31 जुलाई 2026
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राज्यसभा सोमवार तक स्थगित: नियम 267 विवाद पर हंगामा, शिवराज बोले- विपक्ष सदन में सड़क छाप राजनीति कर रहा

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राज्यसभा सोमवार तक स्थगित: नियम 267 विवाद पर हंगामा, शिवराज बोले- विपक्ष सदन में सड़क छाप राजनीति कर रहा

सारांश

शुक्रवार को राज्यसभा में विपक्ष की नियम 267 के तहत चर्चा की माँग सभापति ने ठुकरा दी, जिसके बाद हंगामा चरम पर पहुँच गया। कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने विपक्ष पर 'सड़क छाप राजनीति' का आरोप लगाया। सदन सोमवार 3 अगस्त तक के लिए स्थगित।

मुख्य बातें

राज्यसभा को सभापति सीपी राधाकृष्णन ने 31 जुलाई को सोमवार, 3 अगस्त की सुबह 11 बजे तक के लिए स्थगित किया।
विपक्षी सांसद नियम 267 के तहत प्रदर्शनकारी छात्रों पर पुलिस बल के इस्तेमाल पर चर्चा की माँग पर अड़े रहे।
नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने सभापति के समक्ष विपक्ष का पक्ष रखा; सभापति ने नोटिस अस्वीकार किया।
केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने विपक्ष पर 'सड़क छाप राजनीति' और 'अराजकता फैलाने' का आरोप लगाया।
सभापति के अनुसार पूर्व में भी नियम 267 के तहत चर्चा की अनुमति नहीं दी गई थी।

नई दिल्ली, 31 जुलाई को राज्यसभा में विपक्ष के लगातार हंगामे और नारेबाजी के बीच सभापति सीपी राधाकृष्णन ने सदन की कार्यवाही सोमवार, 3 अगस्त की सुबह 11 बजे तक के लिए स्थगित कर दी। विपक्षी सांसद नियम 267 के तहत प्रदर्शनकारी छात्रों के खिलाफ पुलिस बल के इस्तेमाल पर चर्चा की माँग पर अड़े रहे, जिसे सभापति ने अस्वीकार कर दिया।

मुख्य घटनाक्रम

सदन की कार्यवाही शुरू होते ही विपक्षी सांसद अपनी सीटों से उठकर सभापति के आसन के समीप आ गए। नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने सभापति को बताया कि विपक्ष ने नियम 267 के तहत नोटिस दिया है और वे इस नियम के अंतर्गत चर्चा चाहते हैं। सभापति ने स्पष्ट किया कि पूर्व में भी इस नियम के तहत चर्चा की अनुमति नहीं दी गई थी और इस बार भी यह माँग अस्वीकार की जाती है।

सभापति के इनकार के बाद सदन में नारेबाजी और तेज हो गई। शून्यकाल की कार्यवाही कुछ देर चली, परंतु विपक्षी सदस्य अपनी माँगों को लेकर सभापति के आसन के निकट नारेबाजी करते रहे। बढ़ते व्यवधान को देखते हुए सभापति ने सदन स्थगित करने का निर्णय लिया।

शिवराज सिंह चौहान का विपक्ष पर तीखा हमला

हंगामे के बीच केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने विपक्ष पर तीखा प्रहार किया। उन्होंने कहा, 'मैं केंद्रीय मंत्री के रूप में सदन में उपस्थित हूँ, लेकिन जिस तरह का व्यवहार किया जा रहा है, वह संसदीय परंपराओं के अनुरूप नहीं है। सदन में सड़क छाप राजनीति की जा रही है। लोकतंत्र की धज्जियाँ उड़ाई जा रही हैं और सदन की गरिमा को तार-तार किया जा रहा है। विपक्ष केवल अराजकता फैलाना और हंगामा करना चाहता है। देश इन्हें देख रहा है और जनता इन्हें कभी माफ नहीं करेगी।'

चौहान ने आगे कहा कि विपक्ष की सरकार से किसी विषय पर सार्थक चर्चा या संवाद करने की कोई मंशा नहीं है और इस व्यवहार की घोर निंदा की जानी चाहिए।

नियम 267 विवाद की पृष्ठभूमि

गौरतलब है कि कई विपक्षी सांसद कई दिनों से नियम 267 के तहत प्रदर्शनकारी छात्रों के विरुद्ध पुलिस बल के इस्तेमाल पर चर्चा कराने की माँग कर रहे थे। यह नियम सदन के नियमित कामकाज को स्थगित कर किसी अत्यावश्यक सार्वजनिक मामले पर बहस की अनुमति देता है। सभापति द्वारा इस नियम को बार-बार अस्वीकार किए जाने से विपक्ष और सत्तापक्ष के बीच टकराव गहरा होता जा रहा है।

आगे क्या होगा

राज्यसभा की अगली बैठक सोमवार, 3 अगस्त को सुबह 11 बजे निर्धारित है। यह देखना होगा कि विपक्ष अपनी माँग दोहराता है या सदन में सामान्य कार्यवाही संभव हो पाती है। संसद सत्र के शेष दिनों में गतिरोध बने रहने की आशंका बनी हुई है।

संपादकीय दृष्टिकोण

मानसून सत्र की एक परिचित तस्वीर बन चुकी है। असली सवाल यह है कि क्या दोनों पक्ष इस गतिरोध को तोड़ने की राजनीतिक इच्छाशक्ति रखते हैं, या संसद का बचा हुआ सत्र भी इसी हंगामे की भेंट चढ़ेगा। शिवराज सिंह चौहान की 'सड़क छाप राजनीति' वाली टिप्पणी सत्तापक्ष की नाराजगी जताती है, लेकिन विपक्ष का तर्क है कि जब नियमसम्मत रास्ते बंद कर दिए जाएँ तो हंगामे के अलावा कोई विकल्प नहीं बचता। संसदीय उत्पादकता का यह क्षरण अंततः किसी एक दल की नहीं, पूरी लोकतांत्रिक प्रक्रिया की विश्वसनीयता की कीमत पर होता है।
RashtraPress
31 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

राज्यसभा को सोमवार तक क्यों स्थगित किया गया?
विपक्षी सांसदों के लगातार हंगामे और नारेबाजी के कारण सभापति सीपी राधाकृष्णन ने 31 जुलाई को राज्यसभा की कार्यवाही सोमवार, 3 अगस्त की सुबह 11 बजे तक स्थगित कर दी। विपक्ष नियम 267 के तहत चर्चा की माँग पर अड़ा था, जिसे सभापति ने अस्वीकार कर दिया।
नियम 267 क्या है और विपक्ष इसकी माँग क्यों कर रहा था?
नियम 267 राज्यसभा का वह प्रावधान है जो सदन के सामान्य कामकाज को स्थगित कर किसी अत्यावश्यक सार्वजनिक मामले पर तत्काल चर्चा की अनुमति देता है। विपक्षी सांसद इस नियम के तहत प्रदर्शनकारी छात्रों के खिलाफ पुलिस बल के इस्तेमाल पर बहस चाहते थे।
शिवराज सिंह चौहान ने विपक्ष पर क्या आरोप लगाए?
केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि विपक्ष सदन में 'सड़क छाप राजनीति' कर रहा है और लोकतंत्र की धज्जियाँ उड़ा रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि विपक्ष की सरकार से सार्थक चर्चा की कोई मंशा नहीं है और देश की जनता इन्हें माफ नहीं करेगी।
मल्लिकार्जुन खड़गे ने सदन में क्या कहा?
नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने सभापति को बताया कि विपक्ष ने नियम 267 के तहत नोटिस दिया है और वे इस नियम के अंतर्गत चर्चा चाहते हैं। सभापति द्वारा नोटिस अस्वीकार किए जाने के बाद विपक्षी सांसदों ने हंगामा तेज कर दिया।
राज्यसभा की अगली बैठक कब होगी?
राज्यसभा की अगली बैठक सोमवार, 3 अगस्त को सुबह 11 बजे निर्धारित है। यह देखना बाकी है कि सत्र के शेष दिनों में विपक्ष और सत्तापक्ष के बीच गतिरोध समाप्त होता है या नहीं।
राष्ट्र प्रेस
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