11 अगस्त 2026
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राहुल गांधी के कोटा दौरे में गहलोत-पायलट एक मंच पर, 'यूनाइटेड कलर्स ऑफ कांग्रेस' की तस्वीरें वायरल

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राहुल गांधी के कोटा दौरे में गहलोत-पायलट एक मंच पर, 'यूनाइटेड कलर्स ऑफ कांग्रेस' की तस्वीरें वायरल

सारांश

राहुल गांधी के कोटा दौरे ने राजस्थान कांग्रेस की वह तस्वीर पेश की जो वर्षों से दुर्लभ थी — गहलोत और पायलट एक ही मंच पर, मुस्कुराते हुए। साथ में धारीवाल-गुंजल की एक फ्रेम ने 'यूनाइटेड कलर्स ऑफ कांग्रेस' का नया ट्रेंड बना दिया।

मुख्य बातें

राहुल गांधी के कोटा दौरे में 18 जून 2026 को अशोक गहलोत और सचिन पायलट एक ही मंच पर साथ दिखे।
शांति धारीवाल और प्रहलाद गुंजल — जिन्हें कोटा की राजनीति में प्रतिद्वंद्वी माना जाता है — भी एक ही तस्वीर में नज़र आए।
राजस्थान कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा भी कार्यक्रम में उपस्थित रहे।
न गहलोत और न पायलट की ओर से आपसी संबंधों पर कोई औपचारिक बयान जारी किया गया।
तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल हुईं; कार्यकर्ताओं ने इसे एकता का संकेत माना, कुछ नेताओं ने इसे औपचारिक सौहार्द बताया।

कांग्रेस सांसद और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के कोटा दौरे के दौरान 18 जून 2026 को एक ऐसी तस्वीर सामने आई जिसने राजस्थान की राजनीति में हलचल मचा दी — पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और पूर्व उप मुख्यमंत्री सचिन पायलट एक ही मंच पर मुस्कुराते और बातचीत करते नज़र आए। इन तस्वीरों के साथ-साथ शांति धारीवाल और प्रहलाद गुंजल की एक फ्रेम में मौजूदगी ने सोशल मीडिया पर 'यूनाइटेड कलर्स ऑफ कांग्रेस' का ट्रेंड खड़ा कर दिया।

मुख्य घटनाक्रम

राहुल गांधी के कोटा दौरे पर आयोजित कार्यक्रम में राजस्थान कांग्रेस के कई दिग्गज नेता एक साथ उपस्थित रहे। अशोक गहलोत और सचिन पायलट को मंच पर आपस में हल्के-फुल्के अंदाज़ में बातचीत करते देखा गया — जो उन कार्यकर्ताओं के लिए असाधारण दृश्य था, जो वर्षों से दोनों नेताओं के बीच गहरे मतभेदों के गवाह रहे हैं।

इसी कार्यक्रम में राजस्थान कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा भी मौजूद थे और उन्होंने दोनों वरिष्ठ नेताओं के साथ सहज संवाद किया।

धारीवाल-गुंजल की एक फ्रेम में मौजूदगी

एक अन्य चर्चित तस्वीर में अशोक गहलोत के साथ कोटा के वरिष्ठ कांग्रेस नेता शांति धारीवाल और पूर्व भारतीय जनता पार्टी (BJP) नेता से कांग्रेस में शामिल हुए प्रहलाद गुंजल एक साथ दिखाई दिए। यह तस्वीर इसलिए भी विशेष रूप से चर्चा में है क्योंकि धारीवाल और गुंजल को कोटा की स्थानीय राजनीति में लंबे समय से प्रतिद्वंद्वी माना जाता रहा है।

पार्टी कार्यकर्ताओं की प्रतिक्रिया

कांग्रेस कार्यकर्ताओं के एक बड़े वर्ग ने इन तस्वीरों को पार्टी में बढ़ती एकजुटता के संकेत के रूप में व्याख्यायित किया है। यह ऐसे समय में आया है जब राजस्थान में अगले विधानसभा चुनाव की तैयारियाँ धीरे-धीरे शुरू हो रही हैं और पार्टी को संगठनात्मक एकता की सख्त ज़रूरत है।

हालाँकि, कुछ नेताओं ने इसे सिर्फ औपचारिक और सार्वजनिक सौहार्द का हिस्सा बताया है। गौरतलब है कि न गहलोत की ओर से और न ही पायलट की ओर से आपसी रिश्तों को लेकर कोई स्पष्ट राजनीतिक बयान जारी किया गया।

राजस्थान कांग्रेस में गुटबाजी की पृष्ठभूमि

राजस्थान कांग्रेस में गहलोत और पायलट के बीच तनाव कोई नई बात नहीं है। 2020 में पायलट के विद्रोह के बाद से दोनों गुटों के बीच की खाई सार्वजनिक रूप से उजागर हो चुकी थी। 2023 के विधानसभा चुनाव में पार्टी की हार के बाद से यह सवाल और प्रासंगिक हो गया है कि क्या कांग्रेस राजस्थान में एकजुट होकर वापसी कर सकती है।

आगे की राह

राहुल गांधी के इस दौरे को पार्टी के भीतर एकता संदेश देने की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है। कांग्रेस नेतृत्व के लिए असली परीक्षा यह होगी कि क्या यह दृश्यात्मक एकजुटता संगठनात्मक सहयोग में तब्दील हो पाती है — या फिर यह सिर्फ एक कार्यक्रम की तस्वीरों तक सीमित रहती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन कोटा की ज़मीनी राजनीति में उनकी प्रतिद्वंद्विता कार्यक्रम की फोटो से परे है। असली सवाल यह है कि क्या राहुल गांधी का यह दौरा सिर्फ एकता की छवि बनाने की कोशिश है, या पार्टी राजस्थान में वास्तविक संगठनात्मक पुनर्गठन की दिशा में कदम उठा रही है।
RashtraPress
11 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

'यूनाइटेड कलर्स ऑफ कांग्रेस' क्या है और यह चर्चा में क्यों है?
यह वायरल हुई उन तस्वीरों के लिए इस्तेमाल हो रहा वाक्यांश है जिनमें राजस्थान कांग्रेस के आपस में प्रतिद्वंद्वी माने जाने वाले नेता — गहलोत, पायलट, धारीवाल और गुंजल — एक ही मंच पर नज़र आए। राहुल गांधी के कोटा दौरे के दौरान 18 जून 2026 को ये तस्वीरें सामने आईं और सोशल मीडिया पर तेज़ी से फैल गईं।
गहलोत और पायलट के बीच विवाद की पृष्ठभूमि क्या है?
2020 में सचिन पायलट ने अशोक गहलोत सरकार के खिलाफ विद्रोह किया था, जिससे राजस्थान कांग्रेस में गहरी दरार सार्वजनिक हो गई थी। 2023 के विधानसभा चुनाव में पार्टी की हार के बाद से यह गुटबाजी और अधिक चर्चा का विषय बनी हुई है।
क्या गहलोत और पायलट के बीच सुलह हो गई है?
दोनों नेताओं की ओर से आपसी संबंधों पर कोई औपचारिक बयान नहीं दिया गया है। कार्यकर्ताओं का एक वर्ग तस्वीरों को एकता का संकेत मान रहा है, जबकि कुछ नेता इसे सार्वजनिक और औपचारिक सौहार्द तक सीमित बता रहे हैं।
धारीवाल और गुंजल की तस्वीर क्यों खास मानी जा रही है?
शांति धारीवाल और प्रहलाद गुंजल को कोटा की स्थानीय राजनीति में लंबे समय से प्रतिद्वंद्वी माना जाता रहा है। प्रहलाद गुंजल पूर्व भाजपा नेता हैं जो कांग्रेस में शामिल हुए हैं। दोनों का एक ही फ्रेम में दिखना स्थानीय राजनीतिक समीकरणों के लिहाज़ से उल्लेखनीय माना जा रहा है।
राहुल गांधी के कोटा दौरे का राजस्थान कांग्रेस के लिए क्या महत्व है?
राहुल गांधी के इस दौरे को पार्टी में एकता का संदेश देने की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है, खासकर 2023 की चुनावी हार के बाद। हालाँकि, विश्लेषकों का मानना है कि दृश्यात्मक एकजुटता तब तक अर्थपूर्ण नहीं होगी जब तक संगठनात्मक स्तर पर ठोस सहयोग न दिखे।
राष्ट्र प्रेस
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