बीरभूम के 5 बागी TMC विधायकों को अतिरिक्त सुरक्षा, ऋतब्रत बनर्जी के समर्थन के बाद बड़ा फैसला
सारांश
मुख्य बातें
पश्चिम बंगाल सरकार ने बीरभूम जिले के उन पाँच तृणमूल कांग्रेस (TMC) विधायकों की सुरक्षा बढ़ा दी है, जिन्होंने राज्य विधानसभा में विपक्ष के नेता के रूप में ऋतब्रत बनर्जी का समर्थन किया था। एक वरिष्ठ अधिकारी ने रविवार, 7 जून को यह जानकारी दी। पार्टी के निर्देशों की अनदेखी करने वाले इन विधायकों को अब प्रत्येक को दो अतिरिक्त सशस्त्र सुरक्षा गार्ड मुहैया कराए गए हैं।
किन विधायकों की सुरक्षा बढ़ाई गई
सुरक्षा बढ़ाए गए विधायकों में बीरभूम जिला परिषद के अध्यक्ष एवं हंसन विधायक फैजुल हक (काजल शेख), नलहाटी विधायक राजेंद्र प्रसाद सिंह, मुरारई से विधायक मोशर्रफ हुसैन, पूर्व मंत्री एवं बोलपुर विधायक चंद्रनाथ सिन्हा और नानूर विधायक बिधान चंद्र माझी शामिल हैं।
बगावत की पृष्ठभूमि
सूत्रों के अनुसार, इन पाँचों विधायकों ने पार्टी के आधिकारिक निर्देशों को नकारते हुए नए विपक्षी नेता के रूप में ऋतब्रत बनर्जी का खुलकर समर्थन किया। यह ऐसे समय में आया है जब तृणमूल कांग्रेस की विधायक दल में आंतरिक दरारें लगातार गहरी होती जा रही हैं। पार्टी के एक वर्ग का कहना है कि प्रशासन का यह कदम कथित तौर पर आंदोलनकारी खेमे को मज़बूती देने की सोची-समझी रणनीति है।
दिल्ली तक पहुँच सकती है बगावत
राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि यह बगावत जल्द ही संसदीय स्तर पर भी असर दिखा सकती है। पार्टी के अंदरूनी सूत्रों के अनुसार, तृणमूल के लगभग दो-तिहाई लोकसभा सदस्य शीर्ष नेतृत्व से नाराज़ बताए जा रहे हैं। पश्चिम बंगाल में ऋतब्रत बनर्जी की अगुवाई में जो 'अच्छा तृणमूल' गुट उभरा है, उसकी प्रतिध्वनि नई दिल्ली में भी सुनाई दे सकती है।
काकली घोष दस्तीदार का मामला
वरिष्ठ सांसद काकली घोष दस्तीदार के भी इसी राह पर चलने की अटकलें हैं। हाल ही में उन्होंने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को पत्र लिखकर पार्टी के सांसद कल्याण बनर्जी पर अपमानजनक व्यवहार और महिला-विरोधी आचरण के आरोप लगाए। उनका कहना है कि कल्याण बनर्जी ने लोकसभा परिसर के भीतर उन्हें बार-बार परेशान किया।
आगे क्या हो सकता है
यदि संसदीय दल में भी यही विद्रोह फैलता है, तो तृणमूल कांग्रेस को राष्ट्रीय स्तर पर गंभीर संगठनात्मक चुनौती का सामना करना पड़ सकता है। फिलहाल, राज्य सरकार का सुरक्षा बढ़ाने का निर्णय इस पूरे प्रकरण को और जटिल बना रहा है, जिसे लेकर सभी की निगाहें आने वाले दिनों पर टिकी हैं।