राम कदम का अखिलेश यादव पर पलटवार: 'विपक्ष संसद में असली मुद्दों से ध्यान भटका रहा है'
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय जनता पार्टी (BJP) के वरिष्ठ नेता राम कदम ने 29 जुलाई को समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव के उस बयान पर कड़ी प्रतिक्रिया दी, जिसमें यादव ने आरोप लगाया था कि केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को बचाने के लिए इस्तीफा दिया। कदम ने कहा कि विपक्ष संसद के मानसून सत्र में जनहित के मुद्दों से ध्यान हटाने की कोशिश कर रहा है।
अखिलेश के बयान पर राम कदम की प्रतिक्रिया
राम कदम ने कहा, 'अभी संसद का मानसून सत्र चल रहा है। विपक्ष के नेता ऐसे बयान सिर्फ सुर्खियाँ बटोरने के लिए देते दिखते हैं। शायद मकसद मीडिया का ध्यान उन अहम मुद्दों से भटकाना है जिन पर संसद सत्र के दौरान चर्चा होनी चाहिए, इसीलिए अखिलेश यादव ने यह बयान दिया है।' उन्होंने आगे कहा कि विपक्ष को किसानों और समाज के अलग-अलग वर्गों से जुड़े मुद्दे उठाने चाहिए और सार्थक चर्चा में हिस्सा लेना चाहिए, तथा सरकार ऐसे सवालों का गंभीरता से जवाब देने को तैयार है।
छात्रों की एफआईआर वापसी पर फडणवीस के फैसले का समर्थन
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस द्वारा आंदोलन के दौरान छात्रों पर दर्ज एफआईआर वापस लेने के आदेश पर राम कदम ने कहा कि यह सरकार छात्रों का सम्मान करती है और छात्र ही इस देश का असली भविष्य हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि एफआईआर दर्ज होने से छात्रों के भविष्य के अवसरों में रुकावट आ सकती है — चाहे कैरेक्टर सर्टिफिकेट की जरूरत वाली नौकरियाँ हों या करियर के बड़े मौके। कदम ने कहा कि फडणवीस ने छात्रों के हित और सम्मान में यह फैसला लिया है।
इंडी गठबंधन की चेतावनी पर भाजपा का जवाब
इंडी गठबंधन ने कहा है कि यदि गृह मंत्री अमित शाह पुलिस कार्रवाई पर अपना रुख नहीं बदलते, तो वे संसद के अंदर और बाहर आंदोलन तेज करेंगे। इस पर राम कदम ने कहा, 'विपक्ष हताश है। वे पूरी तरह निराश हैं और उलझन में हैं कि संसद सत्र के दौरान कौन से मुद्दे उठाए जाएँ। नतीजा यह है कि जब उन्हें कोई ठोस मुद्दा नहीं मिलता, तो वे ऐसे गैर-जिम्मेदाराना और बेतुके बयान देने लगते हैं।'
शरद पवार के एनडीए से दूरी के बयान पर प्रतिक्रिया
राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) के वरिष्ठ नेता शरद पवार ने कहा है कि राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) में शामिल होने का उनका कोई इरादा नहीं है और प्रधानमंत्री से मुलाकात महज शिष्टाचार भेंट थी। इस पर राम कदम ने कहा कि यदि शरद पवार कह रहे हैं कि उनका अजित पवार गुट के साथ विलय नहीं होगा और वे NDA में शामिल नहीं होंगे, तो यह उनका अपना निजी फैसला है। यह ऐसे समय में आया है जब संसद का मानसून सत्र राजनीतिक बयानबाजी का केंद्र बना हुआ है और सत्ता पक्ष तथा विपक्ष दोनों अपनी-अपनी रणनीतिक स्थिति मजबूत करने में जुटे हैं।