सोना पप्पू सिंडिकेट मामला: ईडी ने TMC नेता श्रेया पांडे से कोलकाता में की पूछताछ
सारांश
मुख्य बातें
प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने 8 जून 2026 को कोलकाता के साल्ट लेक स्थित सीजीओ कॉम्प्लेक्स में तृणमूल कांग्रेस (TMC) नेता श्रेया पांडे से सोना पप्पू सिंडिकेट मामले के संबंध में पूछताछ की। श्रेया, राज्य के पूर्व मंत्री साधन पांडे की बेटी हैं और उन्हें मूलतः मंगलवार को बुलाया गया था, लेकिन वे एक दिन पहले ही ईडी दफ्तर पहुँच गईं।
मामले में श्रेया पांडे का नाम कैसे आया
ईडी सूत्रों के अनुसार, मोबाइल फोन सहित डिजिटल उपकरणों की जाँच के दौरान श्रेया पांडे का नाम सामने आया। सूत्रों ने यह भी बताया कि वे काली पूजा के अवसर पर तीन बार आरोपी के घर गई थीं, जहाँ विभिन्न राजनीतिक दलों के नेता भी उपस्थित थे।
श्रेया पांडे का पक्ष
हालाँकि, श्रेया पांडे ने सोशल मीडिया पर दावा किया कि वे स्वेच्छा से ईडी के समक्ष उपस्थित हुई थीं और उन्हें सोमवार के लिए कोई समन नहीं मिला था। उन्होंने यह भी कहा कि वे सिंडिकेट मामले से जुड़े बाहुबली बिस्वजीत पोद्दार उर्फ सोना पप्पू को नहीं जानतीं।
सोना पप्पू सिंडिकेट: पृष्ठभूमि
बिस्वजीत पोद्दार उर्फ सोना पप्पू पर दक्षिण कोलकाता के कस्बा और बालीगंज इलाकों में कई सिंडिकेट चलाने का संदेह है। उसके खिलाफ जमीन हड़पने, रंगदारी और डराने-धमकाने के आरोपों में कई एफआईआर दर्ज हैं। फरवरी में रवींद्र सरोवर में हुई झड़पों में नाम आने के बाद वह फरार हो गया था, हालाँकि सोशल मीडिया पर सक्रिय रहा। अंततः 18 मई को वह ईडी के सामने पेश हुआ और उसे गिरफ्तार कर लिया गया।
अन्य गिरफ्तारियाँ और तलाशी
इस मामले में व्यवसायी जॉय कामदार को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है। ईडी ने अप्रैल में कामदार के ठिकानों पर छापेमारी कर नकदी, एक महंगी गाड़ी और संपत्ति से जुड़े दस्तावेज जब्त किए थे। इसके अलावा, श्रेया के करीबी माने जाने वाले कल्याण शुक्ला से भी पहले पूछताछ हो चुकी है — ईडी सूत्रों के अनुसार उनके घर से जमीन धोखाधड़ी से संबंधित दस्तावेज बरामद हुए थे।
आगे क्या होगा
यह ऐसे समय में आया है जब ईडी पश्चिम बंगाल में कई राजनीतिक-आपराधिक गठजोड़ों की जाँच कर रही है। गौरतलब है कि श्रेया पांडे से पूछताछ इस मामले की जाँच को एक नए राजनीतिक आयाम देती है। आने वाले दिनों में ईडी और गवाहों व संदिग्धों को तलब कर सकती है।