3 अगस्त 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

सतीश सेठ को 14 दिन की न्यायिक हिरासत, ईडी की मनी लॉन्ड्रिंग जांच में द्वारका कोर्ट का आदेश

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
सतीश सेठ को 14 दिन की न्यायिक हिरासत, ईडी की मनी लॉन्ड्रिंग जांच में द्वारका कोर्ट का आदेश

सारांश

दिल्ली की द्वारका कोर्ट ने रिलायंस अनिल अंबानी ग्रुप के पूर्व शीर्ष अधिकारी सतीश सेठ को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा। ₹735 करोड़ की टर्म लोन में कथित ₹114.98 करोड़ की धोखाधड़ी की जांच के बीच, रिलायंस से जुड़ी कंपनियों पर एजेंसियों का शिकंजा लगातार कस रहा है।

मुख्य बातें

द्वारका कोर्ट ने 18 जून 2026 को रिलायंस के पूर्व अधिकारी सतीश सेठ को 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेजा।
ईडी ने सेठ और रिलायंस टेलीकॉम के पूर्व डायरेक्टर गौतम दोषी को पीएमएलए के तहत मुंबई में गिरफ्तार किया था।
मामला ₹735 करोड़ की टर्म लोन में एसबीआई को ₹114.98 करोड़ के कथित नुकसान से जुड़ा है।
इसी महीने सीबीआई ने रिलायंस कम्युनिकेशंस के पूर्व एमडी अमिताभ झुनझुनवाला को ₹2,929.05 करोड़ के अलग धोखाधड़ी मामले में गिरफ्तार किया।
रिलायंस ग्रुप के प्रवक्ता ने कहा कि सेठ और दोषी अब ग्रुप से संबद्ध नहीं हैं।

दिल्ली की द्वारका कोर्ट ने 18 जून 2026 को रिलायंस अनिल अंबानी ग्रुप के पूर्व ग्रुप मैनेजिंग डायरेक्टर सतीश सेठ को 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेजने का आदेश दिया। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) द्वारा चल रही मनी लॉन्ड्रिंग जांच के तहत सेठ को पहले मुंबई में गिरफ्तार किया गया था और ट्रांजिट रिमांड पर दिल्ली लाया गया था। यह आदेश ऐसे समय आया जब उनकी पूर्व हिरासत अवधि 19 जून को समाप्त होने वाली थी।

मुख्य घटनाक्रम

सतीश सेठ उद्योगपति अनिल अंबानी के करीबी सहयोगी रहे हैं और रिलायंस इंफ्रास्ट्रक्चर के पूर्व वाइस-चेयरमैन भी रह चुके हैं। ईडी ने उन्हें मुंबई में रिलायंस टेलीकॉम के पूर्व डायरेक्टर गौतम दोषी के साथ प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (पीएमएलए) के प्रावधानों के तहत गिरफ्तार किया था। रिलायंस ग्रुप के एक प्रवक्ता ने स्पष्ट किया है कि 70 वर्षीय सेठ और 73 वर्षीय दोषी अब ग्रुप से संबद्ध नहीं हैं।

सीबीआई मामले से कड़ी

ईडी की यह जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) के उस मामले से जुड़ी है, जिसमें रिलायंस टेलीकॉम लिमिटेड और भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) के बीच ₹114.98 करोड़ की कथित लोन धोखाधड़ी का आरोप है। सीबीआई के अनुसार, सेठ और दोषी पर आपराधिक साजिश और धोखाधड़ी के आरोप दर्ज किए गए हैं। केंद्रीय एजेंसी ने अज्ञात सरकारी कर्मचारियों के विरुद्ध भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धाराएं भी लगाई हैं।

बैंक लोन और कथित धोखाधड़ी

एसबीआई की शिकायत के अनुसार, आरोपी कंपनियों और व्यक्तियों ने बैंक को ₹114.98 करोड़ का कथित नुकसान पहुंचाया। एसबीआई उन 11 बैंकों के कंसोर्टियम का हिस्सा था, जिन्होंने रिलायंस टेलीकॉम लिमिटेड को ₹735 करोड़ की टर्म लोन स्वीकृत की थी। रिपोर्टों के अनुसार, ईडी ने सीबीआई की एफआईआर का संज्ञान लेते हुए लोन राशि के कथित डायवर्जन और दुरुपयोग में सेठ और दोषी की भूमिका की जांच शुरू की है।

व्यापक जांच का संदर्भ

यह ताजा घटनाक्रम रिलायंस ग्रुप से जुड़ी कंपनियों में कथित वित्तीय अनियमितताओं की एक व्यापक श्रृंखला का हिस्सा है। गौरतलब है कि इसी महीने सीबीआई ने रिलायंस कम्युनिकेशंस के पूर्व ग्रुप मैनेजिंग डायरेक्टर अमिताभ झुनझुनवाला को ₹2,929.05 करोड़ के नुकसान वाले एक अलग कथित लोन धोखाधड़ी मामले में गिरफ्तार किया था। मार्च में मामला दर्ज होने के बाद सीबीआई ने मुंबई में सेठ और दोषी के आवासों तथा रिलायंस टेलीकॉम लिमिटेड के पंजीकृत कार्यालय पर छापे मारे थे, जिनमें वित्तीय लेन-देन से जुड़े दस्तावेज बरामद हुए थे।

आगे क्या होगा

सतीश सेठ की 14 दिनों की न्यायिक हिरासत के दौरान ईडी कथित मनी लॉन्ड्रिंग की जांच जारी रखेगी। रिलायंस ग्रुप की विभिन्न कंपनियों से जुड़े इन मामलों की एक साथ प्रगति यह संकेत देती है कि जांच एजेंसियां कथित वित्तीय अनियमितताओं की पूरी श्रृंखला को उजागर करने की कोशिश कर रही हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि एक व्यापक वित्तीय नेटवर्क के रूप में देख रही हैं। उल्लेखनीय है कि सेठ, दोषी और झुनझुनवाला — तीनों की गिरफ्तारियां एक ही महीने में हुई हैं, जो जांच में तेज़ी का संकेत है। हालांकि, आलोचक यह भी पूछ रहे हैं कि ₹735 करोड़ की लोन स्वीकृति करने वाले 11 बैंकों के कंसोर्टियम की उचित जांच प्रक्रिया पर भी ध्यान दिया जाएगा या नहीं। न्यायिक हिरासत से आगे अभियोजन कितना मजबूत साबित होता है, यही इस मामले की असली कसौटी होगी।
RashtraPress
3 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सतीश सेठ को न्यायिक हिरासत में क्यों भेजा गया?
द्वारका कोर्ट ने ईडी की मनी लॉन्ड्रिंग जांच के तहत सतीश सेठ को 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेजा है। यह जांच रिलायंस टेलीकॉम लिमिटेड और एसबीआई के बीच ₹114.98 करोड़ की कथित लोन धोखाधड़ी से जुड़ी है।
सतीश सेठ कौन हैं और रिलायंस ग्रुप से उनका क्या संबंध था?
सतीश सेठ रिलायंस अनिल अंबानी ग्रुप के पूर्व ग्रुप मैनेजिंग डायरेक्टर और रिलायंस इंफ्रास्ट्रक्चर के पूर्व वाइस-चेयरमैन रहे हैं। वे उद्योगपति अनिल अंबानी के करीबी सहयोगी माने जाते थे, हालांकि रिलायंस ग्रुप ने पुष्टि की है कि 70 वर्षीय सेठ अब ग्रुप से नहीं जुड़े हैं।
रिलायंस टेलीकॉम लोन धोखाधड़ी मामला क्या है?
यह मामला ₹735 करोड़ की उस टर्म लोन से जुड़ा है जो 11 बैंकों के कंसोर्टियम ने रिलायंस टेलीकॉम लिमिटेड को दी थी। एसबीआई की शिकायत के अनुसार, आरोपियों ने बैंक को ₹114.98 करोड़ का कथित नुकसान पहुंचाया और लोन राशि का दुरुपयोग किया।
इस मामले में सीबीआई और ईडी की क्या भूमिका है?
सीबीआई ने आपराधिक साजिश और धोखाधड़ी के आरोप में मूल एफआईआर दर्ज की और मुंबई में छापे मारकर दस्तावेज बरामद किए। ईडी ने सीबीआई की एफआईआर का संज्ञान लेते हुए पीएमएलए के तहत मनी लॉन्ड्रिंग की अलग जांच शुरू की और सेठ व दोषी को गिरफ्तार किया।
क्या रिलायंस ग्रुप के अन्य अधिकारी भी जांच के दायरे में हैं?
हां, इसी महीने सीबीआई ने रिलायंस कम्युनिकेशंस के पूर्व ग्रुप मैनेजिंग डायरेक्टर अमिताभ झुनझुनवाला को ₹2,929.05 करोड़ के नुकसान वाले एक अलग कथित लोन धोखाधड़ी मामले में गिरफ्तार किया। यह रिलायंस ग्रुप से जुड़ी कंपनियों में कथित वित्तीय अनियमितताओं की व्यापक जांच का हिस्सा है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 1 महीना पहले
  2. 1 महीना पहले
  3. 1 महीना पहले
  4. 1 महीना पहले
  5. 3 महीने पहले
  6. 9 महीने पहले
  7. 9 महीने पहले
  8. 12 महीने पहले