21 जुलाई 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

संजू सैमसन का खुलासा: रोहित शर्मा की बात पर शुरू में नहीं हुआ यकीन, फिर वेस्टइंडीज के खिलाफ 97* से लिखी इतिहास

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
संजू सैमसन का खुलासा: रोहित शर्मा की बात पर शुरू में नहीं हुआ यकीन, फिर वेस्टइंडीज के खिलाफ 97* से लिखी इतिहास

सारांश

न्यूजीलैंड सीरीज की निराशा, प्लेइंग इलेवन से बाहर होने का दर्द और रोहित शर्मा की बात पर अविश्वास — संजू सैमसन की टी20 वर्ल्ड कप 2026 की यात्रा सिर्फ क्रिकेट की नहीं, मानसिक पुनर्जन्म की कहानी है। वेस्टइंडीज के खिलाफ 97* उसी संघर्ष का सबसे चमकीला पल था।

मुख्य बातें

संजू सैमसन ने माना कि टी20 वर्ल्ड कप 2026 के दौरान रोहित शर्मा के भरोसे पर शुरुआत में यकीन नहीं हुआ था।
न्यूजीलैंड सीरीज के बाद मानसिक थकान इतनी गहरी थी कि वर्ल्ड कप के पहले चार-पांच दिन वह उबर नहीं पाए।
आत्म-चिंतन और खुद से सवाल पूछने की प्रक्रिया ने उन्हें मानसिक रूप से फिर से तैयार किया।
वेस्टइंडीज के खिलाफ वर्चुअल क्वार्टर-फाइनल में 97* की नाबाद पारी उनकी सबसे यादगार पारियों में से एक रही।
सैमसन ने पारी के बाद भावुक जश्न को आस्था और आभार का इज़हार बताया, न कि व्यक्तिगत उपलब्धि का उत्सव।

संजू सैमसन ने स्वीकार किया है कि टी20 वर्ल्ड कप 2026 के दौरान जब कप्तान रोहित शर्मा ने उन्हें भरोसा दिलाया कि टूर्नामेंट में उनकी अहम भूमिका होगी, तो उस वक्त वह उस बात पर विश्वास नहीं कर पाए थे। केरल के इस 31 वर्षीय विकेटकीपर-बल्लेबाज ने बताया कि न्यूजीलैंड सीरीज के बाद मानसिक थकान इतनी गहरी थी कि वर्ल्ड कप की शुरुआत में भी उबरना मुश्किल हो गया था — लेकिन आत्म-चिंतन के उसी दौर से निकलकर उन्होंने वेस्टइंडीज के खिलाफ वर्चुअल क्वार्टर-फाइनल में 97* की मैच जिताऊ पारी खेली और भारत के खिताबी अभियान की नींव रखी।

मुश्किल दौर और रोहित का भरोसा

सैमसन ने बताया कि न्यूजीलैंड सीरीज में प्लेइंग इलेवन से बाहर होने की निराशा उनके चेहरे पर साफ दिखती थी। उन्होंने 'जियोस्टार' से कहा, "सच कहूं तो, उस समय मुझे उनकी बात पर यकीन नहीं हुआ। माफ करना। हो सकता है कि उन्होंने दिल से या अपने अनुभव से कहा हो, लेकिन उस दिन मैं वह नहीं देख पा रहा था जो वह देख रहे थे।" उन्होंने जोड़ा कि उस दिन वह थोड़े परेशान थे और यह उनके भाव-भंगिमा से स्पष्ट था।

वर्ल्ड कप की शुरुआत में भी नहीं उतरे पटरी पर

सैमसन के अनुसार, न्यूजीलैंड सीरीज के महज दो दिन बाद ही भारत का वर्ल्ड कप अभियान शुरू हो गया, जबकि उन्हें किसी झटके से उबरने में कम से कम एक हफ्ता लगता है। उन्होंने कहा, "मुझे बातें मन में दबाकर रखना पसंद नहीं है, इसलिए अगर मैं शत-प्रतिशत ठीक महसूस नहीं कर रहा होता हूं तो यह मेरे चेहरे पर दिख जाता है। पटरी पर लौटने से पहले मैं चार-पांच दिन तक उस दौर से गुजरा।"

आत्म-चिंतन से मिली नई दिशा

इस कठिन दौर को सैमसन ने अंततः आत्म-मंथन के अवसर में बदला। उन्होंने खुद से सवाल पूछे — "मैं क्रिकेट क्यों खेलता हूं? मेरा मकसद क्या है?" उनके शब्दों में, "ऐसा लग रहा था जैसे वर्ल्ड कप के दौरान मैं खुद को फिर से खोज रहा था। और फिर सब कुछ वापस पटरी पर आ गया।" गौरतलब है कि यह मानसिक पुनर्निर्माण ही उनकी सबसे यादगार पारी की असली पृष्ठभूमि बना।

वेस्टइंडीज के खिलाफ 97* — खेल ने सिखाया रास्ता

जिम्बाब्वे के खिलाफ मैच के बाद बेहतर तैयारी के साथ उतरे सैमसन ने वेस्टइंडीज के खिलाफ वर्चुअल क्वार्टर-फाइनल में 97* की नाबाद पारी खेली। उन्होंने बताया कि पावरप्ले के बाद तेजी से रन बनाना उनका स्वाभाविक तरीका है, लेकिन उस मैच में जब भी आक्रमण का मन बनाया, दूसरे छोर पर विकेट गिर जाता था। उन्होंने कहा, "तभी मुझे एहसास हुआ कि खेल ही सबसे बड़ा शिक्षक है। खेल ही आपको बताता है कि क्या करना है।"

भावुक जश्न और आस्था का इज़हार

पारी के बाद सैमसन का जश्न बेहद निजी था, लेकिन वह सार्वजनिक हो गया। उन्होंने कहा, "मैं बहुत आस्थावान हूं। मैं अपने भगवान में विश्वास करता हूं और जानता हूं कि यह मैंने नहीं किया था।" उन्होंने यह भी बताया कि पारी के दौरान कुछ ऐसे शॉट लगे जिन्होंने खुद उन्हें हैरान कर दिया। उनके शब्दों में, "वह पल आखिरी सांस तक मेरे साथ रहेगा। यह बहुत खास था।" यह खुलासा दर्शाता है कि भारत की टी20 वर्ल्ड कप 2026 की जीत के पीछे केवल कौशल नहीं, बल्कि मानसिक संघर्ष और पुनरुत्थान की गहरी कहानी भी है।

संपादकीय दृष्टिकोण

या इसके लिए कोई संस्थागत ढाँचा भी है?
RashtraPress
21 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

संजू सैमसन ने रोहित शर्मा के भरोसे पर यकीन क्यों नहीं किया?
न्यूजीलैंड सीरीज में प्लेइंग इलेवन से बाहर होने के बाद सैमसन मानसिक रूप से थके हुए थे और उस वक्त वह वह नज़रिया नहीं देख पा रहे थे जो रोहित उनके लिए देख रहे थे। उन्होंने खुद कहा कि उस दिन वह परेशान थे और यह उनके चेहरे पर साफ दिखता था।
वेस्टइंडीज के खिलाफ सैमसन की 97* पारी कितनी अहम थी?
यह पारी वर्चुअल क्वार्टर-फाइनल में खेली गई थी और भारत के टी20 वर्ल्ड कप 2026 अभियान की सबसे यादगार पारियों में से एक मानी जाती है। सैमसन ने एक छोर से विकेट गिरने के बावजूद संयम बनाए रखा और टीम को जीत दिलाई।
सैमसन ने मानसिक थकान से कैसे उबरना शुरू किया?
सैमसन ने खुद से सवाल पूछना शुरू किया — कि वह क्रिकेट क्यों खेलते हैं और उनका मकसद क्या है। इस आत्म-चिंतन की प्रक्रिया ने उन्हें वर्ल्ड कप के दौरान ही मानसिक रूप से फिर से तैयार किया।
सैमसन के भावुक जश्न का क्या मतलब था?
सैमसन ने बताया कि वह जश्न बेहद निजी था और यह व्यक्तिगत जीत का नहीं, बल्कि आस्था और आभार का इज़हार था। उनके अनुसार वह पल उनके साथ आखिरी सांस तक रहेगा।
टी20 वर्ल्ड कप 2026 में सैमसन की भूमिका क्या रही?
सैमसन टूर्नामेंट के शुरुआती दौर में प्लेइंग इलेवन से बाहर रहे, लेकिन बाद में वापसी कर वेस्टइंडीज के खिलाफ 97* की नाबाद पारी खेली जो भारत के खिताबी अभियान की निर्णायक कड़ी बनी।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 4 महीने पहले
  2. 4 महीने पहले
  3. 4 महीने पहले
  4. 4 महीने पहले
  5. 4 महीने पहले
  6. 4 महीने पहले
  7. 4 महीने पहले
  8. 4 महीने पहले