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मीनाक्षी नटराजन नामांकन विवाद: BJP प्रवक्ता भंडारी बोले — राहुल-प्रियंका कैंप की खींचतान से कमज़ोर हो रही कांग्रेस

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मीनाक्षी नटराजन नामांकन विवाद: BJP प्रवक्ता भंडारी बोले — राहुल-प्रियंका कैंप की खींचतान से कमज़ोर हो रही कांग्रेस

सारांश

कांग्रेस उम्मीदवार मीनाक्षी नटराजन का नामांकन रद्द होने पर BJP प्रवक्ता प्रदीप भंडारी ने पार्टी के भीतर राहुल-प्रियंका कैंप की खींचतान को ज़िम्मेदार ठहराया। उनका कहना है — 'घर का भेदी' ढूँढो, विरोध प्रदर्शन बाद में करो।

मुख्य बातें

BJP प्रवक्ता प्रदीप भंडारी ने 11 जून को कहा कि मीनाक्षी नटराजन का नामांकन रद्द होना कांग्रेस की आंतरिक गुटबाजी का परिणाम है।
भंडारी के अनुसार, राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा के खेमों की खींचतान से कांग्रेस के संगठनात्मक निर्णय प्रभावित हो रहे हैं।
सर्वोच्च न्यायालय के 2013 के फैसले का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि नामांकन में बड़ी खामी पाए जाने पर उसे रद्द करना कानूनी रूप से वैध है।
भंडारी ने राहुल गांधी पर 'राजनीतिक अराजकतावादी' होने का आरोप लगाया और कहा कि जनता उनकी रणनीति को 12 वर्षों में समझ चुकी है।
भारत की 7.7 प्रतिशत विकास दर का उल्लेख करते हुए उन्होंने पीएम मोदी के नेतृत्व में देश की आर्थिक प्रगति को रेखांकित किया।

भारतीय जनता पार्टी (BJP) के प्रवक्ता प्रदीप भंडारी ने 11 जून को कहा कि कांग्रेस उम्मीदवार मीनाक्षी नटराजन का नामांकन रद्द होना पार्टी की आंतरिक गुटबाजी का नतीजा है, और इसके पीछे राहुल गांधीप्रियंका गांधी वाड्रा के खेमों के बीच चल रही खींचतान ज़िम्मेदार है। उन्होंने चेतावनी दी कि कांग्रेस जितना बड़ा विरोध प्रदर्शन करेगी, भाजपा को उतना ही राजनीतिक लाभ मिलेगा।

नामांकन रद्द होने की पृष्ठभूमि

कांग्रेस उम्मीदवार मीनाक्षी नटराजन का नामांकन एक कानूनी खामी के आधार पर रद्द किया गया। भंडारी के अनुसार, सर्वोच्च न्यायालय के 2013 के तीन न्यायाधीशों की पीठ के फैसले में यह स्पष्ट प्रावधान है कि यदि किसी नामांकन में बड़ी त्रुटि पाई जाए, तो उसे रद्द किया जा सकता है। उन्होंने आरोप लगाया कि नामांकन प्रक्रिया में जानबूझकर गलत तरीके से दस्तावेज़ दाखिल किए गए, और इसके पीछे कांग्रेस के ही कुछ भीतरी लोगों का हाथ है।

आंतरिक गुटबाजी पर भंडारी के आरोप

भंडारी ने कहा, 'कांग्रेस को प्रदर्शन करने से पहले यह पता लगाना चाहिए कि उनके घर का भेदी कौन है।' उनके अनुसार, राहुल कैंप और प्रियंका कैंप के बीच चल रहे संगठनात्मक टकराव ने पार्टी के आंतरिक निर्णयों को प्रभावित किया है, जिसके चलते नटराजन के नामांकन में यह चूक हुई।

उन्होंने तर्क दिया कि जो पार्टी अपने आंतरिक मामले नहीं संभाल सकती, वह देश के नेतृत्व का दावा नहीं कर सकती। गौरतलब है कि कांग्रेस इस घटनाक्रम को राजनीतिक साजिश बता रही है और देशभर में विरोध प्रदर्शन की तैयारी में है।

राहुल गांधी पर BJP का रुख

भंडारी ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी को 'राजनीतिक अराजकतावादी' बताते हुए आरोप लगाया कि वे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत की बढ़ती वैश्विक प्रतिष्ठा से असहज हैं। उन्होंने कहा कि पिछले 12 वर्षों में देश की जनता ने राहुल गांधी की राजनीतिक रणनीति को भली-भाँति समझ लिया है, यही कारण है कि वे विपक्ष में बैठे हैं।

आर्थिक प्रगति का हवाला

भंडारी ने दावा किया कि पीएम मोदी के नेतृत्व में भारत 7.7 प्रतिशत की विकास दर के साथ दुनिया की सबसे तेज़ी से बढ़ती अर्थव्यवस्थाओं में शामिल है। उनके अनुसार, भारत वैश्विक अस्थिरता के दौर में स्थिरता और आर्थिक शक्ति के प्रतीक के रूप में उभरा है। आलोचकों का कहना है कि ये आँकड़े चुनावी संदर्भ में पेश किए जा रहे हैं।

आगे क्या

कांग्रेस के देशव्यापी विरोध प्रदर्शन की घोषणा के बाद यह विवाद और गहरा होने की संभावना है। राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, नामांकन रद्द होने का मुद्दा अब केवल एक कानूनी प्रश्न नहीं रहा — यह कांग्रेस की आंतरिक एकजुटता और संगठनात्मक क्षमता की परीक्षा बन चुका है।

संपादकीय दृष्टिकोण

और कांग्रेस इसे बाहरी हस्तक्षेप बता रही है। राहुल-प्रियंका कैंप की गुटबाजी का आरोप नया नहीं है, लेकिन इसे किसी एक नामांकन की तकनीकी खामी से जोड़ना भाजपा का चुनावी आख्यान है, तथ्यात्मक निष्कर्ष नहीं। मुख्यधारा की कवरेज इस बात को नज़रअंदाज़ कर रही है कि सर्वोच्च न्यायालय के 2013 के फैसले की व्याख्या और उसका इस मामले में अनुप्रयोग भी अलग-अलग कानूनी विशेषज्ञों में विवादास्पद हो सकता है।
RashtraPress
27 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

मीनाक्षी नटराजन का नामांकन क्यों रद्द हुआ?
भाजपा प्रवक्ता प्रदीप भंडारी के अनुसार, सर्वोच्च न्यायालय के 2013 के फैसले के तहत नामांकन में बड़ी खामी पाए जाने पर उसे रद्द किया जा सकता है, और इसी आधार पर कार्रवाई हुई। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि नामांकन प्रक्रिया में जानबूझकर गलती की गई, जिसके पीछे कांग्रेस के ही कुछ भीतरी लोग हैं।
राहुल-प्रियंका कैंप की लड़ाई से कांग्रेस कैसे कमज़ोर हो रही है?
भंडारी का दावा है कि राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा के खेमों के बीच संगठनात्मक टकराव के कारण पार्टी के आंतरिक निर्णय प्रभावित हो रहे हैं। उनके अनुसार, इसी आंतरिक संघर्ष के चलते नटराजन के नामांकन में चूक हुई।
कांग्रेस इस विवाद पर क्या कर रही है?
कांग्रेस मीनाक्षी नटराजन का नामांकन रद्द होने के विरोध में देशभर में बड़े स्तर पर प्रदर्शन की तैयारी कर रही है। पार्टी इसे राजनीतिक साजिश बता रही है।
भंडारी ने राहुल गांधी पर क्या आरोप लगाए?
भंडारी ने राहुल गांधी को 'राजनीतिक अराजकतावादी' बताया और कहा कि वे पीएम मोदी के नेतृत्व में भारत की बढ़ती वैश्विक प्रतिष्ठा से असहज हैं। उन्होंने यह भी कहा कि पिछले 12 वर्षों में जनता राहुल गांधी की राजनीतिक रणनीति को समझ चुकी है।
भंडारी ने भारत की अर्थव्यवस्था के बारे में क्या कहा?
भंडारी ने दावा किया कि पीएम मोदी के नेतृत्व में भारत 7.7 प्रतिशत की विकास दर के साथ दुनिया की सबसे तेज़ी से बढ़ती अर्थव्यवस्थाओं में शामिल है और वैश्विक अस्थिरता के बीच स्थिरता का प्रतीक बन चुका है।
राष्ट्र प्रेस
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