समग्र शिक्षा की किताबों में मकबूल भट को 'शहीद' बताना अस्वीकार्य: भाजपा प्रवक्ता अल्ताफ ठाकुर
सारांश
मुख्य बातें
जम्मू-कश्मीर में भारतीय जनता पार्टी (BJP) के प्रवक्ता अल्ताफ ठाकुर ने 4 जुलाई 2026 को समग्र शिक्षा अभियान के तहत श्रीनगर के स्कूलों और पुस्तकालयों में वितरित अध्ययन सामग्री पर कड़ा एतराज़ जताया। उन्होंने आरोप लगाया कि इन पुस्तकों में अलगाववादी नेता मकबूल भट को 'शहीद' और हुर्रियत से जुड़े व्यक्तियों को 'स्वतंत्रता सेनानी' के रूप में चित्रित किया गया है — जो उनके अनुसार पूरी तरह अस्वीकार्य है।
मुख्य आरोप: क्या है विवाद
ठाकुर ने कहा, "समग्र शिक्षा अभियान केंद्र सरकार की वित्तपोषित योजना है, लेकिन पाठ्यक्रम तैयार करने और पुस्तकों में कौन-सी सामग्री शामिल होगी, इसका निर्णय केंद्र शासित प्रदेश या राज्य सरकार करती है।" उनके अनुसार, जम्मू-कश्मीर के कुछ शैक्षणिक संस्थानों में भेजी गई सामग्री में भारत-विरोधी विचारों को बढ़ावा देने का प्रयास किया गया है।
उन्होंने आगे कहा, "जिन लोगों ने भारत के खिलाफ हिंसक गतिविधियों में हिस्सा लिया या अलगाववाद को बढ़ावा दिया, उन्हें अध्ययन सामग्री में महिमामंडित करना बेहद गंभीर मामला है। भाजपा इस मुद्दे पर जवाबदेही तय करने की माँग करेगी।"
सरकारी धन के दुरुपयोग का आरोप
भाजपा प्रवक्ता ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि भारत सरकार की ओर से आवंटित धन का उपयोग किसी भी परिस्थिति में भारत-विरोधी प्रचार या आतंकवाद के महिमामंडन के लिए नहीं किया जा सकता। उन्होंने कहा, "यदि सरकारी फंड का इस्तेमाल आतंकवादियों या प्रतिबंधित संगठनों का महिमामंडन करने में हुआ है, तो इसके लिए जिम्मेदार लोगों को जवाब देना होगा।" उनके अनुसार, मकबूल भट को 'शहीद' बताना और हुर्रियत जैसे प्रतिबंधित संगठनों से जुड़े व्यक्तियों को सकारात्मक रूप में प्रस्तुत करना स्वीकार्य नहीं है।
ईरान दौरे और महबूबा मुफ्ती पर टिप्पणी
पीपल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (PDP) प्रमुख महबूबा मुफ्ती के ईरान दौरे पर पूछे गए सवाल के जवाब में ठाकुर ने कहा कि ईरान भारत का मित्र देश है और दोनों के बीच दीर्घकालिक राजनयिक एवं व्यापारिक संबंध रहे हैं। उन्होंने यह भी बताया कि भारत का एक आधिकारिक प्रतिनिधिमंडल — जिसमें बिहार के राज्यपाल सहित कई प्रतिनिधि शामिल थे — हाल ही में ईरान का दौरा कर चुका है।
यूएपीए के तहत 23 आतंकवादियों की घोषणा का स्वागत
गृह मंत्रालय द्वारा गैरकानूनी गतिविधियाँ (रोकथाम) अधिनियम (UAPA) के तहत 23 लोगों को आतंकवादी घोषित किए जाने के फैसले का स्वागत करते हुए ठाकुर ने इसे भाजपा की 'जीरो टॉलरेंस' नीति का हिस्सा बताया। उन्होंने कहा कि देश या विदेश में कहीं भी सक्रिय आतंकवादियों के खिलाफ कानून के दायरे में सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। गौरतलब है कि घोषित 23 आतंकवादियों में जम्मू-कश्मीर के 7 लोग भी शामिल हैं।
यह विवाद ऐसे समय में सामने आया है जब जम्मू-कश्मीर में शिक्षा नीति और पाठ्यक्रम सामग्री को लेकर राजनीतिक दल पहले से ही आमने-सामने हैं। आलोचकों का कहना है कि शिक्षा में वैचारिक सामग्री की निगरानी के लिए एक स्वतंत्र तंत्र की आवश्यकता है। अब देखना होगा कि प्रशासन इस मामले में जाँच के लिए क्या कदम उठाता है।