तमिलनाडु में बिल्डिंग प्रोफेशनल्स के लिए यूनिफाइड ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन पोर्टल, डीटीसीपी करेगा लागू
सारांश
मुख्य बातें
तमिलनाडु सरकार ने राज्य भर के आर्किटेक्ट, इंजीनियर, टाउन प्लानर और अन्य बिल्डिंग प्रोफेशनल्स के लिए एक यूनिफाइड ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन सिस्टम शुरू करने की घोषणा की है, जो बिल्डिंग प्लान तैयार करने और प्लानिंग मंजूरी के लिए आवेदन जमा करते हैं। हाउसिंग और अर्बन डेवलपमेंट डिपार्टमेंट ने टाउन एंड कंट्री प्लानिंग डायरेक्टरेट (डीटीसीपी) को निर्देश दिया है कि वह सिंगल विंडो पोर्टल के माध्यम से इस नई व्यवस्था को लागू करे। यह कदम राज्य की उस व्यापक नीति का हिस्सा है, जिसके तहत छोटी रिहायशी, कमर्शियल और औद्योगिक इमारतों के लिए थर्ड-पार्टी प्लानिंग परमिशन की व्यवस्था स्थापित की जाएगी।
मौजूदा व्यवस्था की कमियाँ
फिलहाल, राज्य में कार्यरत आर्किटेक्ट, इंजीनियर और टाउन प्लानर को अपने अधिकार क्षेत्र के आधार पर विभिन्न प्राधिकरणों से अलग-अलग रजिस्ट्रेशन लेने पड़ते हैं। सरकार के अनुसार, इस बिखरी हुई व्यवस्था के कारण रिकॉर्ड्स का दोहराव होता है, प्रक्रियाओं में अनावश्यक देरी होती है और एक से अधिक प्लानिंग क्षेत्रों में काम करने वाले पेशेवरों को भारी प्रशासनिक दिक्कतों का सामना करना पड़ता है।
यह ऐसे समय में आया है जब तमिलनाडु में शहरीकरण की रफ्तार तेज है और चेन्नई समेत अन्य शहरों में नई बिल्डिंग परियोजनाओं की संख्या तेजी से बढ़ रही है। गौरतलब है कि बिल्डिंग अप्रूवल में देरी को लंबे समय से रियल एस्टेट क्षेत्र की प्रमुख शिकायतों में गिना जाता रहा है।
नई व्यवस्था में क्या बदलेगा
नए सिस्टम के तहत, प्रत्येक योग्य प्रोफेशनल को एक राज्य-स्तरीय यूनिक रजिस्ट्रेशन आइडेंटिफिकेशन नंबर आवंटित किया जाएगा। तमिलनाडु की सभी लोकल बॉडीज और प्लानिंग अथॉरिटीज इस एकल रजिस्ट्रेशन को मान्यता देंगी, जिससे प्रोफेशनल्स बिना बार-बार मंजूरी लिए राज्य के किसी भी हिस्से में काम कर सकेंगे। एक बार यह प्रणाली लागू होने के बाद, केवल पोर्टल पर पंजीकृत पेशेवर ही बिल्डिंग प्लान तैयार करने और प्लानिंग एप्लीकेशन जमा करने के अधिकृत होंगे।
रजिस्ट्रेशन की पात्रता 'तमिलनाडु कंबाइंड डेवलपमेंट एंड बिल्डिंग रूल्स, 2019' के प्रावधानों के आधार पर निर्धारित की जाएगी। आवेदनों की जाँच और अनुमोदन संबंधित डीटीसीपी जिला कार्यालयों द्वारा किया जाएगा।
पुराने रजिस्ट्रेशन का क्या होगा
पोर्टल पर पहले से पंजीकृत प्रोफेशनल्स को स्वतः नई यूनिफाइड व्यवस्था में स्थानांतरित कर दिया जाएगा। उनके मौजूदा रजिस्ट्रेशन अपनी एक्सपायरी तारीख तक वैध बने रहेंगे, जिसके बाद पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन नवीनीकरण अनिवार्य होगा।
थर्ड-पार्टी अप्रूवल और दायरा
इस सुधार से विधानसभा में घोषित थर्ड-पार्टी अप्रूवल सिस्टम को भी बल मिलने की उम्मीद है। इस प्रस्तावित व्यवस्था के तहत पंजीकृत इंजीनियरों को सरकार द्वारा तय सीमाओं के भीतर छोटी इमारतों को मंजूरी देने का अधिकार होगा।
विशेष रूप से, 8,070 वर्ग फुट तक के फ्लोर स्पेस इंडेक्स (एफएसआई) क्षेत्र वाली रिहायशी इमारतें, 3,230 वर्ग फुट तक की कमर्शियल इमारतें और मंजूरशुदा औद्योगिक एस्टेट में 26,900 वर्ग फुट तक के बिल्ट-अप एरिया वाली फैक्ट्री इमारतें इस सिस्टम के दायरे में आएंगी।
अपेक्षित परिणाम
अधिकारियों के अनुसार, इस एकीकृत रजिस्ट्रेशन प्लेटफॉर्म से जवाबदेही में सुधार होगा, दोहराव वाली प्रक्रियाओं का उन्मूलन होगा और बिल्डिंग एप्लीकेशन की प्रोसेसिंग में तेजी आएगी। इस पहल का व्यापक उद्देश्य एक पारदर्शी और दक्ष अप्रूवल प्रणाली का निर्माण करना है, जिससे आवेदकों और प्रोफेशनल्स दोनों पर प्रशासनिक बोझ घटे। आने वाले महीनों में इस प्रणाली के क्रियान्वयन की दिशा में डीटीसीपी की गतिविधियों पर उद्योग की नजर बनी रहेगी।