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वीबी-जी राम जी योजना: महाराष्ट्र में राज्य व जिला स्तर पर कार्यशालाएं होंगी, शंभूराज देसाई ने विधानसभा में दी जानकारी

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वीबी-जी राम जी योजना: महाराष्ट्र में राज्य व जिला स्तर पर कार्यशालाएं होंगी, शंभूराज देसाई ने विधानसभा में दी जानकारी

सारांश

महाराष्ट्र सरकार वीबी-जी राम जी योजना को जमीन पर उतारने के लिए विधायकों से लेकर ग्राम पंचायत सदस्यों तक — हर स्तर पर कार्यशालाएं करेगी। यह कदम दर्शाता है कि ग्रामीण रोजगार की इस महत्वाकांक्षी योजना को लागू करने में जनप्रतिनिधियों की भूमिका केंद्रीय मानी जा रही है।

मुख्य बातें

वीबी-जी राम जी योजना (विकसित भारत-रोजगार और आजीविका मिशन ग्रामीण) के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए महाराष्ट्र में राज्य एवं जिला स्तर पर कार्यशालाएं आयोजित होंगी।
प्रभारी मंत्री शंभूराज देसाई ने 2 जुलाई को महाराष्ट्र विधानसभा में यह घोषणा की।
राज्य स्तर पर विधायकों के लिए विशेष कार्यशाला होगी; जिला स्तर पर ग्राम पंचायत, पंचायत समिति और जिला परिषद सदस्यों को जोड़ा जाएगा।
विधायक साजिद पठाण को कथित तौर पर मिल रहे धमकी भरे फोन का मुद्दा भी सदन में उठा; विपक्ष ने वॉकआउट किया।
मूल प्रश्न विधायक नारायण कुचे ने उठाया था; पूरक प्रश्न राजकुमार बडोले और अतुल भोसले ने पूछे।

महाराष्ट्र सरकार ने विकसित भारत-रोजगार और आजीविका मिशन (ग्रामीण) — जिसे वीबी-जी राम जी योजना के नाम से जाना जाता है — के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए पूरे राज्य में राज्य एवं जिला स्तर पर कार्यशालाएं आयोजित करने का निर्णय लिया है। प्रभारी मंत्री शंभूराज देसाई ने 2 जुलाई को महाराष्ट्र विधानसभा में यह घोषणा करते हुए बताया कि इन कार्यशालाओं का उद्देश्य जनप्रतिनिधियों को योजना की बारीकियों से परिचित कराना और जमीनी स्तर पर इसे सुगम बनाना है।

राज्य स्तरीय कार्यशाला में विधायकों को मिलेगी विशेष जानकारी

मंत्री देसाई ने बताया कि राज्य स्तर पर विधायकों के लिए एक विशेष कार्यशाला आयोजित की जाएगी, जिसमें वीबी-जी राम जी योजना की प्रमुख विशेषताओं के साथ-साथ पूर्व की योजनाओं से समाहित किए गए महत्वपूर्ण प्रावधानों के क्रियान्वयन की विस्तृत जानकारी दी जाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि नई योजना में पुरानी योजनाओं के कुछ अहम प्रावधानों को प्रभावी ढंग से शामिल किया गया है और इन्हें सरल तरीके से लागू करना इन कार्यशालाओं का केंद्रीय लक्ष्य होगा।

जिला स्तर पर ग्राम पंचायत सदस्यों तक पहुंचेगी जानकारी

मंत्री देसाई ने आगे बताया कि प्रत्येक जिले में ग्राम पंचायत सदस्यों, पंचायत समिति सदस्यों और जिला परिषद सदस्यों के लिए भी इसी प्रकार की कार्यशालाएं आयोजित करने के निर्देश जारी किए जाएंगे। यह कदम इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि ग्रामीण रोजगार और आजीविका से जुड़ी इस योजना का सीधा लाभ स्थानीय स्वशासन संस्थाओं के माध्यम से ही आम नागरिकों तक पहुंचेगा। गौरतलब है कि यह मूल प्रश्न विधायक नारायण कुचे ने उठाया था, जबकि विधायक राजकुमार बडोले और अतुल भोसले ने पूरक प्रश्न पूछे।

विधायक साजिद पठाण को धमकी का मुद्दा विधानसभा में गूंजा

उसी दिन विधानसभा में एक अन्य गंभीर मुद्दा भी उठा। विधानसभा सदस्य साजिद पठाण को कथित तौर पर मिल रहे धमकी भरे फोन कॉल का मामला सदन में चर्चा का विषय बना। कांग्रेस विधायक दल के नेता विजय वडेट्टीवार ने स्थगन प्रस्ताव के जरिए यह मामला सदन में उठाया और सरकार से तत्काल कार्रवाई की माँग की। विपक्ष ने सरकार पर इस मामले में लापरवाही का आरोप लगाते हुए जोरदार हंगामा किया।

सरकार की प्रतिक्रिया और विपक्ष का वॉकआउट

सरकार की ओर से मंत्री नितेश राणे ने कहा कि मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस पहले ही इस मामले पर सरकार का पक्ष स्पष्ट कर चुके हैं। मंत्री शंभूराज देसाई ने आश्वासन दिया कि सरकार शिकायत को गंभीरता से दर्ज करेगी और संबंधित विधायक से मामले की विस्तृत जानकारी उपलब्ध कराने का अनुरोध किया गया है। सरकार के इस जवाब से असंतुष्ट विपक्षी सदस्यों ने आरोप लगाया कि सरकार इस मुद्दे के साथ-साथ किसानों से जुड़े अहम विषयों पर भी चर्चा से बच रही है, जिसके बाद विपक्ष ने नारेबाजी करते हुए सदन से वॉकआउट कर दिया।

आगे क्या होगा

वीबी-जी राम जी योजना के तहत राज्य एवं जिला स्तरीय कार्यशालाओं की तिथियाँ शीघ्र घोषित होने की उम्मीद है। यह योजना ग्रामीण रोजगार और आजीविका को नई दिशा देने के उद्देश्य से लागू की गई है, और इसका सफल क्रियान्वयन काफी हद तक स्थानीय जनप्रतिनिधियों की जागरूकता पर निर्भर करेगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली परीक्षा यह है कि क्या ये कार्यशालाएं महज औपचारिकता बनकर रह जाएंगी या वास्तव में जमीनी स्तर पर क्रियान्वयन की खामियाँ दूर करेंगी। महाराष्ट्र में ग्रामीण रोजगार योजनाओं का इतिहास बताता है कि जानकारी के प्रसार और वास्तविक लाभ पहुँचाने के बीच की खाई अक्सर बड़ी रहती है। विपक्ष का वॉकआउट और साजिद पठाण को धमकी का मुद्दा यह भी संकेत देता है कि विधानसभा में सत्ता-विपक्ष के बीच तनाव बढ़ रहा है, जो योजनाओं की निगरानी और जवाबदेही को प्रभावित कर सकता है।
RashtraPress
2 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

वीबी-जी राम जी योजना क्या है?
वीबी-जी राम जी योजना यानी विकसित भारत-रोजगार और आजीविका मिशन (ग्रामीण) महाराष्ट्र में ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार और आजीविका को बढ़ावा देने के उद्देश्य से लागू की गई एक सरकारी योजना है। इसमें पूर्व की कई योजनाओं के महत्वपूर्ण प्रावधानों को भी समाहित किया गया है।
महाराष्ट्र में वीबी-जी राम जी योजना की कार्यशालाएं क्यों आयोजित की जाएंगी?
योजना के प्रावधानों को सरल और प्रभावी तरीके से लागू करने तथा जनप्रतिनिधियों को इसकी पूरी जानकारी देने के लिए ये कार्यशालाएं आयोजित की जाएंगी। राज्य स्तर पर विधायकों और जिला स्तर पर ग्राम पंचायत, पंचायत समिति व जिला परिषद सदस्यों को इनमें शामिल किया जाएगा।
इन कार्यशालाओं की घोषणा किसने और कहाँ की?
प्रभारी मंत्री शंभूराज देसाई ने 2 जुलाई को महाराष्ट्र विधानसभा में यह घोषणा की। यह मूल प्रश्न विधायक नारायण कुचे ने उठाया था।
विधायक साजिद पठाण को धमकी का मामला क्या है?
विधानसभा सदस्य साजिद पठाण को कथित तौर पर धमकी भरे फोन कॉल मिल रहे हैं। कांग्रेस विधायक दल के नेता विजय वडेट्टीवार ने स्थगन प्रस्ताव के जरिए यह मुद्दा सदन में उठाया और सरकार से तत्काल कार्रवाई की माँग की।
महाराष्ट्र विधानसभा में विपक्ष ने वॉकआउट क्यों किया?
सरकार के जवाब से असंतुष्ट विपक्षी सदस्यों ने आरोप लगाया कि सरकार साजिद पठाण को धमकी के मुद्दे और किसानों से जुड़े अहम विषयों पर चर्चा से बच रही है। इसके विरोध में विपक्ष ने नारेबाजी करते हुए सदन से वॉकआउट कर दिया।
राष्ट्र प्रेस
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