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सोना पप्पू सिंडिकेट मामला: ईडी ने TMC नेता श्रेया पांडे से कोलकाता में की पूछताछ

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सोना पप्पू सिंडिकेट मामला: ईडी ने TMC नेता श्रेया पांडे से कोलकाता में की पूछताछ

सारांश

ईडी की जाँच अब सीधे TMC नेता श्रेया पांडे तक पहुँच गई है — पूर्व मंत्री साधन पांडे की बेटी। डिजिटल डिवाइस की जाँच और काली पूजा में सोना पप्पू के घर उपस्थिति के संदर्भ में यह पूछताछ पश्चिम बंगाल में राजनीति-अपराध गठजोड़ की जाँच को नया आयाम देती है।

मुख्य बातें

TMC नेता श्रेया पांडे 8 जून 2026 को साल्ट लेक, कोलकाता स्थित ईडी दफ्तर में सोना पप्पू सिंडिकेट मामले में पेश हुईं।
ईडी सूत्रों के अनुसार डिजिटल डिवाइस की जाँच में उनका नाम सामने आया था।
श्रेया ने दावा किया कि वे स्वेच्छा से पेश हुईं और सोना पप्पू को नहीं जानतीं।
व्यवसायी जॉय कामदार पहले ही गिरफ्तार; बिस्वजीत पोद्दार उर्फ सोना पप्पू को 18 मई को गिरफ्तार किया गया।
श्रेया के करीबी कल्याण शुक्ला के घर से जमीन धोखाधड़ी से जुड़े दस्तावेज बरामद हुए थे।
सोना पप्पू पर कस्बा और बालीगंज इलाकों में कई सिंडिकेट चलाने का संदेह है।

प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने 8 जून 2026 को कोलकाता के साल्ट लेक स्थित सीजीओ कॉम्प्लेक्स में तृणमूल कांग्रेस (TMC) नेता श्रेया पांडे से सोना पप्पू सिंडिकेट मामले के संबंध में पूछताछ की। श्रेया, राज्य के पूर्व मंत्री साधन पांडे की बेटी हैं और उन्हें मूलतः मंगलवार को बुलाया गया था, लेकिन वे एक दिन पहले ही ईडी दफ्तर पहुँच गईं।

मामले में श्रेया पांडे का नाम कैसे आया

ईडी सूत्रों के अनुसार, मोबाइल फोन सहित डिजिटल उपकरणों की जाँच के दौरान श्रेया पांडे का नाम सामने आया। सूत्रों ने यह भी बताया कि वे काली पूजा के अवसर पर तीन बार आरोपी के घर गई थीं, जहाँ विभिन्न राजनीतिक दलों के नेता भी उपस्थित थे।

श्रेया पांडे का पक्ष

हालाँकि, श्रेया पांडे ने सोशल मीडिया पर दावा किया कि वे स्वेच्छा से ईडी के समक्ष उपस्थित हुई थीं और उन्हें सोमवार के लिए कोई समन नहीं मिला था। उन्होंने यह भी कहा कि वे सिंडिकेट मामले से जुड़े बाहुबली बिस्वजीत पोद्दार उर्फ सोना पप्पू को नहीं जानतीं।

सोना पप्पू सिंडिकेट: पृष्ठभूमि

बिस्वजीत पोद्दार उर्फ सोना पप्पू पर दक्षिण कोलकाता के कस्बा और बालीगंज इलाकों में कई सिंडिकेट चलाने का संदेह है। उसके खिलाफ जमीन हड़पने, रंगदारी और डराने-धमकाने के आरोपों में कई एफआईआर दर्ज हैं। फरवरी में रवींद्र सरोवर में हुई झड़पों में नाम आने के बाद वह फरार हो गया था, हालाँकि सोशल मीडिया पर सक्रिय रहा। अंततः 18 मई को वह ईडी के सामने पेश हुआ और उसे गिरफ्तार कर लिया गया।

अन्य गिरफ्तारियाँ और तलाशी

इस मामले में व्यवसायी जॉय कामदार को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है। ईडी ने अप्रैल में कामदार के ठिकानों पर छापेमारी कर नकदी, एक महंगी गाड़ी और संपत्ति से जुड़े दस्तावेज जब्त किए थे। इसके अलावा, श्रेया के करीबी माने जाने वाले कल्याण शुक्ला से भी पहले पूछताछ हो चुकी है — ईडी सूत्रों के अनुसार उनके घर से जमीन धोखाधड़ी से संबंधित दस्तावेज बरामद हुए थे।

आगे क्या होगा

यह ऐसे समय में आया है जब ईडी पश्चिम बंगाल में कई राजनीतिक-आपराधिक गठजोड़ों की जाँच कर रही है। गौरतलब है कि श्रेया पांडे से पूछताछ इस मामले की जाँच को एक नए राजनीतिक आयाम देती है। आने वाले दिनों में ईडी और गवाहों व संदिग्धों को तलब कर सकती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन ईडी की रणनीति स्पष्ट है — परिधि से केंद्र की ओर बढ़ना। असली परीक्षा यह है कि क्या डिजिटल साक्ष्य किसी ठोस वित्तीय कड़ी को उजागर करते हैं, या यह जाँच राजनीतिक दबाव का औजार बनकर रह जाती है — एक सवाल जो विपक्ष और सत्तापक्ष दोनों के लिए असुविधाजनक है।
RashtraPress
24 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सोना पप्पू सिंडिकेट मामला क्या है?
यह कोलकाता के दक्षिणी इलाकों — कस्बा और बालीगंज — में बिस्वजीत पोद्दार उर्फ सोना पप्पू द्वारा कथित तौर पर चलाए जा रहे सिंडिकेट से जुड़ा मामला है। उस पर जमीन हड़पने, रंगदारी और डराने-धमकाने के कई आरोप हैं और उसे 18 मई को ईडी ने गिरफ्तार किया।
श्रेया पांडे का इस मामले से क्या संबंध बताया जा रहा है?
ईडी सूत्रों के अनुसार डिजिटल डिवाइस की जाँच में श्रेया पांडे का नाम सामने आया। यह भी बताया गया कि वे काली पूजा के दौरान तीन बार सोना पप्पू के घर गई थीं। हालाँकि श्रेया ने खुद किसी भी जानकारी से इनकार किया है।
क्या श्रेया पांडे को ईडी ने समन भेजा था?
ईडी सूत्रों के अनुसार उन्हें मंगलवार के लिए बुलाया गया था, लेकिन वे सोमवार को ही पेश हो गईं। श्रेया ने सोशल मीडिया पर दावा किया कि उन्हें सोमवार के लिए कोई समन नहीं मिला था और वे स्वेच्छा से उपस्थित हुईं।
इस मामले में अब तक कितने लोग गिरफ्तार हो चुके हैं?
अब तक बिस्वजीत पोद्दार उर्फ सोना पप्पू (18 मई को गिरफ्तार) और व्यवसायी जॉय कामदार को गिरफ्तार किया जा चुका है। कल्याण शुक्ला से भी पूछताछ हो चुकी है और उनके घर से संदिग्ध दस्तावेज बरामद हुए हैं।
यह जाँच राजनीतिक दृष्टि से क्यों महत्वपूर्ण है?
श्रेया पांडे पूर्व राज्य मंत्री साधन पांडे की बेटी और TMC नेता हैं। उनकी ईडी पूछताछ पश्चिम बंगाल में राजनीतिक हस्तियों और आपराधिक सिंडिकेट के बीच कथित संबंधों की जाँच को एक नई दिशा देती है।
राष्ट्र प्रेस
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