4 जुलाई 2026
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समग्र शिक्षा की किताबों में मकबूल भट को 'शहीद' बताना अस्वीकार्य: भाजपा प्रवक्ता अल्ताफ ठाकुर

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समग्र शिक्षा की किताबों में मकबूल भट को 'शहीद' बताना अस्वीकार्य: भाजपा प्रवक्ता अल्ताफ ठाकुर

सारांश

जम्मू-कश्मीर भाजपा प्रवक्ता अल्ताफ ठाकुर ने समग्र शिक्षा अभियान की पुस्तकों में मकबूल भट को 'शहीद' और हुर्रियत नेताओं को 'स्वतंत्रता सेनानी' बताए जाने पर कड़ा एतराज़ जताया है। उन्होंने सरकारी धन के कथित दुरुपयोग पर जवाबदेही की माँग की और UAPA के तहत 23 लोगों को आतंकवादी घोषित किए जाने का स्वागत किया।

मुख्य बातें

भाजपा प्रवक्ता अल्ताफ ठाकुर ने 4 जुलाई 2026 को समग्र शिक्षा अभियान की अध्ययन सामग्री पर गंभीर आरोप लगाए।
आरोप: कुछ पुस्तकों में मकबूल भट को 'शहीद' और हुर्रियत से जुड़े लोगों को 'स्वतंत्रता सेनानी' बताया गया।
ठाकुर ने माँग की कि सरकारी फंड से भारत-विरोधी सामग्री तैयार करने वालों को जवाबदेह ठहराया जाए।
गृह मंत्रालय ने UAPA के तहत 23 लोगों को आतंकवादी घोषित किया, जिनमें जम्मू-कश्मीर के 7 लोग शामिल हैं।
भाजपा ने इसे अपनी 'जीरो टॉलरेंस' नीति का हिस्सा बताते हुए आगे भी सख्त कार्रवाई का संकेत दिया।

जम्मू-कश्मीर में भारतीय जनता पार्टी (BJP) के प्रवक्ता अल्ताफ ठाकुर ने 4 जुलाई 2026 को समग्र शिक्षा अभियान के तहत श्रीनगर के स्कूलों और पुस्तकालयों में वितरित अध्ययन सामग्री पर कड़ा एतराज़ जताया। उन्होंने आरोप लगाया कि इन पुस्तकों में अलगाववादी नेता मकबूल भट को 'शहीद' और हुर्रियत से जुड़े व्यक्तियों को 'स्वतंत्रता सेनानी' के रूप में चित्रित किया गया है — जो उनके अनुसार पूरी तरह अस्वीकार्य है।

मुख्य आरोप: क्या है विवाद

ठाकुर ने कहा, "समग्र शिक्षा अभियान केंद्र सरकार की वित्तपोषित योजना है, लेकिन पाठ्यक्रम तैयार करने और पुस्तकों में कौन-सी सामग्री शामिल होगी, इसका निर्णय केंद्र शासित प्रदेश या राज्य सरकार करती है।" उनके अनुसार, जम्मू-कश्मीर के कुछ शैक्षणिक संस्थानों में भेजी गई सामग्री में भारत-विरोधी विचारों को बढ़ावा देने का प्रयास किया गया है।

उन्होंने आगे कहा, "जिन लोगों ने भारत के खिलाफ हिंसक गतिविधियों में हिस्सा लिया या अलगाववाद को बढ़ावा दिया, उन्हें अध्ययन सामग्री में महिमामंडित करना बेहद गंभीर मामला है। भाजपा इस मुद्दे पर जवाबदेही तय करने की माँग करेगी।"

सरकारी धन के दुरुपयोग का आरोप

भाजपा प्रवक्ता ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि भारत सरकार की ओर से आवंटित धन का उपयोग किसी भी परिस्थिति में भारत-विरोधी प्रचार या आतंकवाद के महिमामंडन के लिए नहीं किया जा सकता। उन्होंने कहा, "यदि सरकारी फंड का इस्तेमाल आतंकवादियों या प्रतिबंधित संगठनों का महिमामंडन करने में हुआ है, तो इसके लिए जिम्मेदार लोगों को जवाब देना होगा।" उनके अनुसार, मकबूल भट को 'शहीद' बताना और हुर्रियत जैसे प्रतिबंधित संगठनों से जुड़े व्यक्तियों को सकारात्मक रूप में प्रस्तुत करना स्वीकार्य नहीं है।

ईरान दौरे और महबूबा मुफ्ती पर टिप्पणी

पीपल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (PDP) प्रमुख महबूबा मुफ्ती के ईरान दौरे पर पूछे गए सवाल के जवाब में ठाकुर ने कहा कि ईरान भारत का मित्र देश है और दोनों के बीच दीर्घकालिक राजनयिक एवं व्यापारिक संबंध रहे हैं। उन्होंने यह भी बताया कि भारत का एक आधिकारिक प्रतिनिधिमंडल — जिसमें बिहार के राज्यपाल सहित कई प्रतिनिधि शामिल थे — हाल ही में ईरान का दौरा कर चुका है।

यूएपीए के तहत 23 आतंकवादियों की घोषणा का स्वागत

गृह मंत्रालय द्वारा गैरकानूनी गतिविधियाँ (रोकथाम) अधिनियम (UAPA) के तहत 23 लोगों को आतंकवादी घोषित किए जाने के फैसले का स्वागत करते हुए ठाकुर ने इसे भाजपा की 'जीरो टॉलरेंस' नीति का हिस्सा बताया। उन्होंने कहा कि देश या विदेश में कहीं भी सक्रिय आतंकवादियों के खिलाफ कानून के दायरे में सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। गौरतलब है कि घोषित 23 आतंकवादियों में जम्मू-कश्मीर के 7 लोग भी शामिल हैं।

यह विवाद ऐसे समय में सामने आया है जब जम्मू-कश्मीर में शिक्षा नीति और पाठ्यक्रम सामग्री को लेकर राजनीतिक दल पहले से ही आमने-सामने हैं। आलोचकों का कहना है कि शिक्षा में वैचारिक सामग्री की निगरानी के लिए एक स्वतंत्र तंत्र की आवश्यकता है। अब देखना होगा कि प्रशासन इस मामले में जाँच के लिए क्या कदम उठाता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन सामग्री की जाँच का दायित्व स्थानीय प्रशासन पर है — और यही जवाबदेही की खाई बार-बार सामने आती है। भाजपा के आरोप राजनीतिक रूप से तीखे हैं, लेकिन जब तक स्वतंत्र जाँच नहीं होती, यह स्पष्ट नहीं होगा कि यह व्यवस्थागत चूक थी या जानबूझकर किया गया प्रयास। असली सवाल यह है कि क्या केंद्र सरकार वित्तपोषित शिक्षा सामग्री के लिए एक पारदर्शी ऑडिट तंत्र स्थापित करेगी।
RashtraPress
4 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

समग्र शिक्षा अभियान की पुस्तकों पर विवाद क्या है?
भाजपा प्रवक्ता अल्ताफ ठाकुर ने आरोप लगाया है कि जम्मू-कश्मीर के स्कूलों और पुस्तकालयों में भेजी गई समग्र शिक्षा अभियान की कुछ पुस्तकों में अलगाववादी नेता मकबूल भट को 'शहीद' और हुर्रियत से जुड़े लोगों को 'स्वतंत्रता सेनानी' बताया गया है। भाजपा ने इस मामले में जवाबदेही तय करने की माँग की है।
मकबूल भट कौन थे और उनका विवाद क्यों है?
मकबूल भट जम्मू-कश्मीर के अलगाववादी नेता थे, जिन्हें 1984 में फाँसी दी गई थी। भारत सरकार उन्हें आतंकवादी गतिविधियों से जोड़ती है, जबकि कुछ अलगाववादी समूह उन्हें 'शहीद' मानते हैं। सरकारी शिक्षा सामग्री में उनका इस रूप में उल्लेख राजनीतिक रूप से अत्यंत संवेदनशील है।
UAPA के तहत घोषित 23 आतंकवादियों में जम्मू-कश्मीर के कितने लोग हैं?
गृह मंत्रालय द्वारा UAPA के तहत घोषित 23 आतंकवादियों में जम्मू-कश्मीर के 7 लोग शामिल हैं। भाजपा ने इस फैसले का स्वागत करते हुए इसे अपनी 'जीरो टॉलरेंस' नीति का हिस्सा बताया है।
समग्र शिक्षा अभियान में पाठ्यक्रम तय करने की जिम्मेदारी किसकी है?
अल्ताफ ठाकुर के अनुसार, समग्र शिक्षा अभियान केंद्र सरकार द्वारा वित्तपोषित है, लेकिन पाठ्यक्रम सामग्री तय करने का अधिकार संबंधित केंद्र शासित प्रदेश या राज्य सरकार के पास होता है। इसी कारण भाजपा ने जम्मू-कश्मीर प्रशासन से जवाबदेही माँगी है।
भाजपा इस मामले में आगे क्या कदम उठाएगी?
भाजपा प्रवक्ता ने स्पष्ट किया है कि पार्टी इस मुद्दे पर जवाबदेही तय करने की माँग करेगी और सरकारी धन के कथित दुरुपयोग की जाँच की अपेक्षा रखती है। हालाँकि, अभी तक किसी औपचारिक जाँच की घोषणा नहीं की गई है।
राष्ट्र प्रेस
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