संजू सैमसन का खुलासा: रोहित शर्मा की बात पर शुरू में नहीं हुआ यकीन, फिर वेस्टइंडीज के खिलाफ 97* से लिखी इतिहास
सारांश
मुख्य बातें
संजू सैमसन ने स्वीकार किया है कि टी20 वर्ल्ड कप 2026 के दौरान जब कप्तान रोहित शर्मा ने उन्हें भरोसा दिलाया कि टूर्नामेंट में उनकी अहम भूमिका होगी, तो उस वक्त वह उस बात पर विश्वास नहीं कर पाए थे। केरल के इस 31 वर्षीय विकेटकीपर-बल्लेबाज ने बताया कि न्यूजीलैंड सीरीज के बाद मानसिक थकान इतनी गहरी थी कि वर्ल्ड कप की शुरुआत में भी उबरना मुश्किल हो गया था — लेकिन आत्म-चिंतन के उसी दौर से निकलकर उन्होंने वेस्टइंडीज के खिलाफ वर्चुअल क्वार्टर-फाइनल में 97* की मैच जिताऊ पारी खेली और भारत के खिताबी अभियान की नींव रखी।
मुश्किल दौर और रोहित का भरोसा
सैमसन ने बताया कि न्यूजीलैंड सीरीज में प्लेइंग इलेवन से बाहर होने की निराशा उनके चेहरे पर साफ दिखती थी। उन्होंने 'जियोस्टार' से कहा, "सच कहूं तो, उस समय मुझे उनकी बात पर यकीन नहीं हुआ। माफ करना। हो सकता है कि उन्होंने दिल से या अपने अनुभव से कहा हो, लेकिन उस दिन मैं वह नहीं देख पा रहा था जो वह देख रहे थे।" उन्होंने जोड़ा कि उस दिन वह थोड़े परेशान थे और यह उनके भाव-भंगिमा से स्पष्ट था।
वर्ल्ड कप की शुरुआत में भी नहीं उतरे पटरी पर
सैमसन के अनुसार, न्यूजीलैंड सीरीज के महज दो दिन बाद ही भारत का वर्ल्ड कप अभियान शुरू हो गया, जबकि उन्हें किसी झटके से उबरने में कम से कम एक हफ्ता लगता है। उन्होंने कहा, "मुझे बातें मन में दबाकर रखना पसंद नहीं है, इसलिए अगर मैं शत-प्रतिशत ठीक महसूस नहीं कर रहा होता हूं तो यह मेरे चेहरे पर दिख जाता है। पटरी पर लौटने से पहले मैं चार-पांच दिन तक उस दौर से गुजरा।"
आत्म-चिंतन से मिली नई दिशा
इस कठिन दौर को सैमसन ने अंततः आत्म-मंथन के अवसर में बदला। उन्होंने खुद से सवाल पूछे — "मैं क्रिकेट क्यों खेलता हूं? मेरा मकसद क्या है?" उनके शब्दों में, "ऐसा लग रहा था जैसे वर्ल्ड कप के दौरान मैं खुद को फिर से खोज रहा था। और फिर सब कुछ वापस पटरी पर आ गया।" गौरतलब है कि यह मानसिक पुनर्निर्माण ही उनकी सबसे यादगार पारी की असली पृष्ठभूमि बना।
वेस्टइंडीज के खिलाफ 97* — खेल ने सिखाया रास्ता
जिम्बाब्वे के खिलाफ मैच के बाद बेहतर तैयारी के साथ उतरे सैमसन ने वेस्टइंडीज के खिलाफ वर्चुअल क्वार्टर-फाइनल में 97* की नाबाद पारी खेली। उन्होंने बताया कि पावरप्ले के बाद तेजी से रन बनाना उनका स्वाभाविक तरीका है, लेकिन उस मैच में जब भी आक्रमण का मन बनाया, दूसरे छोर पर विकेट गिर जाता था। उन्होंने कहा, "तभी मुझे एहसास हुआ कि खेल ही सबसे बड़ा शिक्षक है। खेल ही आपको बताता है कि क्या करना है।"
भावुक जश्न और आस्था का इज़हार
पारी के बाद सैमसन का जश्न बेहद निजी था, लेकिन वह सार्वजनिक हो गया। उन्होंने कहा, "मैं बहुत आस्थावान हूं। मैं अपने भगवान में विश्वास करता हूं और जानता हूं कि यह मैंने नहीं किया था।" उन्होंने यह भी बताया कि पारी के दौरान कुछ ऐसे शॉट लगे जिन्होंने खुद उन्हें हैरान कर दिया। उनके शब्दों में, "वह पल आखिरी सांस तक मेरे साथ रहेगा। यह बहुत खास था।" यह खुलासा दर्शाता है कि भारत की टी20 वर्ल्ड कप 2026 की जीत के पीछे केवल कौशल नहीं, बल्कि मानसिक संघर्ष और पुनरुत्थान की गहरी कहानी भी है।