के लोग बताए जा रहे हैं।

क्या होगा आगे

पुलिस मामले की जाँच जारी रखे हुए है और गिरफ्तार 8 आरोपियों से पूछताछ हो रही है। रोहित पवार की तोड़फोड़ की कार्रवाई पर भी कानूनी सवाल उठ सकते हैं। विपक्षी दलों ने सरकार से जवाबदेही और पीड़ित परिवारों को मुआवजे की माँग की है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन एक निर्वाचित विधायक का कानून अपने हाथ में लेना खुद एक गंभीर सवाल खड़ा करता है — जिस व्यवस्था की वे आलोचना कर रहे हैं, क्या वे उसे और कमज़ोर नहीं कर रहे? महाराष्ट्र में जहरीली शराब कांड नया नहीं है; हर बार गिरफ्तारियाँ होती हैं, बयान आते हैं, और फिर मामला ठंडा पड़ जाता है। असली सवाल यह है कि मेथनॉल-मिश्रित शराब की सप्लाई चेन तक जाँच क्यों नहीं पहुँचती और राजनीतिक संरक्षण का जाल कब टूटेगा।
RashtraPress
14 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पुणे जहरीली शराब कांड में कितने लोगों की मौत हुई?
पुणे और पिंपरी चिंचवड में मेथनॉल-मिश्रित जहरीली शराब पीने से 12 से अधिक लोगों की मौत हो गई है। पीड़ितों में अधिकांश निम्न-आय वर्ग के लोग बताए जा रहे हैं।
रोहित पवार ने शराब दुकान में तोड़फोड़ क्यों की?
NCP-SP विधायक रोहित पवार ने कहा कि जब पुलिस और प्रशासन विफल हो जाते हैं, तब जनता को संदेश देने के लिए ऐसा कदम उठाना पड़ता है। उन्होंने पुलिस पर बड़े आरोपियों को बचाने का भी आरोप लगाया।
पुणे जहरीली शराब मामले में अब तक कितने लोग गिरफ्तार हुए हैं?
पुलिस ने मुख्य आरोपी योगेश वानखेड़े को गिरफ्तार कर लिया है। शराब दुकान के मालिक कर्नल सिंह विरखा समेत कुल 8 लोगों को हिरासत में लिया गया है।
जहरीली शराब में क्या मिलाया गया था?
अधिकारियों के अनुसार, शराब में मेथनॉल मिलाए जाने के कारण यह त्रासदी हुई। मेथनॉल एक औद्योगिक रसायन है जो थोड़ी मात्रा में भी इंसान के लिए जानलेवा होता है।
क्या रोहित पवार की तोड़फोड़ की कार्रवाई कानूनी है?
रोहित पवार की दुकान में तोड़फोड़ की कार्रवाई पर कानूनी सवाल उठ सकते हैं, क्योंकि संपत्ति को नुकसान पहुँचाना कानूनन अपराध है। हालाँकि उन्होंने इसे जनता को संदेश देने का ज़रूरी कदम बताया।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 1 महीना पहले
  2. 1 महीना पहले
  3. 1 महीना पहले
  4. 1 महीना पहले
  5. 1 महीना पहले
  6. 1 महीना पहले
  7. 1 महीना पहले
  8. 1 महीना पहले