27 जुलाई 2026
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माउंट एवरेस्ट फतह करने वाली असम की पहली महिला बनीं रूपमणि गढ़, CM सरमा ने दिए ₹10 लाख

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माउंट एवरेस्ट फतह करने वाली असम की पहली महिला बनीं रूपमणि गढ़, CM सरमा ने दिए ₹10 लाख

सारांश

रूपमणि गढ़ ने माउंट एवरेस्ट फतह कर असम का इतिहास बदल दिया — वे यह कारनामा करने वाली राज्य की पहली महिला हैं। CM सरमा ने ₹10 लाख और पुलिस में नौकरी का ऐलान किया। यह जीत वर्षों की मेहनत और एक राष्ट्रीय ऑल-वुमन अभियान की देन है।

मुख्य बातें

रूपमणि गढ़ माउंट एवरेस्ट फतह करने वाली असम की पहली महिला बन गई हैं।
CM हेमंता बिस्वा सरमा ने उन्हें ₹10 लाख की पुरस्कार राशि और असम पुलिस में नौकरी का ऐलान किया।
अभियान की डिप्टी लीडर आईटीबीपी असिस्टेंट कमांडेंट भनिता तिमुंगपी को ₹2 लाख दिए गए।
रूपमणि ने 2024 में बेसिक, 2025 में एडवांस कोर्स और इस वर्ष 7,135 मीटर की प्री-एवरेस्ट ट्रेनिंग पूरी की।
ऑल-वुमन एवरेस्ट टीम में देशभर की 11 लड़कियाँ शामिल थीं — लद्दाख, असम, हिमाचल, अरुणाचल, जम्मू-कश्मीर और सिक्किम से।

असम की बेटी रूपमणि गढ़ ने इतिहास रच दिया है — वे माउंट एवरेस्ट फतह करने वाली असम की पहली महिला बन गई हैं। इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर असम के मुख्यमंत्री हेमंता बिस्वा सरमा ने उन्हें लोक सेवा भवन, गुवाहाटी में सम्मानित किया और ₹10 लाख की पुरस्कार राशि प्रदान की। मुख्यमंत्री ने साथ ही असम पुलिस में नौकरी देने का भी ऐलान किया।

मुख्य घटनाक्रम

रूपमणि गढ़ ने बताया कि उन्हें शुरुआत में यह नहीं पता था कि वे यह कारनामा करने वाली राज्य की पहली महिला हैं। उन्होंने कहा, 'मुझे बाद में पता चला कि मैं ऐसा करने वाली असम की पहली महिला हूं। इतने वर्षों बाद भी असम की कोई महिला वहां नहीं पहुंची थी — मैंने माउंट एवरेस्ट फतह किया है और काफी अच्छा लग रहा है।'

अभियान की डिप्टी लीडर और आईटीबीपी की असिस्टेंट कमांडेंट भनिता तिमुंगपी को भी इस अवसर पर ₹2 लाख की पुरस्कार राशि दी गई। तिमुंगपी ने सफल ऑल-वुमन माउंट एवरेस्ट अभियान का नेतृत्व किया था।

कठिन प्रशिक्षण और तैयारी

रूपमणि गढ़ की यह सफलता वर्षों की कठोर मेहनत का परिणाम है। उन्होंने बताया कि वर्ष 2024 में उन्होंने बेसिक कोर्स पूरा किया, 2025 में एडवांस कोर्स किया और इस वर्ष एवरेस्ट से पहले 7,135 मीटर ऊंचाई पर प्री-एवरेस्ट ट्रेनिंग ली।

यह ट्रेनिंग लद्दाख के कारगिल में आयोजित की गई थी, जिसमें 14 लड़कियों ने हिस्सा लिया। सभी प्रतिभागी सफलतापूर्वक निर्धारित ऊंचाई तक पहुंचीं, जिसके बाद 11 लड़कियों को एवरेस्ट अभियान के लिए चुना गया — जिनमें रूपमणि भी शामिल थीं।

पूरे देश की बेटियों का अभियान

टीम लीडर भनिता तिमुंगपी ने बताया कि यह अभियान वास्तव में राष्ट्रीय स्तर का था। टीम में लद्दाख की चार, असम, हिमाचल प्रदेश, अरुणाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर की एक-एक तथा सिक्किम की दो लड़कियाँ शामिल थीं। उन्होंने कहा, 'जिस तरीके से मैंने लड़कियों को ट्रेनिंग दिलाई थी, मुझे विश्वास था कि माउंट एवरेस्ट फतह करेंगी।'

मुख्यमंत्री की प्रतिक्रिया

मुख्यमंत्री हेमंता बिस्वा सरमा ने अपने आधिकारिक एक्स हैंडल पर पोस्ट कर रूपमणि गढ़ और भनिता तिमुंगपी की तारीफ की। उन्होंने लिखा कि दोनों ने असम का नाम रोशन किया है और उन्हें अपनी शुभकामनाएं दीं। सरमा ने लोक सेवा भवन में आयोजित सम्मान समारोह में दोनों को पुरस्कार राशि सौंपी।

आगे की राह

रूपमणि गढ़ की यह उपलब्धि असम और पूर्वोत्तर भारत की उन युवा लड़कियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बन सकती है जो साहसिक खेलों में करियर बनाना चाहती हैं। मुख्यमंत्री द्वारा असम पुलिस में नौकरी के ऐलान से रूपमणि का भविष्य भी सुरक्षित होता दिख रहा है। गौरतलब है कि यह उपलब्धि ऐसे समय में आई है जब महिला सशक्तीकरण और खेल के क्षेत्र में पूर्वोत्तर भारत की बढ़ती भागीदारी राष्ट्रीय चर्चा में है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि पूर्वोत्तर भारत में साहसिक खेलों के प्रति बदलती सोच का प्रतीक है। यह ऐसे समय में आई है जब पहाड़ी राज्यों की महिलाएं राष्ट्रीय अभियानों में अग्रणी भूमिका निभा रही हैं। हालांकि, सरकारी पुरस्कार और नौकरी के ऐलान स्वागत योग्य हैं, असली सवाल यह है कि क्या असम में महिला पर्वतारोहियों के लिए संस्थागत प्रशिक्षण ढाँचा बनेगा — जिससे यह सफलता एकल घटना नहीं, बल्कि एक परंपरा बन सके।
RashtraPress
27 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

रूपमणि गढ़ कौन हैं और उन्होंने क्या उपलब्धि हासिल की?
रूपमणि गढ़ असम की पहली महिला हैं जिन्होंने माउंट एवरेस्ट फतह किया है। वे एक ऑल-वुमन राष्ट्रीय अभियान का हिस्सा थीं, जिसमें देशभर की 11 लड़कियाँ शामिल थीं।
CM हेमंता बिस्वा सरमा ने रूपमणि गढ़ को क्या पुरस्कार दिया?
असम के मुख्यमंत्री हेमंता बिस्वा सरमा ने रूपमणि गढ़ को ₹10 लाख की पुरस्कार राशि दी और असम पुलिस में नौकरी देने का ऐलान किया। अभियान की डिप्टी लीडर भनिता तिमुंगपी को ₹2 लाख दिए गए।
रूपमणि गढ़ ने एवरेस्ट की तैयारी कैसे की?
रूपमणि ने 2024 में बेसिक पर्वतारोहण कोर्स, 2025 में एडवांस कोर्स और इस वर्ष लद्दाख के कारगिल में 7,135 मीटर की प्री-एवरेस्ट ट्रेनिंग पूरी की। 14 प्रतिभागियों में से 11 को एवरेस्ट अभियान के लिए चुना गया था।
ऑल-वुमन एवरेस्ट अभियान में किन राज्यों की लड़कियाँ शामिल थीं?
इस राष्ट्रीय अभियान में लद्दाख की चार, असम, हिमाचल प्रदेश, अरुणाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर की एक-एक तथा सिक्किम की दो लड़कियाँ शामिल थीं। अभियान का नेतृत्व आईटीबीपी असिस्टेंट कमांडेंट भनिता तिमुंगपी ने किया।
भनिता तिमुंगपी कौन हैं?
भनिता तिमुंगपी आईटीबीपी की असिस्टेंट कमांडेंट हैं और ऑल-वुमन माउंट एवरेस्ट अभियान की डिप्टी लीडर रही हैं। उन्होंने टीम को प्रशिक्षित किया और अभियान का सफल नेतृत्व किया। CM सरमा ने उन्हें भी ₹2 लाख की पुरस्कार राशि से सम्मानित किया।
राष्ट्र प्रेस
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