8 मई पंचांग: ज्येष्ठ कृष्ण षष्ठी पर सर्वार्थ सिद्धि, रवि योग व विजय मुहूर्त का दुर्लभ संयोग, भद्रा भी रहेगी सक्रिय
सारांश
मुख्य बातें
नई दिल्ली। सनातन धर्म में पंचांग को दिनचर्या का आधार माना जाता है। तिथि, वार, करण, योग और नक्षत्र — इन पाँचों अंगों के समन्वय से ही शुभ-अशुभ समय का निर्धारण होता है। 8 मई 2025 (शुक्रवार) को ज्येष्ठ मास की कृष्ण पक्ष षष्ठी तिथि है, और इस दिन सर्वार्थ सिद्धि योग, रवि योग तथा विजय मुहूर्त का दुर्लभ त्रिसंयोग बन रहा है। साथ ही भद्रा भी दोपहर से प्रभावी रहेगी, जिससे शुभ कार्यों के लिए समय चुनते वक्त सावधानी आवश्यक है।
तिथि, नक्षत्र और मुख्य योग
सूर्योदय सुबह 5 बजकर 35 मिनट पर होगा और सूर्यास्त शाम 7 बजकर 1 मिनट पर। ज्येष्ठ कृष्ण षष्ठी तिथि दोपहर 12 बजकर 21 मिनट तक रहेगी, इसके पश्चात सप्तमी तिथि आरंभ होगी। किंतु उदयातिथि के नियमानुसार पूरे दिन षष्ठी तिथि ही मान्य रहेगी। उत्तराषाढ़ा नक्षत्र रात 9 बजकर 20 मिनट तक रहेगा, उसके बाद श्रवण नक्षत्र लगेगा। योग शुभ और करण वणिज रहेगा।
शुभ मुहूर्त और योगों का विवरण
इस दिन का सबसे महत्वपूर्ण संयोग सर्वार्थ सिद्धि योग है, जो शाम 9 बजकर 20 मिनट से 9 मई की सुबह 5 बजकर 34 मिनट तक प्रभावी रहेगा। मान्यता है कि इस योग में आरंभ किए गए किसी भी शुभ कार्य को पूर्ण सफलता मिलती है।
रवि योग पूरे दिन यानी सुबह 5 बजकर 35 मिनट से रात 9 बजकर 20 मिनट तक बना रहेगा। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार रवि योग में किए गए कार्यों को विशेष ऊर्जा और गति प्राप्त होती है।
विजय मुहूर्त दोपहर 2 बजकर 32 मिनट से 3 बजकर 26 मिनट तक रहेगा। इस अवधि में नया कार्य आरंभ करना, यात्रा पर निकलना या महत्वपूर्ण निर्णय लेना शुभ फलदायी माना जाता है।
अभिजीत मुहूर्त दोपहर 11 बजकर 51 मिनट से 12 बजकर 45 मिनट तक रहेगा — यह समय शुभ कार्यों के लिए अत्यंत उत्तम माना जाता है। अमृत काल दोपहर 2 बजकर 15 मिनट से शाम 4 बजकर 1 मिनट तक प्रभावी रहेगा।
भद्रा और अशुभ समय
भद्रा दोपहर 12 बजकर 21 मिनट से 9 मई की देर रात 1 बजकर 16 मिनट तक रहेगी। भद्रा काल में विवाह, गृह प्रवेश, मुंडन जैसे शुभ कार्यों से बचने की परंपरागत सलाह दी जाती है।
राहुकाल सुबह 10 बजकर 37 मिनट से दोपहर 12 बजकर 18 मिनट तक रहेगा। यमगंड दोपहर 3 बजकर 39 मिनट से शाम 5 बजकर 20 मिनट तक, गुलिक काल सुबह 7 बजकर 16 मिनट से 8 बजकर 56 मिनट तक और दुर्मुहूर्त सुबह 8 बजकर 16 मिनट से 9 बजकर 10 मिनट तक प्रभावी रहेगा।
आम जनता के लिए मार्गदर्शन
जो लोग 8 मई को कोई नया व्यवसाय, निवेश या यात्रा आरंभ करने की योजना बना रहे हैं, उनके लिए अभिजीत मुहूर्त (दोपहर 11:51 से 12:45) और विजय मुहूर्त (दोपहर 2:32 से 3:26) सर्वोत्तम विकल्प हैं। भद्रा के प्रभाव को देखते हुए दोपहर 12:21 के बाद शुभ कार्यों में सावधानी बरतें। रात्रि में सर्वार्थ सिद्धि योग के दौरान धार्मिक अनुष्ठान और संकल्प लेना विशेष फलदायी माना जाएगा।