विजय यादव: विकेटकीपिंग से हरियाणा को रणजी चैंपियन बनाने वाले, टीम इंडिया के लिए 20 मैच खेले

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
विजय यादव: विकेटकीपिंग से हरियाणा को रणजी चैंपियन बनाने वाले, टीम इंडिया के लिए 20 मैच खेले

सारांश

विजय यादव ने अपनी विकेटकीपिंग के दम पर हरियाणा को रणजी चैंपियन बनाया। जानें उनके करियर की अनकही बातें और चुनौतियों के बारे में।

मुख्य बातें

विजय यादव ने विकेटकीपिंग के माध्यम से हरियाणा को रणजी चैंपियन बनाया।
उन्होंने 1990-91 में रणजी ट्रॉफी जीतने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
उनका अंतरराष्ट्रीय करियर 1992-94 के बीच रहा।
विजय ने भारतीय टीम के लिए 20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबले खेले।
उनका व्यक्तिगत जीवन एक कार दुर्घटना के कारण प्रभावित हुआ।

नई दिल्ली, 13 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। आजकल किसी wicketkeeper के लिए wicketkeeping के साथ-साथ batsmanship में भी माहिर होना अनिवार्य है। बल्लेबाजी और विकेटकीपिंग के कौशल के आधार पर ही किसी खिलाड़ी को भारतीय टीम या आईपीएल में खेलने का अवसर मिलता है। एमएस धोनी के आगमन के बाद, विकेटकीपर के लिए एक बेहतर बल्लेबाज होना और भी आवश्यक हो गया है।

एक समय था जब कई खिलाड़ी विकेटकीपिंग की वजह से भारत के लिए खेलते थे। इनमें से एक महत्वपूर्ण नाम है विजय यादव। अपनी उत्कृष्ट विकेटकीपिंग के चलते उन्होंने हरियाणा को रणजी ट्रॉफी का चैंपियन बनाया।

विजय यादव का जन्म 14 मार्च 1967 को गोंडा, उत्तर प्रदेश में हुआ था। उन्होंने हरियाणा के लिए घरेलू क्रिकेट खेलना शुरू किया और 1987-88 सत्र में डेब्यू किया। 1990-91 में हरियाणा ने मुंबई को हराकर रणजी ट्रॉफी का खिताब जीता और इस सीजन में उनकी विकेटकीपिंग का प्रदर्शन अद्भुत रहा। उन्होंने 24 कैच पकड़े और 6 बल्लेबाजों को स्टंप किया। अगले सीजन में विकेट के पीछे उन्होंने 25 सफलताएं दर्ज कीं। इसके फलस्वरूप उन्हें 1992-93 में दक्षिण अफ्रीका दौरे पर खेलने का मौका मिला।

विकेटकीपिंग के साथ-साथ निचले क्रम में आक्रामक बल्लेबाजी करने वाले विजय का अंतरराष्ट्रीय करियर संक्षिप्त (1992-94) रहा। दो साल की अवधि में, उन्होंने भारतीय क्रिकेट टीम के लिए 1 टेस्ट और 19 वनडे मुकाबले खेले। टेस्ट में उनकी एक पारी में 30 रन और वनडे में 12 पारियों में 118 रन बने, जिसमें से 2 बार नाबाद रहकर उनका उच्चतम स्कोर 34 रन रहा। विजय ने टेस्ट में 1 कैच और 1 स्टंप किया, वहीं वनडे में उनके नाम 12 कैच और 7 स्टंपिंग हैं।

विजय ने दिसंबर 1992 में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ वनडे से अपने अंतरराष्ट्रीय करियर की शुरुआत की और मार्च 1993 में अपना एकमात्र टेस्ट खेला। उनका अंतिम अंतरराष्ट्रीय मैच 5 नवंबर 1994 को हुआ।

उनका घरेलू करियर बहुत लंबा रहा। 1987-88 से 1998-99 के बीच, उन्होंने हरियाणा के लिए 89 प्रथम श्रेणी और 67 लिस्ट ए मैच खेले। प्रथम श्रेणी में उन्होंने 7 शतक और 23 अर्धशतक की मदद से 3,988 रन बनाए, जबकि लिस्ट ए में 1 अर्धशतक के साथ 748 रन बनाए। प्रथम श्रेणी में उनके नाम 237 कैच और 46 स्टंपिंग, और लिस्ट ए में 52 कैच और 33 स्टंपिंग हैं। 1999 के बाद, उन्होंने घरेलू क्रिकेट से भी विदाई ले ली।

2006 में वह एक कार दुर्घटना का शिकार हुए थे जिसमें उनके 11 साल के बेटे की मृत्यु हो गई। इस हादसे के बाद से विजय यादव अक्सर अस्वस्थ रहते हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

जो न केवल उनके खेल कौशल को दर्शाती है बल्कि उनके संघर्ष और व्यक्तिगत चुनौतियों को भी उजागर करती है। एक खिलाड़ी के रूप में उनका योगदान अद्वितीय है और उन्हें भारतीय क्रिकेट में हमेशा याद किया जाएगा।
RashtraPress
14 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

विजय यादव का जन्म कब और कहाँ हुआ?
विजय यादव का जन्म 14 मार्च 1967 को गोंडा, उत्तर प्रदेश में हुआ।
विजय यादव ने कितने अंतरराष्ट्रीय मैच खेले?
उन्होंने भारतीय क्रिकेट टीम के लिए 1 टेस्ट और 19 वनडे मैच खेले।
विजय यादव ने कब रणजी ट्रॉफी जीती?
उन्होंने 1990-91 में हरियाणा की ओर से मुंबई को हराकर रणजी ट्रॉफी का खिताब जीता।
विजय यादव का सर्वाधिक स्कोर क्या है?
उनका सर्वाधिक स्कोर वनडे में नाबाद 34 रन है।
विजय यादव की व्यक्तिगत चुनौतियाँ क्या थीं?
2006 में एक कार दुर्घटना में उनके 11 साल के बेटे की मृत्यु हो गई, जिसके बाद वे अक्सर अस्वस्थ रहते हैं।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 2 महीने पहले
  2. 2 महीने पहले
  3. 4 महीने पहले
  4. 7 महीने पहले
  5. 7 महीने पहले
  6. 9 महीने पहले
  7. 10 महीने पहले
  8. 10 महीने पहले