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राहुल गांधी युवाओं के मुद्दों पर मौन क्यों? शिवसेना प्रवक्ता राजू वाघमारे का कांग्रेस पर सीधा हमला

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राहुल गांधी युवाओं के मुद्दों पर मौन क्यों? शिवसेना प्रवक्ता राजू वाघमारे का कांग्रेस पर सीधा हमला

सारांश

शिवसेना प्रवक्ता राजू वाघमारे ने राहुल गांधी पर सीधा निशाना साधा — आरोप है कि कांग्रेस नीट पेपर लीक और छात्र आंदोलन पर राजनीतिक गणना के चलते चुप है। साथ ही लोकसभा स्पीकर के उस फैसले को सही ठहराया जिसने शिवसेना (यूबीटी) के छह सांसदों को शिंदे गुट में मान्यता दी।

मुख्य बातें

शिवसेना प्रवक्ता राजू वाघमारे ने 21 जुलाई को मुंबई में कांग्रेस और राहुल गांधी पर युवा मुद्दों पर मौन रहने का आरोप लगाया।
वाघमारे के अनुसार, नीट पेपर लीक जैसी घटनाओं पर कांग्रेस राजनीतिक गणना के आधार पर रुख तय करती है।
लोकसभा स्पीकर ओम बिरला के शिवसेना (यूबीटी) के छह सांसदों को शिंदे गुट में मान्यता देने के फैसले को उन्होंने संवैधानिक और उचित बताया।
एकनाथ शिंदे की शिवसेना के पास अधिक सांसद हैं और NDA गठबंधन मजबूत स्थिति में है — वाघमारे का दावा।
शिवसेना को केंद्र में मंत्री पद मिलने की चर्चा जारी; अंतिम फैसला एकनाथ शिंदे लेंगे।

मुंबई में 21 जुलाई को शिवसेना प्रवक्ता राजू वाघमारे ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर तीखा हमला बोला और आरोप लगाया कि वे नीट पेपर लीक और छात्र आंदोलन जैसे युवाओं से जुड़े अहम मुद्दों पर स्पष्ट रुख अपनाने से बच रहे हैं। वाघमारे ने यह भी कहा कि लोकसभा स्पीकर ओम बिरला का शिवसेना (यूबीटी) के छह सांसदों को एकनाथ शिंदे गुट में मान्यता देने का फैसला संवैधानिक प्रक्रिया के अनुरूप और सही है।

युवाओं के मुद्दों पर कांग्रेस की चुप्पी

वाघमारे ने कहा, नीट पेपर लीक जैसी घटनाएं मेहनती छात्रों के भविष्य के साथ सीधा खिलवाड़ हैं, और इस पर कांग्रेस का रवैया राजनीतिक गणना से प्रेरित है। उन्होंने कहा, 'राहुल गांधी और कांग्रेस युवाओं से जुड़े मुद्दों पर स्पष्ट तरीके से सामने नहीं आ रहे हैं। पेपर लीक जैसी घटनाएं गलत हैं और छात्रों के हितों की रक्षा होनी चाहिए, क्योंकि मेहनत करने वाले विद्यार्थियों के भविष्य पर इसका सीधा असर पड़ता है।'

वाघमारे ने यह भी जोड़ा कि वे स्वयं छात्र जीवन से गुजर चुके हैं और परीक्षार्थियों की पीड़ा को समझते हैं। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि हर मामले में सीधे इस्तीफे की माँग करना उचित नहीं है — जाँच प्रक्रिया के आधार पर ही कार्रवाई होनी चाहिए।

कांग्रेस पर राजनीतिक गणना का आरोप

शिवसेना प्रवक्ता ने आरोप लगाया कि भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (कांग्रेस / INC) कई मुद्दों पर अपना रुख राजनीतिक समीकरणों के आधार पर तय करती है। उनके अनुसार, 'कांग्रेस को डर है कि यदि वह कुछ आंदोलनों का खुलकर समर्थन करती है तो उसके समर्थक दूसरी राजनीतिक ताकतों की ओर जा सकते हैं।' आलोचकों का कहना है कि इस दोहरे रवैये से युवा मतदाताओं में कांग्रेस की विश्वसनीयता पर सवाल उठ रहे हैं।

लोकसभा स्पीकर के फैसले पर प्रतिक्रिया

लोकसभा स्पीकर ओम बिरला द्वारा शिवसेना (यूबीटी) के छह सांसदों को एकनाथ शिंदे गुट में मान्यता देने के निर्णय पर वाघमारे ने इसे संवैधानिक और उचित करार दिया। उन्होंने कहा, 'दो-तिहाई सांसदों के एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना में शामिल होने के बाद स्पीकर ने संवैधानिक प्रक्रिया के तहत उन्हें पार्टी का हिस्सा माना है।' गौरतलब है कि यह विवाद लंबे समय से न्यायिक और संसदीय स्तर पर चल रहा था।

उद्धव ठाकरे गुट पर निशाना

वाघमारे ने स्पष्ट किया कि उद्धव ठाकरे अपनी राजनीतिक रणनीति के तहत जो चाहें कर सकते हैं, लेकिन इससे शिवसेना की मौजूदा स्थिति पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा। उन्होंने दावा किया कि आज एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना के पास अधिक सांसद हैं और राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) पहले से कहीं अधिक मजबूत स्थिति में है।

मंत्री पद की संभावनाएं

शिवसेना सांसदों को केंद्र सरकार में मंत्री पद मिलने की संभावना के सवाल पर वाघमारे ने कहा कि अंतिम निर्णय पार्टी प्रमुख एकनाथ शिंदे लेंगे। उन्होंने संकेत दिया कि गठबंधन में संख्या और भूमिका को देखते हुए शिवसेना को मंत्री पद मिलने की चर्चाएं पहले से जारी हैं। आने वाले दिनों में NDA के भीतर मंत्रिमंडल विस्तार की संभावनाओं पर नज़र रहेगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

क्योंकि यही फैसला उनकी पार्टी के पक्ष में गया है। असली सवाल यह है कि क्या NDA के भीतर मंत्री पद की चर्चाएं शिवसेना को महाराष्ट्र के युवाओं के लिए ठोस नीतिगत प्रतिबद्धता की ओर ले जाएंगी, या यह केवल सत्ता-साझेदारी की सौदेबाजी तक सीमित रहेगी।
RashtraPress
21 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

राजू वाघमारे ने राहुल गांधी पर क्या आरोप लगाए?
शिवसेना प्रवक्ता राजू वाघमारे ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी और कांग्रेस नीट पेपर लीक और छात्र आंदोलन जैसे युवाओं से जुड़े मुद्दों पर स्पष्ट रुख नहीं अपना रहे। उनके अनुसार, कांग्रेस राजनीतिक गणना के आधार पर इन मुद्दों पर अपनी स्थिति तय करती है।
लोकसभा स्पीकर ओम बिरला के फैसले पर शिवसेना का क्या कहना है?
शिवसेना प्रवक्ता वाघमारे ने लोकसभा स्पीकर ओम बिरला के उस फैसले को सही और संवैधानिक बताया जिसमें शिवसेना (यूबीटी) के छह सांसदों को एकनाथ शिंदे गुट का हिस्सा माना गया। उन्होंने कहा कि दो-तिहाई सांसदों के शिंदे गुट में शामिल होने के बाद यह निर्णय संवैधानिक प्रक्रिया के अनुरूप है।
नीट पेपर लीक पर शिवसेना का क्या रुख है?
वाघमारे ने नीट पेपर लीक को गलत बताया और कहा कि छात्रों के हितों की रक्षा होनी चाहिए। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि हर मामले में तुरंत इस्तीफे की माँग उचित नहीं है और जाँच के आधार पर कार्रवाई होनी चाहिए।
शिवसेना को केंद्र सरकार में मंत्री पद मिलेगा?
वाघमारे के अनुसार, शिवसेना NDA का हिस्सा है और मंत्री पद को लेकर चर्चाएं पहले से जारी हैं। अंतिम फैसला पार्टी प्रमुख एकनाथ शिंदे लेंगे।
उद्धव ठाकरे गुट की स्थिति पर शिवसेना का क्या कहना है?
वाघमारे ने कहा कि उद्धव ठाकरे अपनी रणनीति के अनुसार कार्य कर सकते हैं, लेकिन इससे एकनाथ शिंदे की शिवसेना की स्थिति पर कोई असर नहीं पड़ेगा। उनका दावा है कि शिंदे गुट के पास अधिक सांसद हैं और NDA गठबंधन पहले से मजबूत है।
राष्ट्र प्रेस
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