दक्षिण त्रिपुरा में भारत-बांग्लादेश सीमा के पास 34 किलो गांजा बरामद, तस्करों की तलाश तेज
सारांश
मुख्य बातें
दक्षिण त्रिपुरा जिला पुलिस ने 4 जून को नशा तस्करी विरोधी अभियान में बड़ी कामयाबी हासिल करते हुए भारत-बांग्लादेश सीमा (IBB) फेंसिंग के निकट से 34 किलोग्राम संदिग्ध गांजा बरामद किया। यह कार्रवाई बेलोनिया उपमंडल के पीआर बारी पुलिस थाना क्षेत्र अंतर्गत राजनगर मुस्लिम पारा में की गई, जहां मादक पदार्थ छिपाए जाने की गुप्त सूचना मिली थी।
मुख्य घटनाक्रम
पुलिस के अनुसार, विश्वसनीय इनपुट के बाद पीआर बारी थाना की टीम ने सीमा से सटे संवेदनशील इलाके में छापेमारी की। एक सुनसान और परित्यक्त स्थान पर रखे दो प्लास्टिक के बोरों की तलाशी लेने पर अंदर से गांजे के कुल 18 पैकेट बरामद हुए।
इनमें से 16 पैकेटों का वजन दो-दो किलोग्राम और शेष दो पैकेटों का वजन एक-एक किलोग्राम पाया गया, जिससे जब्त मादक पदार्थ की कुल मात्रा 34 किलोग्राम दर्ज की गई।
लावारिस संपत्ति के रूप में जब्ती
पुलिस ने बताया कि मौके पर बरामद गांजे का कोई दावेदार सामने नहीं आया। इसके बाद सभी कानूनी औपचारिकताएं पूरी करते हुए जब्त खेप को भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 106 के तहत लावारिस संपत्ति के रूप में अधिग्रहित किया गया।
सीमावर्ती इलाकों में बढ़ती चुनौती
गौरतलब है कि दक्षिण त्रिपुरा का यह क्षेत्र भौगोलिक रूप से बांग्लादेश से सटा होने के कारण लंबे समय से तस्करी नेटवर्क के लिए संवेदनशील माना जाता रहा है। सुनसान फेंसिंग क्षेत्रों में मादक पदार्थ छिपाकर बाद में पार ले जाने या अंतरराज्यीय खेप के रूप में आगे बढ़ाने का चलन तस्करों की कथित कार्यप्रणाली में पहले भी सामने आ चुका है।
जीरो टॉलरेंस नीति पर पुलिस का जोर
दक्षिण त्रिपुरा जिला पुलिस ने दोहराया कि जिले में नशीले पदार्थों, ड्रग्स और अवैध तस्करी के विरुद्ध 'जीरो टॉलरेंस' नीति लागू है और ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई की जाएगी। अधिकारियों के अनुसार, सीमावर्ती थानों में निगरानी और गश्त लगातार बढ़ाई जा रही है।
आगे की जांच
पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि बरामद गांजा वहां किसने छिपाया और इसका संबंध किसी अंतरराज्यीय या अंतरराष्ट्रीय तस्करी नेटवर्क से तो नहीं है। मामले में आगे की जांच जारी है और तस्करों की पहचान के लिए तकनीकी व मानवीय इनपुट खंगाले जा रहे हैं।