ट्विशा शर्मा केस: पिता नवनिधि का सीबीआई जांच पर बड़ा आरोप — पोस्टमार्टम रिपोर्ट से हुई छेड़छाड़
सारांश
मुख्य बातें
अजमेर में ट्विशा शर्मा मृत्यु प्रकरण में नया मोड़ आया है। मृतका के पिता नवनिधि शर्मा ने 25 अगस्त 2026 को केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) की जांच रिपोर्ट को सिरे से खारिज करते हुए आरोप लगाया कि दूसरी पोस्टमार्टम रिपोर्ट से छेड़छाड़ की गई है और एम्स की पहली रिपोर्ट को दबाया गया — यह सब इसे आत्महत्या साबित करने की सुनियोजित कोशिश का हिस्सा है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि यह आत्महत्या नहीं, बल्कि सुनियोजित हत्या का मामला है।
पिता के गंभीर आरोप
नवनिधि शर्मा ने कहा, 'ये बात हम सिरे से खारिज करते हैं कि ये एक आत्महत्या है। ये सुनियोजित हत्या का मामला है, जिसके ऊपर पहले ही एम्स ने पर्दा डाला। दूसरी बार जो पोस्टमार्टम किया गया, उसे देखकर लग रहा है कि उससे छेड़छाड़ की गई है।' उन्होंने यह भी जोड़ा कि रिपोर्ट की अब तक हुई छानबीन से पता चला है कि जांच में कई बार बयान बदले गए — जो इंगित करता है कि रिपोर्ट को सुनियोजित ढंग से लिखा गया।
सीसीटीवी और साक्ष्यों पर सवाल
नवनिधि शर्मा के अनुसार, घटना के पहले दिन से ही मौजूद साक्ष्य यह दर्शाते हैं कि यह आत्महत्या नहीं थी। उन्होंने तर्क दिया कि यदि यह आत्महत्या होती, तो जज और वकील जैसे पढ़े-लिखे लोग किसी पुलिसकर्मी को बुलाते, फोटोग्राफ कराते और पास के अस्पताल से डॉक्टर को बुलाते। उनका यह भी आरोप है कि सीसीटीवी फुटेज से छेड़छाड़ हुई और मुख्य आरोपी 10 दिनों तक फरार रहा, जबकि आरोपी नंबर 1 की माता ने प्रभावशाली लोगों को फोन किए।
सीबीआई की जांच पर असंतोष
नवनिधि शर्मा ने कहा कि सीबीआई ने मामले के कई अहम कोणों और परिस्थितियों को पूरी तरह नजरअंदाज कर दिया और केवल एम्स रिपोर्ट को आधार मानकर जांच आगे बढ़ा दी। उन्होंने कहा, 'इतनी अच्छी एजेंसी से ये उम्मीद नहीं की जा सकती थी कि इतने सारे सबूतों को छोड़कर केवल एम्स की रिपोर्ट के आधार पर जांच को आगे ले जाएंगे। सीबीआई की जांच से हम संतुष्ट नहीं हैं।'
आगे की लड़ाई
पिता नवनिधि शर्मा ने घोषणा की कि वे एम्स रिपोर्ट को कानूनी रूप से चुनौती देंगे और यह कोशिश करेंगे कि मामला पुनः जांच के लिए भेजा जाए। उन्होंने कहा कि उनकी लड़ाई और तेज होने वाली है। यह प्रकरण न्यायिक और जांच एजेंसियों की विश्वसनीयता पर गंभीर सवाल खड़े करता है।