पूर्व स्थली दक्षिण में भाजपा का बड़ा उलटफेर: प्राण कृष्ण तापदार ने 16,258 वोटों से टीएमसी को हराया
सारांश
मुख्य बातें
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 में पूर्व बर्धमान जिले की पूर्व स्थली दक्षिण विधानसभा सीट पर भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने तृणमूल कांग्रेस (TMC) का तीन बार से चला आ रहा वर्चस्व तोड़ दिया। 4 मई 2026 को 20 राउंड की मतगणना पूरी होने के बाद भाजपा उम्मीदवार प्राण कृष्ण तापदार ने टीएमसी के वरिष्ठ नेता स्वपन देबनाथ को 16,258 वोटों के निर्णायक अंतर से पराजित किया। यह जीत पूर्व बर्धमान जिले में भाजपा के बढ़ते जनाधार की पुष्टि करती है।
मतगणना के मुख्य आँकड़े
भाजपा के प्राण कृष्ण तापदार को कुल 1,10,320 वोट मिले, जबकि टीएमसी उम्मीदवार स्वपन देबनाथ को 94,062 वोट प्राप्त हुए। कांग्रेस के उम्मीदवार रवीन्द्रनाथ मंडल काफी पीछे रहे। इस सीट पर 94.03 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया, जो पूरे पूर्व बर्धमान जिले के औसत 93.83 प्रतिशत से भी अधिक है।
उम्मीदवारों की पृष्ठभूमि
विजेता उम्मीदवार प्राण कृष्ण तापदार की उम्र 43 वर्ष है और वे 10वीं पास हैं। उनके खिलाफ कोई आपराधिक मामला दर्ज नहीं है। उनकी घोषित कुल संपत्ति ₹12.9 करोड़ है, जबकि ₹57.3 लाख की देनदारी है।
पराजित टीएमसी उम्मीदवार स्वपन देबनाथ की उम्र 75 वर्ष है और वे पोस्ट ग्रेजुएट हैं। उनके खिलाफ 1 आपराधिक मामला दर्ज है। उनकी कुल संपत्ति ₹1.1 करोड़ है और कोई देनदारी नहीं है। कांग्रेस के रवीन्द्रनाथ मंडल (68 वर्षीय, 12वीं पास) की कुल संपत्ति ₹23.1 लाख है और ₹83,125 की देनदारी है। उनके खिलाफ भी 1 आपराधिक मामला दर्ज है।
सीट का राजनीतिक इतिहास
पूर्व स्थली दक्षिण पश्चिम बंगाल के प्रमुख धान उत्पादक क्षेत्रों में से एक है। यह पूर्व बर्धमान जिले में स्थित सामान्य वर्ग का विधानसभा क्षेत्र है और बर्धमान पूर्व लोकसभा सीट के अंतर्गत आता है। 2008 के परिसीमन के बाद इसकी वर्तमान सीमाएँ तय हुईं, जिसमें कालना-I ब्लॉक और पुरबस्थली-I ब्लॉक की कई ग्राम पंचायतें शामिल हैं।
1951 से अब तक इस सीट पर 17 विधानसभा चुनाव हो चुके हैं। शुरुआती वर्षों में कांग्रेस और भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) — सीपीआई(एम) — का यहाँ मजबूत दबदबा रहा। 1977 से 2006 तक सीपीआई(एम) ने सात बार लगातार इस सीट पर कब्जा बनाए रखा। गौरतलब है कि 2011 में तृणमूल कांग्रेस ने पहली बार यहाँ जीत हासिल की और तब से 2021 तक लगातार तीन बार इस सीट पर काबिज रही।
स्वपन देबनाथ ने 2011 में सीपीआई(एम) की आलेया बेगम को 15,858 वोटों से, 2016 में कांग्रेस को 37,666 वोटों से और 2021 में भाजपा को 17,410 वोटों से हराकर लगातार तीन बार जीत दर्ज की थी।
भाजपा का बढ़ता वोट शेयर
यह जीत अचानक नहीं आई। 2011 में महज 6.22 प्रतिशत वोट शेयर से शुरुआत करने वाली भाजपा 2021 तक इस सीट पर 41 प्रतिशत वोट शेयर तक पहुँच गई थी। लोकसभा चुनावों में भी भाजपा ने 2019 और 2024 दोनों में टीएमसी के बाद दूसरा स्थान हासिल किया था। यह ऐसे समय में आया है जब पूरे पश्चिम बंगाल में टीएमसी विरोधी लहर के संकेत मिल रहे थे।
जीत के कारण और आगे की राह
आलोचकों का कहना है कि स्थानीय एंटी-इनकंबेंसी, केंद्र सरकार की योजनाओं और सुशासन के मुद्दे पर भाजपा की रणनीति ने निर्णायक भूमिका निभाई। पूर्व स्थली दक्षिण में भाजपा की यह जीत पूर्व बर्धमान जिले में पार्टी के विस्तार का संकेत है। तृणमूल कांग्रेस को अब अपने पारंपरिक वोट बैंक को पुनः संगठित करने की गंभीर चुनौती का सामना करना होगा।