सतीश सेठ को 14 दिन की न्यायिक हिरासत, ईडी की मनी लॉन्ड्रिंग जांच में द्वारका कोर्ट का आदेश
सारांश
मुख्य बातें
दिल्ली की द्वारका कोर्ट ने 18 जून 2026 को रिलायंस अनिल अंबानी ग्रुप के पूर्व ग्रुप मैनेजिंग डायरेक्टर सतीश सेठ को 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेजने का आदेश दिया। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) द्वारा चल रही मनी लॉन्ड्रिंग जांच के तहत सेठ को पहले मुंबई में गिरफ्तार किया गया था और ट्रांजिट रिमांड पर दिल्ली लाया गया था। यह आदेश ऐसे समय आया जब उनकी पूर्व हिरासत अवधि 19 जून को समाप्त होने वाली थी।
मुख्य घटनाक्रम
सतीश सेठ उद्योगपति अनिल अंबानी के करीबी सहयोगी रहे हैं और रिलायंस इंफ्रास्ट्रक्चर के पूर्व वाइस-चेयरमैन भी रह चुके हैं। ईडी ने उन्हें मुंबई में रिलायंस टेलीकॉम के पूर्व डायरेक्टर गौतम दोषी के साथ प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (पीएमएलए) के प्रावधानों के तहत गिरफ्तार किया था। रिलायंस ग्रुप के एक प्रवक्ता ने स्पष्ट किया है कि 70 वर्षीय सेठ और 73 वर्षीय दोषी अब ग्रुप से संबद्ध नहीं हैं।
सीबीआई मामले से कड़ी
ईडी की यह जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) के उस मामले से जुड़ी है, जिसमें रिलायंस टेलीकॉम लिमिटेड और भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) के बीच ₹114.98 करोड़ की कथित लोन धोखाधड़ी का आरोप है। सीबीआई के अनुसार, सेठ और दोषी पर आपराधिक साजिश और धोखाधड़ी के आरोप दर्ज किए गए हैं। केंद्रीय एजेंसी ने अज्ञात सरकारी कर्मचारियों के विरुद्ध भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धाराएं भी लगाई हैं।
बैंक लोन और कथित धोखाधड़ी
एसबीआई की शिकायत के अनुसार, आरोपी कंपनियों और व्यक्तियों ने बैंक को ₹114.98 करोड़ का कथित नुकसान पहुंचाया। एसबीआई उन 11 बैंकों के कंसोर्टियम का हिस्सा था, जिन्होंने रिलायंस टेलीकॉम लिमिटेड को ₹735 करोड़ की टर्म लोन स्वीकृत की थी। रिपोर्टों के अनुसार, ईडी ने सीबीआई की एफआईआर का संज्ञान लेते हुए लोन राशि के कथित डायवर्जन और दुरुपयोग में सेठ और दोषी की भूमिका की जांच शुरू की है।
व्यापक जांच का संदर्भ
यह ताजा घटनाक्रम रिलायंस ग्रुप से जुड़ी कंपनियों में कथित वित्तीय अनियमितताओं की एक व्यापक श्रृंखला का हिस्सा है। गौरतलब है कि इसी महीने सीबीआई ने रिलायंस कम्युनिकेशंस के पूर्व ग्रुप मैनेजिंग डायरेक्टर अमिताभ झुनझुनवाला को ₹2,929.05 करोड़ के नुकसान वाले एक अलग कथित लोन धोखाधड़ी मामले में गिरफ्तार किया था। मार्च में मामला दर्ज होने के बाद सीबीआई ने मुंबई में सेठ और दोषी के आवासों तथा रिलायंस टेलीकॉम लिमिटेड के पंजीकृत कार्यालय पर छापे मारे थे, जिनमें वित्तीय लेन-देन से जुड़े दस्तावेज बरामद हुए थे।
आगे क्या होगा
सतीश सेठ की 14 दिनों की न्यायिक हिरासत के दौरान ईडी कथित मनी लॉन्ड्रिंग की जांच जारी रखेगी। रिलायंस ग्रुप की विभिन्न कंपनियों से जुड़े इन मामलों की एक साथ प्रगति यह संकेत देती है कि जांच एजेंसियां कथित वित्तीय अनियमितताओं की पूरी श्रृंखला को उजागर करने की कोशिश कर रही हैं।