राज्यसभा में MSME संशोधन विधेयक 2026 पेश, विपक्ष के हंगामे से कार्यवाही बाधित
सारांश
मुख्य बातें
केंद्रीय सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम मंत्री जीतन राम मांझी ने 28 जुलाई 2026 को राज्यसभा में सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम विकास (संशोधन) विधेयक, 2026 पेश किया — यह कदम उस समय उठाया गया जब विपक्षी सांसद प्रदर्शनकारी छात्रों पर कथित पुलिस बल प्रयोग के विरोध में जोरदार नारेबाजी कर रहे थे। मानसून सत्र के दौरान लगातार दूसरे सप्ताह भी हंगामे के कारण संसदीय कार्यवाही बुरी तरह प्रभावित रही।
मुख्य घटनाक्रम
मंगलवार, 28 जुलाई की सुबह जैसे ही लोकसभा और राज्यसभा की कार्यवाही शुरू हुई, विपक्षी सांसदों ने प्रदर्शनकारी छात्रों के खिलाफ कथित पुलिस कार्रवाई का मुद्दा उठाते हुए नारेबाजी प्रारंभ कर दी। लगातार बाधाओं के कारण दोनों सदनों की कार्यवाही पहले दोपहर 2 बजे तक के लिए स्थगित करनी पड़ी।
दोपहर बाद राज्यसभा की कार्यवाही पुनः शुरू होने पर भी विपक्ष का हंगामा थमा नहीं। इसी शोरशराबे के बीच मंत्री जीतन राम मांझी ने सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम विकास अधिनियम, 2006 में संशोधन के लिए विधेयक प्रस्तुत करने की अनुमति प्राप्त की और विधेयक सदन में पेश कर दिया। व्यवस्था बहाल न होने पर राज्यसभा की कार्यवाही बुधवार सुबह 11 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई।
लोकसभा में विधायी कार्य
उधर लोकसभा में दोपहर बाद कार्यवाही शुरू होने पर लोक परीक्षा (अनुचित साधन निवारण) संशोधन विधेयक, 2026 पर चर्चा प्रारंभ कराई गई। सदन में इस विधेयक पर विचार-विमर्श जारी रहा।
विपक्ष का मुख्य मुद्दा
मंगलवार को राज्यसभा में विपक्ष का केंद्रीय मुद्दा प्रदर्शनकारी छात्रों पर कथित पुलिस कार्रवाई रहा। इस विषय पर सांसदों ने वेल में आकर नारेबाजी की, जिससे अधिकांश समय सदन की कार्यवाही ठप रही। गौरतलब है कि मानसून सत्र के दौरान यह लगातार दूसरा सप्ताह था जब हंगामे के चलते राज्यसभा में विधायी कार्य बाधित हुए।
राष्ट्र-गौरव विधेयक पर भी नहीं हो सकी चर्चा
इससे पूर्व गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने राज्यसभा में राष्ट्र-गौरव अपमान निवारण (संशोधन) विधेयक, 2026 पर विचार और पारित करने का प्रस्ताव रखा था। उन्होंने कहा था कि वे प्रस्ताव रखते हैं कि राष्ट्र-गौरव अपमान निवारण अधिनियम, 1971 में संशोधन करने वाले इस विधेयक पर सदन विचार करे। हालाँकि प्रस्ताव के तुरंत बाद सदन में हंगामा शुरू हो गया और कुछ सांसदों ने अपना विरोध भी दर्ज कराया। मंगलवार को भी इस विधेयक पर कोई चर्चा संभव नहीं हो सकी।
आगे क्या
सरकार ने स्पष्ट संकेत दिए हैं कि वह हंगामे के बावजूद महत्वपूर्ण विधेयकों को सदन में पेश करने और उन पर चर्चा आगे बढ़ाने की प्रक्रिया जारी रखेगी। MSME संशोधन विधेयक, 2026 और राष्ट्र-गौरव अपमान निवारण संशोधन विधेयक, 2026 — दोनों पर आगामी बैठकों में विस्तृत चर्चा अपेक्षित है।