सुरेंद्रनाथ कॉलेज में सूटकेस से नोट-हथियार बरामद, रोहन गुप्ता बोले- TMC के घोटाले उजागर होंगे
सारांश
मुख्य बातें
कोलकाता के सुरेंद्रनाथ कॉलेज परिसर में सफाई अभियान के दौरान दो पुराने सूटकेसों से क्षतिग्रस्त नोटों के बंडल और एक हथियार बरामद होने के बाद पश्चिम बंगाल की सियासत गरमा गई है। भाजपा नेता रोहन गुप्ता ने दावा किया कि राज्य में अब तृणमूल कांग्रेस (TMC) शासन के दौरान हुए कथित घोटाले एक-एक कर सामने आएंगे।
मुख्य घटनाक्रम
राष्ट्र प्रेस से बातचीत में रोहन गुप्ता ने कहा कि जब से पश्चिम बंगाल में भाजपा की सरकार बनी है, तब से ममता बनर्जी के कार्यकाल के कथित ‘घोटाले और गलत कार्य’ क्रमशः जनता के सामने आ रहे हैं। उनके मुताबिक, जनता को अब अंदाज़ा हो रहा है कि TMC ने राज्य को कितना नुकसान पहुँचाया है।
भाजपा का दावा
गुप्ता ने कहा कि लोगों ने ‘परेशान होकर’ TMC को सत्ता से हटाया था और भाजपा अपने चुनावी वादे एक-एक करके पूरे कर रही है। उन्होंने दावा किया कि राज्य में लगातार विकास हो रहा है और जनता इस बदलाव से वाकिफ़ है।
TMC में टूट के संकेत
गुप्ता ने आरोप लगाया कि TMC के नेता अपनी ही पार्टी नेतृत्व से असंतुष्ट होकर पार्टी छोड़ रहे हैं, जबकि ममता बनर्जी इसे भाजपा द्वारा पार्टी तोड़ने की कोशिश बता रही हैं। उन्होंने कहा, ‘ये लोग खुद बचकर भाग रहे हैं।’ उनके अनुसार आने वाले दिनों में और नेता पार्टी छोड़ सकते हैं।
शिवसेना प्रवक्ता का बयान
शिवसेना प्रवक्ता संजय निरुपम ने कहा, ‘ममता बनर्जी की पार्टी तृणमूल कांग्रेस लगभग टूट चुकी है। वह बिखर गई है। आज विधानसभा में उनकी पार्टी के लगभग 58 विधायकों ने विधानसभा अध्यक्ष को एक हस्ताक्षरित अनुरोध सौंपा है कि वे एक अलग पार्टी बनाना चाहते हैं और अपनी तरफ से अपना खुद का नेता प्रतिपक्ष चुनना चाहते हैं, और साथ ही उसका नाम भी सुझाना चाहते हैं। इसका मतलब है कि ममता बनर्जी की सरकार भी चली गई, और अब तो पार्टी भी उनके हाथों से निकल गई।’
कर्नाटक पर भी निशाना
कर्नाटक की राजनीति पर टिप्पणी करते हुए रोहन गुप्ता ने कहा कि मुख्यमंत्री पद छोड़ने के बाद भी किसी नेता का सरकारी आवास में बने रहना ‘गलत’ है, और पार्टी नेतृत्व की चुप्पी पर भी उन्होंने सवाल उठाए।
क्या होगा आगे
सूटकेस से नकदी और हथियार बरामद होने के मामले में पुलिस जाँच जारी है। राजनीतिक प्रेक्षकों का मानना है कि बरामदगी और कथित विधायक-असंतोष की रिपोर्टें मिलकर पश्चिम बंगाल की आगामी राजनीतिक तस्वीर पर असर डाल सकती हैं।