किसानों के लिए खजाना खाली, दल-बदल पर ₹500 करोड़ खर्च — शिवसेना (यूबीटी) का महायुति पर तीखा प्रहार
सारांश
मुख्य बातें
शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) ने मंगलवार, 23 जून 2026 को सत्ताधारी महायुति गठबंधन पर सीधा हमला बोलते हुए आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे की नीतियाँ महाराष्ट्र को 25 साल पीछे धकेल रही हैं और राज्य की गरिमा को गहरी ठेस पहुँचा रही हैं। पार्टी के मुखपत्र 'सामना' में प्रकाशित तीखे संपादकीय में यह भी दावा किया गया कि जहाँ संकटग्रस्त किसानों के लिए सरकारी खजाने में पैसा नहीं है, वहीं राजनीतिक दल-बदल कराने पर कथित तौर पर ₹500 करोड़ से अधिक खर्च किए गए।
ऑपरेशन टाइगर और दल-बदल का विवाद
संपादकीय में 'ऑपरेशन टाइगर' का विशेष उल्लेख किया गया, जिसके तहत सोमवार, 22 जून को शिवसेना (यूबीटी) के छह बागी सांसद शिंदे गुट में शामिल हो गए। ठाकरे गुट ने आरोप लगाया कि फडणवीस ने इस घटनाक्रम को 'धोखे का ऑपरेशन' बताते हुए खुलेआम जश्न मनाया और कहा कि 'मरीज ठीक है।' संपादकीय में व्यंग्यात्मक लहजे में इसे शिंदे द्वारा छह 'गद्दारों' को जन्म देने की संज्ञा दी गई।
ठाकरे गुट ने यह भी दावा किया कि दिल्ली में भारतीय जनता पार्टी (BJP) नेतृत्व का एक गुट खुलेआम शिंदे को मुख्यमंत्री के अधिकार को चुनौती देने के लिए प्रोत्साहित कर रहा है, जो आगे चलकर फडणवीस के लिए नुकसानदेह साबित होगा।
किसान संकट और प्रशासनिक विफलता
संपादकीय में ग्रामीण महाराष्ट्र की बिगड़ती स्थिति को केंद्र में रखा गया। आरोप लगाया गया कि बारिश में देरी के चलते राज्य के बड़े हिस्से में पानी की भारी किल्लत है, पलायन बढ़ रहा है और मवेशियों के लिए चारे का संकट गहरा रहा है। मुंबई को पानी आपूर्ति करने वाले सात प्रमुख बांधों में जलस्तर गिरकर 8.5 प्रतिशत तक पहुँच जाने की बात कही गई, जिसके चलते तत्काल जल-कटौती लागू करनी पड़ी।
किसानों की आत्महत्याओं पर चिंता जताते हुए संपादकीय में कहा गया कि फडणवीस ने हाल ही में कर्ज माफी को स्थायी समाधान मानने से इनकार किया, लेकिन सरकार यह नहीं बता पा रही कि न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) और फसल बीमा के उचित क्रियान्वयन के बिना किसानों को कैसे सशक्त बनाया जाएगा। विदर्भ और मराठवाड़ा में सूखे के गंभीर हालात का भी उल्लेख किया गया।
नीट-यूजी पेपर लीक और युवाओं का भविष्य
ठाकरे गुट ने आरोप लगाया कि महाराष्ट्र नीट-यूजी 2026 पेपर लीक घोटाले का केंद्र बन गया है। दावा किया गया कि इस मामले में गिरफ्तार किए गए लोगों के BJP परिवार से करीबी संबंध हैं, जिससे राज्य के लाखों युवाओं का भविष्य दाँव पर लग गया है। पार्टी ने माँग की कि जब तक फडणवीस इन मुद्दों पर विपक्ष के सवालों का जवाब नहीं देते, विधानसभा सत्र स्थगित किया जाए।
लाडकी बहिन योजना और लोकतंत्र पर सवाल
शिवसेना (यूबीटी) ने सरकार की प्रमुख 'लाडकी बहिन' योजना को धोखा करार दिया। पार्टी का दावा है कि चुनाव समाप्त होते ही 81 लाख महिलाओं को मिलने वाली आर्थिक सहायता बंद कर दी गई। इसके अलावा, संपादकीय में यह भी रेखांकित किया गया कि महाराष्ट्र विधानसभा के दोनों सदन फिलहाल बिना विपक्ष के नेता के चल रहे हैं। आरोप लगाया गया कि सत्ताधारी गठबंधन ने जानबूझकर इन नियुक्तियों में देरी की है ताकि सदन में जवाबदेही से बचा जा सके।
यह ऐसे समय में आया है जब महाराष्ट्र में बेरोज़गारी बढ़ रही है और कानून-व्यवस्था की स्थिति पर भी सवाल उठ रहे हैं। 'सामना' संपादकीय ने छत्रपति शिवाजी महाराज की विरासत का हवाला देते हुए कहा कि जिस महाराष्ट्र में कभी गद्दारों के दिल में डर होता था, वहाँ आज की सत्ता दल-बदल का उत्सव मना रही है। आने वाले दिनों में विधानसभा सत्र में यह टकराव और तीखा होने की संभावना है।