15 अगस्त 2026
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राजस्थान सिविल कोड 2026: CM भजनलाल शर्मा का ऐलान, अनुच्छेद 44 की भावना से होगा लागू

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राजस्थान सिविल कोड 2026: CM भजनलाल शर्मा का ऐलान, अनुच्छेद 44 की भावना से होगा लागू

सारांश

बीकानेर के करणी सिंह स्टेडियम से मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने 80वें स्वतंत्रता दिवस पर 'राजस्थान सिविल कोड 2026' का ऐलान किया — अनुच्छेद 44 की भावना के साथ। साथ में ₹91,000 करोड़ की जल परियोजना, ₹79,459 करोड़ की रिफाइनरी और सोलर पावर में देश में पहले स्थान की उपलब्धि — राजस्थान 2047 के लक्ष्य की ओर बड़े कदम उठा रहा है।

मुख्य बातें

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने 15 अगस्त 2026 को 'राजस्थान सिविल कोड 2026' लाने की घोषणा की, जो संविधान के अनुच्छेद 44 की भावना के अनुरूप होगा।
₹91,000 करोड़ की 'राम जल सेतु लिंक परियोजना' के तहत ₹26,000 करोड़ के कार्य आदेश जारी; 17 जिलों को पेयजल-सिंचाई का लाभ मिलेगा।
यमुना जल परियोजना के लिए ₹34,000 करोड़ के समझौते पर हस्ताक्षर; शेखावाटी के 75 लाख लोगों को फायदा।
पचपदरा में ₹79,459 करोड़ की एचपीसीएल राजस्थान रिफाइनरी और माही-बांसवाड़ा परमाणु ऊर्जा परियोजना प्रमुख आर्थिक पहल।
राजस्थान सोलर पावर में देश में प्रथम , नवीकरणीय ऊर्जा में द्वितीय ; बिजली खरीदने वाले से आपूर्ति करने वाला राज्य बना।
'राजस्थान अशांत क्षेत्र अधिनियम' और 'गैर-कानूनी धर्मांतरण निषेध अधिनियम' को लागू करने पर बल।

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने 15 अगस्त 2026 को बीकानेर के करणी सिंह स्टेडियम में 80वें स्वतंत्रता दिवस के राज्य-स्तरीय समारोह में राष्ट्रीय ध्वज फहराने के बाद घोषणा की कि राजस्थान सरकार 'राजस्थान सिविल कोड 2026' लाने की दिशा में सक्रिय रूप से काम कर रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह प्रस्तावित संहिता संविधान के अनुच्छेद 44 की भावना के अनुरूप होगी, जो राज्यों को नागरिकों के लिए समान नागरिक संहिता की दिशा में कदम उठाने का निर्देश देता है।

राजस्थान सिविल कोड 2026 का स्वरूप

शर्मा के अनुसार, प्रस्तावित कानून राज्य भर के नागरिकों को एक समान कानूनी ढाँचा प्रदान करेगा। यह कदम ऐसे समय में आया है जब उत्तराखंड देश का पहला राज्य बन चुका है जिसने समान नागरिक संहिता को विधायी रूप दिया है। राजस्थान की यह पहल भारतीय जनता पार्टी (BJP) शासित राज्यों में इस दिशा में बढ़ते रुझान को दर्शाती है।

मुख्यमंत्री ने 'राजस्थान अशांत क्षेत्र अधिनियम' का भी उल्लेख किया, जिसका उद्देश्य सांप्रदायिक रूप से संवेदनशील इलाकों में जबरन पलायन और संपत्ति के लेन-देन को रोकना है, ताकि नागरिक अपने घरों, पैतृक भूमि और पहचान को बनाए रख सकें।

कानून-व्यवस्था और सुरक्षा पर जोर

शर्मा ने 'गैर-कानूनी धर्मांतरण निषेध अधिनियम' को लागू करने पर बल दिया, जिसका मकसद लालच या धोखाधड़ी के ज़रिए होने वाले धर्मांतरण को रोकना है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार अपराध और भ्रष्टाचार के प्रति 'जीरो-टॉलरेंस' नीति अपना रही है, जिससे राज्य में अपराध दर में कमी आई है और शांति का माहौल बना है।

बड़ी आर्थिक परियोजनाएँ

मुख्यमंत्री ने राज्य की दो प्रमुख आर्थिक परियोजनाओं को रेखांकित किया। पचपदरा में ₹79,459 करोड़ की एचपीसीएल राजस्थान रिफाइनरी परियोजना और माही-बांसवाड़ा परमाणु ऊर्जा परियोजना को उन्होंने राज्य के आर्थिक विकास के नए इंजन बताया।

जल सुरक्षा के मोर्चे पर शर्मा ने बताया कि ₹91,000 करोड़ की अनुमानित लागत वाली 'राम जल सेतु लिंक परियोजना' के तहत ₹26,000 करोड़ के कार्य आदेश पहले ही जारी किए जा चुके हैं। इस परियोजना से राजस्थान के 17 जिलों के लोगों को पेयजल और सिंचाई सुविधा मिलने की उम्मीद है। इसके अतिरिक्त, यमुना का पानी राजस्थान लाने के लिए ₹34,000 करोड़ के समझौते पर हस्ताक्षर किए गए हैं, जिससे शेखावाटी क्षेत्र के लगभग 75 लाख लोगों को दीर्घकालिक पेयजल सुरक्षा मिलेगी।

ऊर्जा क्षेत्र में राजस्थान की छलाँग

शर्मा ने बताया कि राजस्थान अब बिजली खरीदने वाले राज्य से बिजली आपूर्ति करने वाला राज्य बन गया है। उनके अनुसार, राजस्थान सोलर पावर क्षमता में देश में पहले और नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता में दूसरे स्थान पर है। राज्य पीएम-कुसुम के कंपोनेंट ए और सी में भी राष्ट्रीय स्तर पर प्रथम है।

विकसित राजस्थान 2047 का संकल्प

मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत की वैश्विक पहचान और यूपीआई जैसे डिजिटल प्लेटफॉर्म की अंतरराष्ट्रीय सफलता का उल्लेख किया। उन्होंने 2047 तक 'विकसित भारत' और 'विकसित राजस्थान' के लक्ष्य को हासिल करने की प्रतिबद्धता दोहराई। समारोह में राजस्थान और देश के अन्य हिस्सों के लोक कलाकारों और स्कूली बच्चों ने सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ दीं, जिन्होंने देशभक्ति के वातावरण को और गहरा किया।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन इसका विधायी खाका अभी सामने नहीं आया है — बिना मसौदे के यह संकल्प कितना ठोस है, यह देखना होगा। उत्तराखंड के अनुभव से स्पष्ट है कि समान नागरिक संहिता को कानूनी चुनौतियों और सामाजिक विरोध दोनों का सामना करना पड़ता है। ₹91,000 करोड़ की जल परियोजना और ₹79,459 करोड़ की रिफाइनरी महत्वाकांक्षी हैं, किंतु राजस्थान की पिछली बड़ी परियोजनाओं में क्रियान्वयन की गति अक्सर घोषणाओं से पीछे रही है। असली कसौटी यह होगी कि सिविल कोड का मसौदा कब आता है और जल परियोजनाओं के कार्य आदेश ज़मीन पर कब दिखते हैं।
RashtraPress
15 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

राजस्थान सिविल कोड 2026 क्या है?
यह राजस्थान सरकार द्वारा प्रस्तावित एक समान नागरिक कानूनी ढाँचा है, जिसकी घोषणा मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने 15 अगस्त 2026 को की। यह संविधान के अनुच्छेद 44 की भावना के अनुरूप राज्य के सभी नागरिकों पर समान रूप से लागू होगा।
राजस्थान सिविल कोड कब लागू होगा?
मुख्यमंत्री ने इसकी दिशा में काम जारी होने की बात कही है, लेकिन अभी तक कोई विशेष समयसीमा या विधायी कार्यक्रम सार्वजनिक नहीं किया गया है।
राम जल सेतु लिंक परियोजना से किसे फायदा होगा?
₹91,000 करोड़ की इस परियोजना से राजस्थान के 17 जिलों के लोगों को पेयजल और सिंचाई सुविधा मिलने की उम्मीद है। इसके तहत ₹26,000 करोड़ के कार्य आदेश पहले ही जारी किए जा चुके हैं।
यमुना जल समझौते से शेखावाटी को क्या मिलेगा?
₹34,000 करोड़ के इस समझौते के तहत यमुना का पानी राजस्थान लाया जाएगा, जिससे शेखावाटी क्षेत्र के लगभग 75 लाख लोगों को दीर्घकालिक पेयजल सुरक्षा मिलेगी।
ऊर्जा के क्षेत्र में राजस्थान की क्या उपलब्धि है?
राजस्थान अब सोलर पावर क्षमता में देश में पहले और नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता में दूसरे स्थान पर है। राज्य पीएम-कुसुम के कंपोनेंट ए और सी में भी राष्ट्रीय स्तर पर अव्वल है और बिजली खरीदने वाले से आपूर्ति करने वाला राज्य बन गया है।
राष्ट्र प्रेस
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