राम सिंह कैरा का राहुल गांधी पर हमला: 'भारत को नेपाल नहीं बनने देंगे', NEET विवाद पर सियासत तेज
सारांश
मुख्य बातें
उत्तराखंड सरकार के मंत्री राम सिंह कैरा ने 22 जुलाई को देहरादून में मीडिया से बातचीत के दौरान लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी पर तीखा प्रहार किया। कैरा ने कहा कि गांधी नेता विपक्ष की गरिमा के अनुरूप आचरण करने के बजाय 'कॉलेज के छात्र संघ की तरह उछल-कूद' कर रहे हैं। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि पीएम आवास के बाहर विरोध प्रदर्शन के ज़रिये अराजकता फैलाने की कोशिश की गई, लेकिन यह भारत है — इसे किसी भी परिस्थिति में नेपाल नहीं बनने दिया जाएगा।
मंत्री कैरा के मुख्य आरोप
कैरा ने कहा कि राहुल गांधी और आम आदमी पार्टी के संयोजक अरविंद केजरीवाल मिलकर लोकतांत्रिक व्यवस्था को अस्थिर करना चाहते हैं। उन्होंने तर्क दिया कि जनता द्वारा चुनी गई सरकार जनसमस्याओं के समाधान में जुटी है, जबकि विपक्ष सदन में मुद्दे उठाने की अपनी संवैधानिक ज़िम्मेदारी से मुँह मोड़ रहा है। कैरा ने चेतावनी दी कि यदि कांग्रेस उत्तराखंड में व्यवस्था भंग करने का प्रयास करती है, तो राज्य सरकार और पुलिस पूरी तरह तैयार है।
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष का पलटवार
कांग्रेस के उत्तराखंड प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने भारतीय जनता पार्टी (BJP) द्वारा प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय के घेराव के आह्वान को 'लोकतांत्रिक मूल्यों के सर्वथा विरुद्ध और दुर्भाग्यपूर्ण' करार दिया। गोदियाल ने कहा कि NEET अनियमितताओं और पेपर लीक जैसे छात्र-हित के मुद्दों से ध्यान भटकाने के लिए विपक्ष की आवाज़ दबाई जा रही है। उन्होंने बद्रीनाथ चढ़ावा चोरी जैसे संवेदनशील मामलों को उठाने से पीछे न हटने का संकल्प दोहराया।
NEET विवाद और राहुल गांधी की हिरासत
गोदियाल ने मंगलवार को पुलिस द्वारा राहुल गांधी को पीएम आवास के बाहर से हटाए जाने की 'कड़े शब्दों में निंदा' की। उन्होंने कहा कि पिछले एक महीने से लाखों छात्र और युवा NEET में कथित अनियमितताओं तथा पेपर लीक के विरुद्ध न्याय की माँग कर रहे हैं। इन प्रदर्शनकारियों की प्रमुख माँग केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा है, जिसे सरकार ने अब तक स्वीकार नहीं किया है। गोदियाल ने कांग्रेस कार्यकर्ताओं से शांति, संयम और अनुशासन बनाए रखने की अपील की तथा प्रशासन से प्रदेश मुख्यालय की सुरक्षा सुनिश्चित करने की माँग की।
आगे क्या होगा
यह राजनीतिक टकराव ऐसे समय में उभरा है जब NEET पेपर लीक विवाद पूरे देश में छात्र आंदोलन की शक्ल ले चुका है और सत्तापक्ष व विपक्ष दोनों इस मुद्दे पर अपनी-अपनी राजनीतिक ज़मीन तलाश रहे हैं। उत्तराखंड में BJP और कांग्रेस के बीच बढ़ता यह तनाव आने वाले दिनों में और गहरा हो सकता है।