30 अगस्त 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

हल्द्वानी शुद्धीकरण विवाद: एनसीबीसी अध्यक्ष साध्वी निरंजन ज्योति का राहुल गांधी पर तीखा पलटवार

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
हल्द्वानी शुद्धीकरण विवाद: एनसीबीसी अध्यक्ष साध्वी निरंजन ज्योति का राहुल गांधी पर तीखा पलटवार

सारांश

हल्द्वानी में खड़गे के कार्यक्रम के बाद सभा स्थल के कथित शुद्धीकरण पर राहुल गांधी की एफआईआर मांग का एनसीबीसी अध्यक्ष साध्वी निरंजन ज्योति ने करारा जवाब दिया — '65 साल सत्ता आपके परिवार के पास थी, तब भेदभाव क्यों नहीं मिटाया?' साथ ही इस्लामिक कानून की मांग को संविधान का अपमान बताया।

मुख्य बातें

हल्द्वानी में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के कार्यक्रम के बाद सभा स्थल के कथित शुद्धीकरण पर विवाद 30 अगस्त को और गहरा गया।
राहुल गांधी ने इस मामले में तत्काल एफआईआर दर्ज करने की मांग की थी।
एनसीबीसी अध्यक्ष साध्वी निरंजन ज्योति ने कहा कि आजादी के बाद 65 वर्षों तक सत्ता कांग्रेस परिवार के पास रही, तब भेदभाव क्यों नहीं मिटाया गया।
साध्वी ज्योति ने मौलाना साजिद रशीदी के इस्लामिक कानून संबंधी बयान को डॉ.
बीआर अंबेडकर के संविधान का अपमान करार दिया।
उन्होंने राहुल गांधी , प्रियंका गांधी और अखिलेश यादव से सार्वजनिक प्रतिक्रिया देने की अपील की।

उत्तराखंड के हल्द्वानी में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के कार्यक्रम के बाद सभा स्थल के कथित शुद्धीकरण को लेकर उठा विवाद 30 अगस्त को और गहरा गया, जब राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग (एनसीबीसी) की अध्यक्ष साध्वी निरंजन ज्योति ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर सीधा पलटवार किया। राहुल गांधी ने इस मामले में तत्काल एफआईआर दर्ज करने की मांग की थी, जिस पर साध्वी ज्योति ने कांग्रेस के शासनकाल पर ही सवाल खड़े कर दिए।

साध्वी निरंजन ज्योति का राहुल गांधी पर सीधा हमला

एनसीबीसी अध्यक्ष साध्वी निरंजन ज्योति ने कानपुर देहात में पत्रकारों से बातचीत के दौरान कहा, 'मैं एनसीबीसी की अध्यक्ष के तौर पर राहुल गांधी से कहना चाहती हूं कि आजादी के बाद 65 वर्षों तक सत्ता आपके परिवार के पास रही। अगर आपको लगता था कि ऐसा भेदभाव था, तो आपकी दादी, पिता और दादा को इसे बहुत पहले ही खत्म कर देना चाहिए था।' उन्होंने यह भी कहा कि वर्तमान में उन्हें ऐसे किसी भेदभाव का अस्तित्व नहीं दिखता।

साध्वी ज्योति ने आगे कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पंडित दीनदयाल उपाध्याय के विजन के अनुरूप काम कर रहे हैं और उन्होंने हमेशा दलितों व पिछड़े वर्गों को सम्मान दिया है। उनके अनुसार, राहुल गांधी केवल राजनीतिक लाभ के लिए इस प्रकार के बयान दे रहे हैं।

इस्लामिक कानून की मांग पर भी कड़ी प्रतिक्रिया

ऑल इंडिया इमाम एसोसिएशन के अध्यक्ष मौलाना साजिद रशीदी द्वारा देश में इस्लामिक कानून लागू करने की मांग पर भी साध्वी निरंजन ज्योति ने तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा, 'जिस तरह से हमलावर भारत आए, हमारी महिलाओं को जौहर का सहारा लेना पड़ा। अगर उनका संविधान वास्तव में इतना अच्छा होता, तो हमारे देश की महिलाओं को जौहर का सहारा नहीं लेना पड़ता।'

उन्होंने यह भी कहा कि भारत में डॉ. बीआर अंबेडकर द्वारा प्रदत्त संविधान के रहते इस तरह के बयान देना बाबासाहेब और उनके संविधान का खुला अपमान है।

विपक्षी नेताओं से प्रतिक्रिया की अपील

साध्वी ज्योति ने स्पष्ट किया कि वे चाहती हैं कि ऐसे बयान न दिए जाएं। उन्होंने राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और अखिलेश यादव सहित अन्य विपक्षी नेताओं से अपील की कि यदि वे वास्तव में ऐसे बयानों के समर्थन में नहीं हैं, तो वे सार्वजनिक रूप से अपनी प्रतिक्रिया दें।

विवाद की पृष्ठभूमि

यह ऐसे समय में आया है जब हल्द्वानी में खड़गे के कार्यक्रम के बाद कथित शुद्धीकरण का मामला सामने आया, जिसे लेकर कांग्रेस ने जातीय भेदभाव का आरोप लगाया। गौरतलब है कि इस प्रकार के सभा-स्थल शुद्धीकरण के आरोप देश में पहले भी सामाजिक तनाव का कारण बन चुके हैं। आने वाले दिनों में इस विवाद के राजनीतिक रंग और गहरे होने की संभावना है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन इस पर उपजी राजनीतिक प्रतिक्रियाएं बताती हैं कि जातीय अस्मिता की राजनीति किस तरह हर विवाद को राष्ट्रीय मंच पर ले जाती है। साध्वी ज्योति का '65 साल' वाला तर्क भाजपा का पुराना और आज़माया हुआ नैरेटिव है — जो कांग्रेस की विरासत को कटघरे में खड़ा करता है, लेकिन वर्तमान घटना की जांच से ध्यान भी हटाता है। असली सवाल यह है कि क्या कथित शुद्धीकरण की निष्पक्ष जांच होगी — और दोनों पक्षों की राजनीतिक तेज़ी उस प्रक्रिया को कमज़ोर न करे।
RashtraPress
30 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

हल्द्वानी शुद्धीकरण विवाद क्या है?
उत्तराखंड के हल्द्वानी में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के एक कार्यक्रम के बाद सभा स्थल का कथित तौर पर शुद्धीकरण किए जाने का आरोप लगा है। कांग्रेस ने इसे जातीय भेदभाव बताते हुए तत्काल एफआईआर की मांग की है।
राहुल गांधी ने इस मामले में क्या मांग की?
कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने हल्द्वानी के कथित शुद्धीकरण प्रकरण में तत्काल एफआईआर दर्ज करने की मांग की है। उन्होंने इसे जातीय भेदभाव की घटना करार दिया।
एनसीबीसी अध्यक्ष साध्वी निरंजन ज्योति ने राहुल गांधी को क्या जवाब दिया?
साध्वी निरंजन ज्योति ने कहा कि आजादी के बाद 65 वर्षों तक सत्ता राहुल गांधी के परिवार के पास रही, और यदि उन्हें भेदभाव दिखता था तो उनके दादा, पिता और दादी को इसे पहले ही समाप्त करना चाहिए था। उन्होंने कहा कि वर्तमान में उन्हें ऐसा कोई भेदभाव नहीं दिखता।
साध्वी ज्योति ने इस्लामिक कानून की मांग पर क्या कहा?
ऑल इंडिया इमाम एसोसिएशन के अध्यक्ष मौलाना साजिद रशीदी के इस्लामिक कानून लागू करने के बयान पर साध्वी ज्योति ने कहा कि भारत में डॉ. बीआर अंबेडकर द्वारा दिए गए संविधान के रहते ऐसे बयान देना बाबासाहेब और संविधान का खुला अपमान है।
इस विवाद में किन अन्य नेताओं का नाम आया है?
साध्वी निरंजन ज्योति ने राहुल गांधी और प्रियंका गांधी के साथ-साथ समाजवादी पार्टी नेता अखिलेश यादव से भी अपील की कि यदि वे ऐसे बयानों के समर्थन में नहीं हैं, तो सार्वजनिक रूप से अपनी स्थिति स्पष्ट करें।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 17 घंटे पहले
  2. 18 घंटे पहले
  3. 5 दिन पहले
  4. 2 सप्ताह पहले
  5. 10 महीने पहले
  6. 11 महीने पहले
  7. 1 साल पहले
  8. 1 साल पहले