तमिलनाडु में नाबालिग लड़कियों के खिलाफ अपराधों पर एआईएडीएमके सांसद का हस्तक्षेप का आह्वान

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तमिलनाडु में नाबालिग लड़कियों के खिलाफ अपराधों पर एआईएडीएमके सांसद का हस्तक्षेप का आह्वान

सारांश

तमिलनाडु में नाबालिग लड़कियों के खिलाफ बढ़ते अपराधों पर एआईएडीएमके सांसद आईएस इनबादुराई ने राष्ट्रीय महिला आयोग को पत्र लिखकर तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है। उन्होंने इस स्थिति को चिंताजनक बताया और पीड़ितों को न्याय दिलाने की आवश्यकता पर जोर दिया।

मुख्य बातें

नाबालिग लड़कियों के खिलाफ अपराधों में वृद्धि के प्रमाण।
सांसद का हस्तक्षेप और राष्ट्रीय महिला आयोग को पत्र लिखना।
कानून व्यवस्था में कमजोरी की पहचान।
पीड़ितों को न्याय दिलाने की आवश्यकता ।
स्थानीय राजनीतिक दबाव का संदेश ।

चेन्नई, १२ मार्च (राष्ट्र प्रेस)। एआईएडीएमके के नेता और राज्यसभा सांसद आईएस इनबादुराई ने राष्ट्रीय महिला आयोग (एनसीडब्ल्यू) को एक पत्र लिखकर तमिलनाडु में नाबालिग लड़कियों के खिलाफ बढ़ते अपराधों पर तुरंत हस्तक्षेप की अपील की है। उन्होंने इन घटनाओं को बेहद चिंताजनक बताया है।

पत्र में एनसीडब्ल्यू की अध्यक्ष को संबोधित करते हुए सांसद ने राज्य भर में हाल में हुई कई घटनाओं का उल्लेख किया और पीड़ितों को न्याय दिलाने तथा अधिकारियों की जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए तुरंत कार्रवाई की मांग की।

उन्होंने यह भी कहा कि यह स्थिति कानून व्यवस्था में गंभीर गड़बड़ी और बच्चों की सुरक्षा में विफलता को दर्शाती है।

पत्र में उल्लेखित कुछ घटनाओं में से एक ११ मार्च को थूथुकुडी में कक्षा दो की एक छात्रा की हत्या से संबंधित है।

सांसद के अनुसार, पीड़ित लड़की के माता-पिता ने सुरक्षा के लिए पुलिस से संपर्क किया था, लेकिन उनकी अपीलों को कथित तौर पर अनसुना कर दिया गया।

इनबादुराई ने कहा कि यदि शिकायत पर कार्रवाई की जाती, तो इस दुखद घटना से बचा जा सकता था। उन्होंने राष्ट्रीय मानवाधिकार संगठन (एनसीडब्ल्यू) से इसमें शामिल पुलिस अधिकारियों की कथित लापरवाही की जांच करने का आग्रह किया।

शिकायत में चेंगलपट्टू जिले के मदुरंतकम से रिपोर्ट किए गए एक मामले का भी जिक्र किया गया है, जहां एक १४ वर्षीय लड़की के साथ दिनदहाड़े सामूहिक दुष्कर्म किया गया था। सांसद ने चिंता जताते हुए कहा कि ऐसी घटनाएं कानूनहीनता की बढ़ती भावना को दर्शाती हैं और उन्होंने बाल यौन उत्पीड़न संरक्षण अधिनियम (पीओसीएसओ) के तहत मामले की शीघ्र जांच की आवश्यकता पर जोर दिया।

पत्र में एक अन्य मामले का भी जिक्र है, जिसमें कृष्णागिरी में ढाई साल की बच्ची के साथ कथित यौन उत्पीड़न और उसकी मौत का मामला शामिल है। सांसद ने कहा कि इस मामले में एक स्थानीय राजनीतिक पदाधिकारी की गिरफ्तारी से जांच को प्रभावित करने की संभावनाएं बढ़ गई हैं।

अपने पत्र में, इनबादुराई ने तमिलनाडु पुलिस के भीतर प्रशासनिक शून्यता की ओर भी संकेत किया और कहा कि स्थायी पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) की अनुपस्थिति से पुलिस बल के भीतर कमान और जवाबदेही की श्रृंखला प्रभावित हो सकती है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

एआईएडीएमके सांसद ने किस मुद्दे पर हस्तक्षेप की मांग की है?
एआईएडीएमके सांसद आईएस इनबादुराई ने तमिलनाडु में नाबालिग लड़कियों के खिलाफ बढ़ते अपराधों पर हस्तक्षेप की मांग की है।
सांसद ने अपनी शिकायत में किन घटनाओं का जिक्र किया?
सांसद ने थूथुकुडी और चेंगलपट्टू में हुई अपराधों का जिक्र किया, जिसमें हत्या और सामूहिक दुष्कर्म शामिल हैं।
पत्र में क्या कार्रवाई की मांग की गई है?
पत्र में पीड़ितों को न्याय दिलाने और पुलिस अधिकारियों की लापरवाही की जांच की मांग की गई है।
क्या इस मामले में पुलिस की भूमिका पर सवाल उठाए गए हैं?
हाँ, सांसद ने पुलिस की भूमिका और प्रशासनिक शून्यता पर चिंता व्यक्त की है।
क्या इस पत्र के माध्यम से कोई सकारात्मक बदलाव आ सकता है?
अगर इस मामले पर उचित कार्रवाई की जाती है तो इससे समाज में सुरक्षा की भावना में सुधार हो सकता है।
राष्ट्र प्रेस
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