सोनू निगम ने कन्नड़ समुदाय से माँगी माफी, बोले- 'रिश्ता बनाए रखने के लिए 1,000 बार सॉरी कह सकता हूँ'
सारांश
मुख्य बातें
गायक सोनू निगम ने 19 अक्टूबर 2026 को एक वीडियो संदेश जारी कर कर्नाटक के लोगों से सार्वजनिक रूप से माफी माँगी है। यह माफी उनके उस पुराने विवादित बयान को लेकर है, जिसमें उन्होंने बार-बार कन्नड़ गीत गाने की माँग की तुलना पहलगाम आतंकी हमले से की थी। करीब डेढ़ साल बाद दिए इस बयान में निगम ने कहा कि कर्नाटक और वहाँ के लोगों से उन्हें गहरा लगाव है और यदि उनके शब्दों से किसी की भावनाएँ आहत हुई हैं, तो वह उसके लिए क्षमाप्रार्थी हैं।
माफी का संदर्भ और पुराना विवाद
यह मामला तब फिर सुर्खियों में आया, जब कुछ प्रो-कन्नड़ संगठनों ने बेंगलुरु में सोनू निगम के प्रस्तावित कार्यक्रम का विरोध किया और पुलिस से अनुमति रद्द करने की माँग की। इसी पृष्ठभूमि में सोनू निगम ने कर्नाटक रक्षणा वेदिके के प्रमुख नारायण गौड़ा से सीधी बातचीत की और उसके बाद माफी वाला वीडियो सार्वजनिक किया।
गौरतलब है कि यह पहली बार नहीं है जब किसी गैर-कन्नड़ कलाकार को लेकर इस तरह का विवाद कर्नाटक में सामने आया हो। प्रो-कन्नड़ संगठन समय-समय पर भाषाई और सांस्कृतिक प्रतिनिधित्व के मुद्दे पर अपनी आवाज़ उठाते रहे हैं।
सोनू निगम का बयान
वीडियो संदेश में सोनू निगम ने कहा, 'अगर आप किसी से प्यार करते हैं और चाहते हैं कि रिश्ता बना रहे, तो आपको 1,000 बार भी 'सॉरी' बोलने में कोई परेशानी नहीं होनी चाहिए।' उन्होंने यह भी कहा कि किसी भी रिश्ते को बनाए रखने के लिए अहंकार नहीं, बल्कि समझदारी ज़रूरी होती है।
निगम ने स्पष्ट किया कि कर्नाटक के लोगों ने उन्हें हमेशा प्यार दिया है और वह इस संबंध को बेहद मूल्यवान मानते हैं। यदि उनके किसी बयान से कोई भी कन्नड़भाषी आहत हुआ है, तो वह उसके लिए खेद व्यक्त करते हैं।
नारायण गौड़ा की प्रतिक्रिया
कर्नाटक रक्षणा वेदिके के प्रमुख नारायण गौड़ा ने एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा कि सोनू निगम ने उनसे बात की और स्वीकार किया कि उनके बयान से कन्नड़ लोगों की भावनाएँ आहत हुई थीं। गौड़ा ने लिखा, 'हम सभी सोनू निगम के गीतों से प्यार करते हैं। हमारे मन में उनके प्रति कोई व्यक्तिगत नफरत या दुश्मनी नहीं थी। हमें सिर्फ उनका वह बयान स्वीकार नहीं था, इसलिए हमारा विरोध स्वाभाविक था।'
उन्होंने घंटासाला, पी.बी. श्रीनिवास, येसुदास, एस. जानकी, वाणी जयराम और चित्रा जैसे दिग्गज गैर-कन्नड़ गायकों का उदाहरण देते हुए कहा कि कर्नाटक के लोगों ने इन सभी को बेपनाह प्यार दिया और उन्होंने कन्नड़ संगीत को समृद्ध किया। उनके अनुसार, सोनू निगम भी इसी महान परंपरा के गायक हैं।
विवाद का पटाक्षेप और आगे की राह
नारायण गौड़ा ने कहा कि माफी माँगने वाले को क्षमा करना कन्नड़ संस्कृति और उदारता का हिस्सा है, और अब इस विवाद को यहीं समाप्त मान लेना चाहिए। उन्होंने उम्मीद जताई कि सोनू निगम आगे भी कन्नड़ गीत गाते रहेंगे और उनके कार्यक्रम कर्नाटक में आयोजित होते रहेंगे।
अपने संदेश के अंत में गौड़ा ने कहा, 'संगीत लोगों के जीवन को और बेहतर बनाए और प्यार की जीत हो।' यह घटनाक्रम इस बात का संकेत है कि भाषाई संवेदनशीलता और सांस्कृतिक सम्मान के बीच संवाद ही दीर्घकालिक समाधान का रास्ता है।