तांत्रिक जादू और जिन्न के नाम पर युवती से 15.93 लाख की धोखाधड़ी, पुलिस ने शुरू की जांच
सारांश
Key Takeaways
- तांत्रिक और जिन्न के नाम पर धोखाधड़ी बढ़ रही है।
- पुलिस ने साइबर सेल के माध्यम से जांच शुरू की है।
- युवती ने साइबर क्राइम हेल्पलाइन पर शिकायत की।
- धोखाधड़ी के मामलों में सतर्क रहना आवश्यक है।
- संभावित ठगों से बचने के लिए जानकारी साझा करें।
मुंबई, 20 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। मुंबई के सायन क्षेत्र से साइबर धोखाधड़ी का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जिसमें एक 22 वर्षीय युवती ने तांत्रिक शक्तियों और जिन्न के नाम पर लगभग 15.93 लाख रुपए की ठगी का शिकार हुई। इस मामले में मुंबई साइबर सेल ने एफआईआर दर्ज कर जांच प्रारंभ कर दी है।
पुलिस के अनुसार, पीड़िता प्रतीक्षा नगर इलाके की निवासी है। वर्ष 2023 में, इंस्टाग्राम पर एक पोस्ट देखने के बाद, जिसका शीर्षक था “पावरफुल ओबसेशन हीलर”, उसने करियर, प्रेम और जीवन समस्याओं के समाधान का वादा किया गया था। पोस्ट में दिए गए लिंक पर क्लिक करते ही उसकी बातचीत व्हाट्सएप पर एक व्यक्ति से शुरू हुई, जिसने कभी खुद को वाहिद तो कभी साहिल बताया।
आरोपी ने पहले युवती का विश्वास जीतने में सफल रहा और उसे उसके उज्ज्वल भविष्य का आश्वासन दिया। इसके बाद उसने तांत्रिक विधि कराने की सलाह दी और दावा किया कि उसके पास एक जिन्न है, जो सभी इच्छाओं को पूरा कर सकता है। आरोपी ने युवती को यकीन दिलाया कि इस प्रक्रिया से उसका जीवन पूरी तरह बदल जाएगा।
धोखाधड़ी की शुरुआत 25 हजार रुपए से हुई, लेकिन धीरे-धीरे यह राशि लाखों में बदल गई। आरोपी विभिन्न बहानों से पैसे मांगता रहा, कभी तांत्रिक विधि अधूरी होने का हवाला दिया, तो कभी नकारात्मक ऊर्जा हटाने या जिन्न के गुस्से की बात कहकर युवती को डराया गया। इस दौरान युवती ने कई बैंक खातों में पैसे ट्रांसफर किए। ठगों ने विभिन्न नामों जैसे सुमरा मोहम्मद, मोसिन सलीम और गुलनाज का इस्तेमाल किया, जिससे यह स्पष्ट होता है कि यह एक संगठित गिरोह है।
इस धोखाधड़ी का सबसे दुखद पहलू यह रहा कि युवती ने अपने घर का सोना तक बेच दिया और उसकी राशि भी आरोपियों को दे दी। लगभग ढाई साल तक यह प्रक्रिया चलती रही। जब कोई परिणाम नहीं मिला और पैसे की मांग जारी रही, तब उसे ठगी का एहसास हुआ।
इसके बाद, पीड़िता ने साइबर क्राइम हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत दर्ज कराई। पुलिस अब इंस्टाग्राम आईडी, मोबाइल नंबर और बैंक खातों की जांच कर रही है और आशंका है कि यह मामला किसी बड़े साइबर ठग गिरोह से जुड़ा हो सकता है।